ब्लैकस्टोन CEO श्वार्ज़मैन से मिले हे लिफेंग, चीन में निवेश विस्तार पर हुई अहम चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- 23 अप्रैल 2025 को बीजिंग के जन वृहद भवन में चीनी उप प्रधानमंत्री हे लिफेंग और ब्लैकस्टोन CEO स्टीफन श्वार्ज़मैन के बीच अहम बैठक हुई।
- चीन ने 2025 की पहली तिमाही में मजबूत आर्थिक प्रदर्शन का दावा किया और विदेशी निवेशकों को आमंत्रित किया।
- ब्लैकस्टोन ग्रुप ने चीन में कारोबार विस्तार जारी रखने और अमेरिका-चीन व्यापार सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
- यह बैठक अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध के बीच हुई, जब ट्रंप प्रशासन ने चीनी आयात पर भारी टैरिफ लगाए हैं।
- ब्लैकस्टोन की प्रबंधन अधीन संपत्ति 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है, जो इसे वैश्विक निवेश का प्रमुख खिलाड़ी बनाती है।
- चीन ने संकेत दिया कि उच्च स्तरीय खुलेपन की नीति के तहत विदेशी निवेश के लिए और अनुकूल माहौल बनाया जाएगा।
बीजिंग, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। चीन-अमेरिका आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश के तहत सीपीसी केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो सदस्य और चीनी राज्य परिषद के उप प्रधानमंत्री हे लिफेंग ने 23 अप्रैल 2025 को बीजिंग स्थित जन वृहद भवन (ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल) में वैश्विक निवेश दिग्गज ब्लैकस्टोन ग्रुप के चेयरमैन और सीईओ स्टीफन श्वार्ज़मैन से महत्वपूर्ण बैठक की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव चरम पर है और वैश्विक निवेशक चीनी बाजार को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
चीनी अर्थव्यवस्था की मजबूती पर हे लिफेंग का जोर
हे लिफेंग ने बैठक में कहा कि चीन की अर्थव्यवस्था ने वर्ष 2025 की पहली तिमाही में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है, जो देश के आर्थिक लचीलेपन और जीवंतता को रेखांकित करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन आने वाले समय में उच्च स्तरीय खुलेपन की नीति को और अधिक विस्तार देगा तथा उच्च गुणवत्ता वाले आर्थिक विकास को प्राथमिकता देगा।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि चीन का विशाल उपभोक्ता बाजार वैश्विक निवेशकों के लिए असीमित अवसर और विविध विकल्प प्रस्तुत करता है। ब्लैकस्टोन ग्रुप सहित अन्य विदेशी निवेश कंपनियों को चीन में सहयोग गहरा करने और पारस्परिक लाभकारी परिणाम हासिल करने के लिए आमंत्रित किया गया।
श्वार्ज़मैन की प्रतिबद्धता — चीन में कारोबार विस्तार जारी रहेगा
स्टीफन श्वार्ज़मैन ने इस अवसर पर कहा कि ब्लैकस्टोन ग्रुप चीन के साथ अपने सहयोग को अत्यंत महत्व देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी कंपनी चीन में अपने कारोबारी विस्तार को जारी रखेगी और अमेरिका-चीन आर्थिक एवं व्यापारिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएगी।
गौरतलब है कि ब्लैकस्टोन दुनिया की सबसे बड़ी वैकल्पिक संपत्ति प्रबंधन कंपनियों में से एक है, जिसकी प्रबंधन अधीन संपत्ति 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है। श्वार्ज़मैन का चीन के साथ व्यक्तिगत और व्यावसायिक संबंध दशकों पुराना है — उन्होंने बीजिंग में श्वार्ज़मैन स्कॉलर्स प्रोग्राम की स्थापना भी की है, जो अमेरिका-चीन शैक्षणिक आदान-प्रदान का प्रमुख मंच है।
व्यापारिक तनाव के बीच क्यों अहम है यह बैठक
यह बैठक ऐसे नाजुक दौर में हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने चीनी आयात पर भारी शुल्क लगाए हैं और दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध तीव्र हो चुका है। ऐसे में ब्लैकस्टोन जैसी अमेरिकी निवेश कंपनी के शीर्ष अधिकारी का बीजिंग दौरा और चीनी नेतृत्व से सीधी बातचीत एक महत्वपूर्ण संकेत देती है।
विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक वित्तीय संस्थान राजनीतिक तनावों के बावजूद चीन के बाजार से दूरी बनाने में असमर्थ हैं, क्योंकि चीन की GDP अभी भी वैश्विक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। यह बैठक इस बात का प्रमाण है कि आर्थिक हित, कूटनीतिक तनावों पर भारी पड़ते हैं।
चीन की खुलेपन की नीति और वैश्विक निवेशकों पर असर
हे लिफेंग की यह बैठक चीन की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत बीजिंग वैश्विक निवेशकों को यह संदेश देना चाहता है कि चीनी बाजार अभी भी खुला, स्थिर और लाभकारी है। हाल के महीनों में चीन ने विदेशी निवेश नियमों में कई सुधार किए हैं और विशेष आर्थिक क्षेत्रों में छूट बढ़ाई है।
आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या ब्लैकस्टोन चीन में कोई नई बड़ी निवेश घोषणा करता है, और क्या अन्य अमेरिकी वित्तीय संस्थान भी इसी राह पर चलते हैं। चीन-अमेरिका व्यापार वार्ता की दिशा और इस बैठक के नतीजे आगामी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकते हैं।
(साभार — चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)