75 लाख SC छात्रों को 7,981 करोड़ की शैक्षिक सहायता: वीरेंद्र कुमार का बड़ा ऐलान

Click to start listening
75 लाख SC छात्रों को 7,981 करोड़ की शैक्षिक सहायता: वीरेंद्र कुमार का बड़ा ऐलान

सारांश

केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने बताया कि 2025-26 में 75 लाख से अधिक SC छात्रों को 7,981.47 करोड़ रुपए की शैक्षिक सहायता दी गई। पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति में 21%25, पोस्ट-मैट्रिक में 11.23%25 और श्रेष्ठा योजना में 16%25 की वृद्धि दर्ज की गई।

Key Takeaways

  • 75 लाख से अधिक SC छात्रों को वित्तीय वर्ष 2025-26 में 7,981.47 करोड़ रुपए की शैक्षिक सहायता दी गई।
  • पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में 21%25, पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति में 11.23%25 और श्रेष्ठा योजना में 16%25 की वृद्धि हुई।
  • नशा मुक्त भारत अभियान के तहत 83 लाख से अधिक गतिविधियों के जरिए 26 करोड़ से अधिक लोगों को जागरूक किया गया।
  • NMBA को 15 अगस्त 2023 से देश के सभी जिलों में विस्तारित किया जा चुका है।
  • केंद्रीय क्षेत्र छात्रवृत्ति (उच्च शिक्षा) में पिछले वर्ष की तुलना में 13.5%25 की वृद्धि दर्ज की गई।
  • मंत्रालय SC, OBC, EWS, ट्रांसजेंडर, DNT जनजातियां और हाथ से मैला ढोने वालों सहित कई वर्गों के उत्थान पर कार्यरत है।

नई दिल्ली, 24 अप्रैल। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने गुरुवार को घोषणा की कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 75 लाख से अधिक अनुसूचित जाति (SC) लाभार्थी छात्रों को 7,981.47 करोड़ रुपए की शैक्षिक सहायता वितरित की गई है। यह राशि वंचित वर्गों के शैक्षिक सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मंत्रालय ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक करार दिया है।

छात्रवृत्ति योजनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, अनुसूचित जाति कल्याण योजनाओं के अंतर्गत व्यय में लगातार सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है। अनुसूचित जाति और अन्य के लिए पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में पिछले वर्ष की तुलना में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

इसके अतिरिक्त, वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में अनुसूचित जातियों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में 11.23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए उच्च स्तरीय शिक्षा हेतु केंद्रीय क्षेत्र छात्रवृत्ति में 13.5 प्रतिशत और श्रेष्ठा (SHRESHTA) योजना — यानी लक्षित क्षेत्रों के हाई स्कूलों में आवासीय शिक्षा — में 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

समावेशी विकास की सरकारी प्रतिबद्धता

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार लक्षित हस्तक्षेपों और कल्याणकारी पहलों के जरिए समाज के सभी वर्गों के लिए समावेशी विकास और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग न केवल अनुसूचित जाति बल्कि ओबीसी, वरिष्ठ नागरिक, ट्रांसजेंडर व्यक्ति, डीएनटी जनजातियां, हाथ से मैला ढोने वाले, सफाईकर्मी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) सहित समाज के विभिन्न तबकों के उत्थान के लिए कार्यरत है।

गौरतलब है कि यह आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं जब देश में शिक्षा बजट और दलित कल्याण योजनाओं की प्रभावशीलता पर बहस तेज हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों तक राशि पहुंचाने से रिसाव कम हुआ है।

नशा मुक्त भारत अभियान का विस्तार

मंत्रालय ने एक अलग बयान में बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) के तहत 83 लाख से अधिक गतिविधियों के माध्यम से 26 करोड़ से अधिक लोगों को मादक द्रव्यों के सेवन के प्रति जागरूक किया गया है। इनमें 95 करोड़ से अधिक युवा, 647 करोड़ से अधिक महिलाएं और 28,000 से अधिक प्रशिक्षित स्वयंसेवक शामिल हैं।

15 अगस्त, 2020 को 272 सर्वाधिक संवेदनशील जिलों में शुरू किया गया यह अभियान 15 अगस्त, 2023 से देश के सभी जिलों में विस्तारित कर दिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर नशे के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाना और पीड़ितों को पुनर्वास की दिशा में प्रेरित करना है।

नीतिगत संदर्भ और आगे की राह

यह उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और विभिन्न शोध संस्थानों की रिपोर्टें बताती हैं कि SC छात्रों का उच्च शिक्षा में नामांकन अनुपात अभी भी राष्ट्रीय औसत से कम है। ऐसे में छात्रवृत्ति राशि में यह वृद्धि सही दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आलोचकों का कहना है कि राशि वितरण के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच और ड्रॉपआउट दर में कमी पर भी समान ध्यान देना आवश्यक है।

आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकार इन योजनाओं की समीक्षा करेगी और नए लाभार्थियों को जोड़ने की प्रक्रिया जारी रहेगी। मंत्रालय के अनुसार, डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए आवेदन प्रक्रिया को और सरल बनाने की योजना भी विचाराधीन है।

Point of View

981 करोड़ रुपए के वितरण का आंकड़ा प्रभावशाली जरूर है, लेकिन असली कसौटी यह है कि इस राशि से SC छात्रों की उच्च शिक्षा में नामांकन दर और ड्रॉपआउट अनुपात में कितना सुधार हुआ। बजट आवंटन बढ़ाना और उसका जमीन पर प्रभाव दिखना — दोनों अलग-अलग बातें हैं। यह भी ध्यान देने योग्य है कि यह घोषणा संसद सत्र के बाहर आई है, जिससे विपक्षी जांच की संभावना सीमित रहती है। सरकार को चाहिए कि वह वितरण के साथ-साथ परिणाम-आधारित डेटा भी सार्वजनिक करे ताकि योजनाओं की वास्तविक सफलता का मूल्यांकन हो सके।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

2025-26 में SC छात्रों को कितनी शैक्षिक सहायता मिली?
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 75 लाख से अधिक अनुसूचित जाति लाभार्थी छात्रों को कुल 7,981.47 करोड़ रुपए की शैक्षिक सहायता वितरित की गई। यह राशि विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से दी गई है।
श्रेष्ठा योजना क्या है और इसमें कितनी वृद्धि हुई?
श्रेष्ठा (SHRESHTA) योजना लक्षित क्षेत्रों के हाई स्कूलों में SC छात्रों को आवासीय शिक्षा प्रदान करती है। 2024-25 की तुलना में इस योजना में 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
नशा मुक्त भारत अभियान कब और कहां शुरू हुआ?
नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) 15 अगस्त 2020 को 272 सबसे संवेदनशील जिलों में शुरू किया गया था। 15 अगस्त 2023 से इसे देश के सभी जिलों में विस्तारित कर दिया गया है।
पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में कितने प्रतिशत की वृद्धि हुई?
अनुसूचित जाति और अन्य के लिए पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में पिछले वर्ष की तुलना में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह सभी SC छात्रवृत्ति योजनाओं में सबसे अधिक वृद्धि है।
वीरेंद्र कुमार कौन हैं और वे किस मंत्रालय के प्रमुख हैं?
वीरेंद्र कुमार भारत के केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री हैं। उनका मंत्रालय SC, OBC, EWS, ट्रांसजेंडर और अन्य वंचित वर्गों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन करता है।
Nation Press