तेलंगाना में नई क्षेत्रीय पार्टी का बड़ा ऐलान: के. कविता ने कहा — BRS में वापसी नहीं, महिला आरक्षण होगा पहली प्राथमिकता
सारांश
Key Takeaways
- के. कविता ने 24 अप्रैल 2025 को तेलंगाना में एक नई क्षेत्रीय पार्टी लॉन्च करने की घोषणा की।
- उन्होंने भारत राष्ट्र समिति (BRS) में कभी वापस न जाने का स्पष्ट ऐलान किया।
- महिला आरक्षण को पार्टी की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया गया।
- OBC के लिए राजनीति, शिक्षा और आर्थिक क्षेत्र में 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग दोहराई।
- कविता ने दावा किया कि उनकी पार्टी बिना किसी गठबंधन के तेलंगाना में अगली सरकार बनाएगी।
- केंद्र में किसी भी सत्तारूढ़ दल के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने की बात कही।
हैदराबाद, 24 अप्रैल। तेलंगाना की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव की दस्तक सुनाई दे रही है। तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता ने अपनी नई क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी के आधिकारिक लॉन्च से पहले राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत में कई अहम घोषणाएं कीं — जिनमें भारत राष्ट्र समिति (BRS) से पूर्ण सम्बन्ध-विच्छेद, महिला आरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देना और OBC के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग प्रमुख हैं।
तेलंगाना को क्यों चाहिए नई क्षेत्रीय पार्टी?
के. कविता ने अपनी नई पार्टी की जरूरत को स्पष्ट करते हुए कहा कि "भारत राज्यों का एक संघ है और जब तक राज्य मजबूत नहीं होंगे, देश का विकास संभव नहीं।" उनका मानना है कि राज्यों की असली तरक्की क्षेत्रीय पार्टियों के माध्यम से ही संभव है, क्योंकि राष्ट्रीय दल अक्सर स्थानीय मुद्दों को नजरअंदाज कर देते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी नई पार्टी का केंद्रबिंदु तेलंगाना राज्य और उसके स्थानीय मुद्दे होंगे। साथ ही, जो राष्ट्रीय मुद्दे सीधे तेलंगाना को प्रभावित करते हैं, उन पर भी पार्टी की स्पष्ट और मुखर राय रहेगी।
BRS से पूर्ण सम्बन्ध-विच्छेद — व्यक्तिगत माफी, राजनीतिक अलगाव
के. कविता ने भारत राष्ट्र समिति (BRS) के साथ अपने भविष्य के रिश्ते को लेकर बेहद साफ शब्दों में कहा, "मैं कभी भी BRS में वापस नहीं जाऊंगी और न ही उनके साथ काम करना चाहूंगी।" हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि व्यक्तिगत स्तर पर उन्होंने सभी को माफ कर दिया है, लेकिन राजनीतिक रास्ता अब बिल्कुल अलग है।
गौरतलब है कि के. कविता पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) की पुत्री हैं और BRS की वरिष्ठ नेता रही हैं। दिल्ली शराब घोटाले में उनकी गिरफ्तारी और लंबी कानूनी लड़ाई के बाद उनका BRS से मोहभंग जगजाहिर हो गया था। यह अलगाव तेलंगाना की राजनीति में एक बड़े ध्रुवीकरण का संकेत है।
महिला आरक्षण और OBC कोटा — दो बड़े वादे
के. कविता ने महिलाओं के लिए राजनीतिक आरक्षण को अपनी पार्टी की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे के लिए वे पहले भी लड़ चुकी हैं और आगे भी संघर्ष जारी रखेंगी। यह वही मुद्दा है जिस पर उन्होंने संसद में भी आवाज उठाई थी।
इसके अलावा, उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए राजनीति, शिक्षा और आर्थिक क्षेत्र तीनों में 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग दोहराई। उन्होंने कहा, "यह मेरा वादा है कि मैं इन मुद्दों के लिए लगातार लड़ूंगी — ये ऐसे राष्ट्रीय मुद्दे हैं जिन पर हर राज्य को स्पष्ट राय रखनी चाहिए।"
सरकार बनाने का दावा — गठबंधन की जरूरत नहीं
आगामी तेलंगाना विधानसभा चुनावों को लेकर के. कविता ने पूरे आत्मविश्वास के साथ दावा किया कि उनकी पार्टी अकेले दम पर अगली सरकार बनाएगी और इसके लिए किसी गठबंधन की आवश्यकता नहीं होगी।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार बनने के बाद केंद्र में चाहे भाजपा हो या कोई अन्य दल — सभी के साथ सौहार्दपूर्ण और सहयोगात्मक संबंध बनाए रखे जाएंगे। यह बयान उनकी व्यावहारिक राजनीतिक समझ को दर्शाता है।
विश्लेषण: तेलंगाना की राजनीति में क्या बदलेगा?
वर्तमान में तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार है जबकि BRS विपक्ष में है। ऐसे में के. कविता की नई पार्टी एक तीसरे मोर्चे के रूप में उभर सकती है जो मुख्यतः OBC, महिला मतदाताओं और तेलंगाना अस्मिता के मुद्दों पर वोट बैंक बनाने की कोशिश करेगी।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में BRS की करारी हार के बाद पार्टी अभी तक उबर नहीं पाई है। के. कविता का यह कदम BRS के परंपरागत वोटबैंक को और विभाजित कर सकता है, जिसका सबसे बड़ा फायदा कांग्रेस को मिल सकता है — या फिर कविता खुद एक नई राजनीतिक ताकत बनकर उभर सकती हैं।
तेलंगाना में क्षेत्रीय राजनीति का यह नया अध्याय आने वाले महीनों में और भी स्पष्ट होगा जब पार्टी का आधिकारिक लॉन्च और उसकी संरचना सामने आएगी।