क्या एनआईडीएमएस आतंकवाद के खिलाफ अगली पीढ़ी की सुरक्षा कवच बनेगा?: गृह मंत्री अमित शाह
सारांश
Key Takeaways
- एनआईडीएमएस का उद्घाटन गृह मंत्री अमित शाह ने किया।
- यह प्रणाली डेटा को एकीकृत करके सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाएगी।
- एनआईए, एटीएस और राज्य पुलिस को लाभ मिलेगा।
- आतंकवादी गतिविधियों की जांच में मदद मिलेगी।
- यह एक सुरक्षित राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
नई दिल्ली, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के राष्ट्रीय आईईडी डेटा प्रबंधन प्रणाली (एनआईडीएमएस) का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (आईबी) के निदेशक, एनएसजी के महानिदेशक, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के महानिदेशक और राज्यों के पुलिस महानिदेशक भी उपस्थित थे।
अपने संबोधन के दौरान, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 6 वर्षों में विभिन्न प्रकार के डेटा का संकलन और व्यवस्थित तरीके से एकत्रित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि एनआईडीएमएस भविष्य में देश भर में होने वाली सभी प्रकार की आतंकवादी घटनाओं की जांच और उनके विभिन्न पहलुओं के विश्लेषण में अत्यधिक सहायक सिद्ध होगा। यह प्रणाली आतंकवाद के खिलाफ अगली पीढ़ी का सुरक्षा कवच बनेगी।
गृह मंत्री ने कहा कि गृह मंत्रालय ने अतीत में कई प्रकार के डेटा सृजित किए हैं। अब हम इन डेटा स्रोतों को एकत्रित कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित एक उन्नत सॉफ्टवेयर विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एनआईडीएमएस की आज की शुरुआत इस प्रक्रिया को गति प्रदान करेगी और देश को आतंकवाद से सुरक्षित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
अमित शाह ने उल्लेख किया कि एनआईडीएमएस से एनआईए, देशभर की एटीएस, राज्यों की पुलिस और सभी सीएपीएफ को एक व्यापक, एकीकृत और ऑनलाइन डेटा प्लेटफॉर्म प्राप्त होगा, जो दो-तरफा होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थान पर हुए विस्फोट या आईईडी संबंधी घटना का डेटा इस प्रणाली में शामिल किया जाएगा। इस डेटा का उपयोग करके हर राज्य में जांच के दौरान आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकेगा। एनआईडीएमएस आतंकी गतिविधियों की जांच, विस्फोटों के ट्रेंड समझने और उनके खिलाफ प्रभावी रणनीति बनाने में अत्यधिक महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि एनएसजी के पास जो डेटाबेस है, उसमें 1999 से अब तक सभी बम विस्फोटों से संबंधित डेटा संग्रहीत है। एनआईडीएमएस के माध्यम से यह डेटा अब देशभर की पुलिस और संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध होगा। यह प्रणाली देश में हुए बम विस्फोटों के पैटर्न और विस्फोटकों का सटीक विश्लेषण करने का एक मजबूत आधार बनेगी।
अमित शाह ने बताया कि एनआईडीएमएस एक सुरक्षित राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से देशभर में बम विस्फोट संबंधी घटनाओं का संगठित रूप से विश्लेषण किया जा सकेगा। यह प्रणाली आईईडी संबंधित डेटा को संकलित करने, मानकीकृत करने और सुरक्षित तरीके से साझा करने की प्रक्रिया को मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि एनआईडीएमएस जांच एजेंसियों और एंटी टेरर संगठनों के लिए एक ही स्थान पर बिखरे डेटा का सिंगल क्लिक एक्सेस उपलब्ध कराएगा। इस प्लेटफॉर्म से केन्द्र एवं राज्यों की जांच एजेंसियों, आतंकवाद-निरोधक संगठनों और सभी सीएपीएफ को डेटा तुरंत उपलब्ध होगा।
अमित शाह ने कहा कि 'एक राष्ट्र, एक डेटा भंडार' के माध्यम से विभिन्न विभागों में बिखरा डेटा अब एक राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में हर पुलिस इकाई को उपलब्ध होगा। इससे अभियोजन की गति और गुणवत्ता में सकारात्मक बदलाव आएगा और हम पैटर्न को आसानी से समझ पाएंगे। यह वैज्ञानिक साक्ष्य आधारित अभियोजन को संभव बनाएगा और एजेंसियों के बीच समन्वय भी बेहतर होगा।