शी चिनफिंग ने बेनिन और इराक के नए राष्ट्रपतियों को भेजा बधाई संदेश, रणनीतिक साझेदारी पर जोर
सारांश
Key Takeaways
- शी चिनफिंग ने 24 अप्रैल 2025 को दो अलग-अलग बधाई संदेश भेजे।
- बेनिन के रोमुआल्ड वाडाग्नी और इराक के निज़ार मुहम्मद सईद अमीदी को राष्ट्रपति पद पर बधाई दी गई।
- शी चिनफिंग ने चीन-बेनिन रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने और FOCAC के परिणाम लागू करने की प्रतिबद्धता जताई।
- चीन-इराक संबंधों में ऊर्जा, व्यापार और बुनियादी ढांचे में सहयोग की मजबूत नींव है।
- यह कदम अफ्रीका और पश्चिम एशिया में चीन की सक्रिय कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है।
- आने वाले महीनों में दोनों देशों के नए राष्ट्रपतियों के साथ उच्चस्तरीय वार्ता की संभावना है।
बीजिंग, 24 अप्रैल 2025 — चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने शुक्रवार को दो अलग-अलग बधाई संदेश भेजकर रोमुआल्ड वाडाग्नी को बेनिन गणराज्य के राष्ट्रपति और निज़ार मुहम्मद सईद अमीदी को इराक गणराज्य के राष्ट्रपति पद पर आसीन होने पर बधाई दी। शी चिनफिंग ने दोनों देशों के साथ चीन की रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
बेनिन के साथ संबंध: पारंपरिक मित्रता को नई दिशा
राष्ट्रपति रोमुआल्ड वाडाग्नी को संबोधित अपने संदेश में शी चिनफिंग ने कहा कि चीन और बेनिन के बीच दशकों पुरानी पारंपरिक मित्रता है। उन्होंने रेखांकित किया कि हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच राजनीतिक आपसी विश्वास और गहरा हुआ है तथा एक-दूसरे के मूल हितों पर दृढ़ समर्थन कायम रहा है।
शी चिनफिंग ने यह भी उल्लेख किया कि विभिन्न क्षेत्रों में मैत्रीपूर्ण सहयोग में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिससे दोनों देशों की जनता के जीवन स्तर में सुधार आया है। उन्होंने चीन-अफ्रीका सहयोग मंच के पेइचिंग शिखर सम्मेलन के परिणामों को लागू करने और चीन-बेनिन रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की इच्छा जताई।
इराक के साथ संबंध: ऊर्जा और व्यापार में सहयोग की मजबूत नींव
राष्ट्रपति निज़ार मुहम्मद सईद अमीदी को भेजे गए संदेश में शी चिनफिंग ने कहा कि चीन और इराक के बीच गहरी पारंपरिक मित्रता है। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच राजनीतिक विश्वास लगातार सुदृढ़ हुआ है और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के प्रमुख हितों पर निरंतर समर्थन दिया है।
ऊर्जा, व्यापार और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग से सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। शी चिनफिंग ने चीन-इराक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की इच्छाशक्ति व्यक्त करते हुए कहा कि वे राष्ट्रपति अमीदी के साथ मिलकर दोनों देशों की जनता के हित में काम करने के लिए तत्पर हैं।
व्यापक संदर्भ: चीन की वैश्विक कूटनीति का हिस्सा
यह कदम चीन की सक्रिय वैश्विक कूटनीति का हिस्सा है। अफ्रीका और पश्चिम एशिया दोनों ही क्षेत्रों में चीन अपनी उपस्थिति मजबूत करने में लगा है। बेनिन के मामले में चीन-अफ्रीका सहयोग मंच (FOCAC) के पेइचिंग शिखर सम्मेलन के बाद से अफ्रीकी देशों के साथ संबंधों को नई गति मिली है, जबकि इराक के साथ ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग चीन की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति का अहम स्तंभ है।
गौरतलब है कि इराक चीन के लिए प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ता देशों में से एक है और दोनों देशों के बीच बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के तहत भी सहयोग जारी है। इस पृष्ठभूमि में नए राष्ट्रपति को बधाई संदेश भेजना महज औपचारिकता नहीं, बल्कि कूटनीतिक निरंतरता का संकेत है।
आगे की राह: क्या होगा अगला कदम?
विश्लेषकों का मानना है कि शी चिनफिंग के इन संदेशों के बाद दोनों देशों के साथ उच्चस्तरीय वार्ता और समझौतों की संभावना बढ़ गई है। बेनिन के साथ FOCAC के एजेंडे को आगे बढ़ाने और इराक के साथ ऊर्जा एवं बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में नए करारों पर हस्ताक्षर की उम्मीद जताई जा रही है। आने वाले महीनों में दोनों देशों के नए राष्ट्रपतियों की बीजिंग यात्रा या वर्चुअल शिखर वार्ता की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
(साभार: चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)