क्या भाजपा नेताओं ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र देकर आतिशी की सदस्यता खत्म करने की मांग की?

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क्या भाजपा नेताओं ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र देकर आतिशी की सदस्यता खत्म करने की मांग की?

सारांश

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के खिलाफ भाजपा नेताओं का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। सिख गुरुओं पर उनकी टिप्पणियों को लेकर भाजपा ने उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। क्या यह राजनीतिक विवाद और भी गहरा होगा?

मुख्य बातें

भाजपा ने आतिशी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सिख गुरुओं पर टिप्पणियों को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है।
दिल्ली विधानसभा में राजनीतिक तकरार जारी है।

नई दिल्ली, ८ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी की सिख गुरुओं पर कथित टिप्पणियों को लेकर राजनीति का घेरा तंग होता जा रहा है। भाजपा नेताओं ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर उनकी सदस्यता समाप्त करने और आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है।

दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "सदन के कई सदस्यों का मानना है कि विधानसभा के अंदर का बर्ताव गलत था और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। गुरुओं का अपमान करने जैसे गंभीर अपराध के बाद कोई बिना जवाब दिए बच नहीं सकता। कई सदस्यों, बल्कि लगभग पूरी विधानसभा का मानना है कि जो लोग गुरुओं में आस्था रखते हैं, वे विधानसभा के अंदर विपक्ष के नेता के इस अपमानजनक व्यवहार को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ सकते। इतना गंभीर अपराध करने के बाद वे बिना अपनी बात रखे बाहर नहीं जा सकते। इस मामले पर सदस्यों की भावनाएं और गुस्सा अभी कम नहीं हुई हैं।"

भाजपा विधायक हरीश खुराना ने कहा, "विपक्ष की गंभीरता तब साफ हो जाती है जब वे कई दिनों से चिल्ला रहे हैं कि प्रदूषण पर चर्चा होनी चाहिए। हालांकि, इस सदन को चलाने में विपक्ष का व्यवहार बिल्कुल भी गंभीर नहीं रहा है। पहले उन्होंने शहीदों का अपमान किया, फिर उन्होंने हमारे गुरुओं का अपमान किया। जब प्रदूषण पर चर्चा का दिन आया, तो वह सेशन से गायब हो गईं। आज, हम मांग करेंगे कि उन्हें विधानसभा में आना चाहिए, अपना पक्ष रखना चाहिए, और हमारे गुरुओं का अपमान करने के लिए विधानसभा से माफी मांगनी चाहिए।"

भाजपा विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने कहा, "नहीं, यह तब तय होगा जब सदन चलेगा और वहां क्या कहा जाता है, उसके आधार पर फैसला होगा। लेकिन अगर विपक्ष की नेता हमारी महान हस्तियों के बारे में ऐसे शब्द कहती हैं, तो इससे ज्यादा निंदनीय और क्या हो सकता है? मेरा मानना है कि दिल्ली की राजनीति में यह पहली ऐसी घटना होगी। ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि ये न सिर्फ गुरु का अपमान करते हैं, बल्कि पूरे समुदाय को भी नीचा दिखाते हैं। मेरी राय में यह सही नहीं है।"

भाजपा विधायक सूर्य प्रकाश खत्री ने कहा, "हम दिल्ली के विकास के लिए यहां आए हैं और दिल्ली की जनता ने हमें शासन करने की जिम्मेदारी सौंपी है। हमारे सभी विधायक ईमानदारी और लगन से काम कर रहे हैं। विपक्ष असल में अपने पिछले कामों, अपने भ्रष्टाचार, अपनी नाकाम नीतियों और उस लापरवाही से भागने की कोशिश कर रहा है जिसने दिल्ली को बर्बाद कर दिया। हम दिल्ली को विकास के रास्ते पर आगे ले जाना चाहते हैं। मैं आज बस एक ही बात कह रहा हूं, आप खुद इस बारे में सोचिए।"

भाजपा विधायक रवि नेगी ने कहा, "गुरुओं, सिख समुदाय और उन गुरुओं के बारे में चर्चा हो रही है, जिनके प्रयासों से हिंदू धर्म बचा रहा। जब विधानसभा में उनके योगदान के बारे में बताया जा रहा था, तो दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी खड़ी हुईं और सिख गुरुओं के बारे में आपत्तिजनक बयान दिए।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह देखना होगा कि यह मामला कैसे आगे बढ़ता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आतिशी ने सिख गुरुओं पर क्या टिप्पणी की थी?
आतिशी ने सिख गुरुओं पर कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की थीं, जिसके चलते भाजपा नेताओं ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा नेताओं का अगला कदम क्या होगा?
भाजपा नेता उनकी सदस्यता खत्म करने के साथ-साथ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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