तेलंगाना नेता के. कविता का मूसी नदी को लेकर गंभीर आरोप: क्या है सच?

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तेलंगाना नेता के. कविता का मूसी नदी को लेकर गंभीर आरोप: क्या है सच?

सारांश

तेलंगाना जागृति की नेता के. कविता ने मूसी नदी के किनारे की जमीन को विश्व बैंक के पास गिरवी रखने का आरोप लगाया है। क्या यह सच है? जानें इस विवाद के पीछे की कहानी।

Key Takeaways

  • के. कविता ने मूसी नदी के किनारे की जमीन को गिरवी रखने का आरोप लगाया है।
  • सरकार की पारदर्शिता पर सवाल उठाए गए हैं।
  • कविता ने एवी रंगनाथ के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज करने की योजना बनाई है।
  • गरीबों के खिलाफ कार्रवाई का आरोप लगाया गया है।
  • आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता।

हैदराबाद, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना जागृति की प्रमुख के. कविता ने रविवार को खुलासा किया कि प्रदेश सरकार मूसी नदी के किनारे की जमीन को विश्व बैंक के पास गिरवी रखने का प्रयास कर रही है। उनका कहना है कि यह सब मूसी रिवरफ्रंट विकास परियोजना के नाम पर हो रहा है।

के. कविता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इस परियोजना से आम जनता को क्या लाभ मिलेगा।

उनका कहना है कि इस परियोजना की विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) अब तक तैयार नहीं हुई है, जिससे यह संदेह होता है कि सरकार कुछ छिपाने का प्रयास कर रही है।

कविता ने यह भी बताया कि वह हैदराबाद डिजास्‍टर रिस्‍पोंस एंड असेट प्रोटेक्‍शन एजेंसी (एचवाईडीआरएए) के कमिश्नर एवी रंगनाथ के खिलाफ मानहानि का केस दाखिल करेंगी। उनका आरोप है कि रंगनाथ ने उनके खिलाफ गलत आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की है।

उन्होंने कहा कि रंगनाथ ने पहले एक पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि आदित्य कंस्ट्रक्शंस जमीन पर अवैध कब्जा कर रही है। जब उन्होंने इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया तो उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई।

कविता ने चेतावनी दी कि यदि आज शाम तक उनके खिलाफ पोस्ट किए गए वीडियो नहीं हटाए गए, तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगी।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों का कहना था कि मूसी नदी के किनारे से 30 मीटर के भीतर सभी ढांचों को गिरा दिया जाएगा, लेकिन हाल ही में उन्होंने एक निजी संपत्ति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जो सीधे मूसी नदी के बीच में बनाई जा रही है।

कविता ने आरोप लगाया कि उन्होंने अब तक छह शिकायतें सबूतों के साथ अधिकारियों को दीं, लेकिन किसी पर भी कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि गरीबों के घरों को ही तोड़ा जा रहा है, जबकि अमीरों की संपत्तियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।”

कविता ने यह भी कहा कि मूसी नदी के पुनर्जीवन की योजना ऐसी होनी चाहिए जिससे वास्तव में आम जनता को लाभ मिले।

उन्होंने याद दिलाया कि पिछली सरकार के समय मूसी नदी के बीच में निर्माण की अनुमति नहीं दी जाती थी, लेकिन अब यह अनुमति क्यों दी जा रही है, यह एक बड़ा सवाल है।

उन्होंने पूछा, “इन अनुमतियों के पीछे आखिर क्या गड़बड़ी या सौदेबाजी है?”

कविता ने आरोप लगाया कि राज्य की सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार ने जनता के सामने कई समस्याएं खड़ी कर दी हैं।

खम्मम जिले के वेलुगुमटला इलाके में गरीबों के घरों को तोड़े जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी 17 मार्च को एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाएगी। कविता ने कहा कि जब तक पीड़ितों को न्याय और राहत नहीं मिलती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

Point of View

जहां नेता के. कविता ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यह मामला न केवल स्थानीय निवासियों के अधिकारों से जुड़ा है, बल्कि विकास परियोजनाओं की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाता है।
NationPress
18/03/2026

Frequently Asked Questions

के. कविता ने किस परियोजना पर आरोप लगाया?
के. कविता ने मूसी रिवरफ्रंट विकास परियोजना पर आरोप लगाया है कि सरकार इसे विश्व बैंक के पास गिरवी रखने की कोशिश कर रही है।
क्या सरकार ने इस परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट जारी की है?
नहीं, के. कविता के अनुसार, इस परियोजना की विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) अब तक तैयार नहीं हुई है।
कविता ने किसके खिलाफ मानहानि का केस दर्ज करने की बात कही?
कविता ने एवी रंगनाथ के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज करने का इरादा व्यक्त किया है।
क्या सरकार ने मूसी नदी के किनारे किसी निर्माण की अनुमति दी है?
कविता ने कहा कि पहले ऐसी अनुमति नहीं दी जाती थी, लेकिन अब इसे लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
कविता का आंदोलन कब तक चलेगा?
कविता ने कहा कि जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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