क्या लालू परिवार पर गुरु प्रकाश पासवान ने सही तंज कसा?
सारांश
Key Takeaways
- लालू परिवार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं।
- कोर्ट ने 52 आरोपियों को आरोपमुक्त किया।
- अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।
- भ्रष्टाचार के मामलों में न्याय की आवश्यकता है।
- राजनीति में इस मुद्दे का गहरा प्रभाव पड़ेगा।
पटना, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। लैंड फॉर जॉब विवाद में लालू परिवार पर आरोप तय होने के बाद से राजनीतिक हलचल थमने का नाम नहीं ले रही है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा कि पाप का घड़ा एक दिन फूटना ही था और यही हाल लालू यादव के साथ हुआ है।
गुरु प्रकाश पासवान ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा कि जिस तरह से लालू परिवार ने भ्रष्टाचार का एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया, अब कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। भारत के इतिहास में पहली बार बिना किसी विज्ञापन के नौकरियों का वितरण हुआ और उसके बाद भूमि का हस्तांतरण हुआ।
उन्होंने कहा कि यह किसी से छुपा नहीं है कि लालू परिवार ने कई सरकारी ज़मीनें अपने नाम पर करवा ली थीं। इन लोगों ने अपने शासन में जिस प्रकार से कार्य किए हैं, भविष्य में कोई भी इस तरह का कार्य नहीं करेगा। हम सब कोर्ट के आदेश का पालन करते हैं।
दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में कुल 98 आरोपियों में से 52 को आरोपमुक्त कर दिया था, जबकि बाकी के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने यह भी बताया कि इस मामले में 5 आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है। अब 41 लोगों के खिलाफ मुकदमा चलेगा। अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।
अदालत ने पूर्व रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के कई सदस्यों- राबड़ी देवी, तेज प्रताप यादव, तेजस्वी यादव, मीसा भारती और हेमा यादव- के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया।
आरोप है कि लालू प्रसाद यादव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पत्नी और बच्चों के नाम पर अचल संपत्तियां जुटाईं। अदालत के अनुसार, इस मामले में अन्य आरोपियों ने भी आपराधिक षड्यंत्र में सक्रियता से सहयोग किया। कोर्ट ने कहा कि रेलवे में नौकरियों के बदले भूमि का एक तरह का विनिमय प्रणाली चल रहा था, जिसके तहत कई लोगों को रेलवे में नौकरी दी गई और बदले में उनकी या उनके परिजनों की ज़मीन ली गई।