दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग को दिया आदेश, के. कविता की पार्टी के पंजीकरण पर तुरंत निर्णय लें

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दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग को दिया आदेश, के. कविता की पार्टी के पंजीकरण पर तुरंत निर्णय लें

सारांश

दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया है कि वह के. कविता द्वारा दायर राजनीतिक पार्टी ‘तेलंगाना प्रजा जागृति’ के पंजीकरण पर शीघ्र निर्णय ले। क्या यह निर्णय तेलंगाना में आगामी चुनावों के लिए महत्वपूर्ण होगा?

Key Takeaways

  • दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग को शीघ्र निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
  • के. कविता की पार्टी ‘तेलंगाना प्रजा जागृति’ का पंजीकरण लंबित है।
  • आवेदन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
  • तेलंगाना में स्थानीय निकाय चुनाव चल रहे हैं।
  • कविता ने बीआरएस से अलग होकर नई पार्टी बनाई है।

नई दिल्ली, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को निर्वाचन आयोग (ईसीआई) को यह निर्देश दिया है कि वह भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की पूर्व नेता के. कविता द्वारा प्रस्तुत उनकी नई राजनीतिक पार्टी ‘तेलंगाना प्रजा जागृति’ के पंजीकरण आवेदन पर शीघ्रता से निर्णय करे।

न्यायमूर्ति अमित बंसल की एकल पीठ ने यह आदेश के. कविता की याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया। कविता ने अपनी प्रस्तावित पार्टी की अध्यक्ष के रूप में यह याचिका दाखिल की थी, जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत दायर आवेदन पर निर्वाचन आयोग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

याचिका में उल्लेख किया गया कि ‘तेलंगाना प्रजा जागृति’ की स्थापना 19 जनवरी 2026 को एक विधिवत आम बैठक में की गई थी, जिसमें पार्टी का संविधान अपनाया गया और पदाधिकारियों को पंजीकरण के लिए आवेदन करने का अधिकार दिया गया। उसके बाद 23 जनवरी को सभी आवश्यक दस्तावेजों जैसे पार्टी संविधान, नोटरीकृत हलफनामे, 151 सदस्यों की सूची, बैठक की प्रमाणित कार्यवाही और निर्धारित शुल्क के साथ आवेदन ईसीआई को सौंपा गया, जिसे 27 जनवरी को स्वीकार किया गया।

हालांकि, याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि उसके बाद से आयोग ने आवेदन की जांच करने, सार्वजनिक नोटिस जारी करने या सुनवाई का अवसर देने जैसी कोई वैधानिक प्रक्रिया नहीं शुरू की। इसे मनमाना और अनुचित बताते हुए कहा गया कि यह संविधान के अनुच्छेद 14 और 19(1)(c) का उल्लंघन है।

कविता ने यह भी दलील दी कि तेलंगाना में स्थानीय निकाय चुनाव चल रहे हैं और आगामी चुनावों की प्रक्रिया भी शुरू होने वाली है, इस कारण से देरी के कारण उनकी पार्टी चुनाव में अपने नाम और चुनाव चिन्ह के साथ हिस्सा नहीं ले पा रही है।

मामले की सुनवाई के बाद, दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि वह आवेदन पर शीघ्र निर्णय ले और याचिका का निपटारा कर दिया।

यह ध्यान देने योग्य है कि के. कविता, जो पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी हैं, ने पिछले वर्ष बीआरएस से मतभेद होने के बाद पार्टी छोड़ दी थी और नई राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा की थी। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में भाग लेने की भी इच्छा जताई है, जिसमें सिद्धिपेट या बोधन सीट उनकी प्राथमिकता बताई गई है।

Point of View

क्योंकि यह एक पूर्व नेता की नई पार्टी के पंजीकरण से संबंधित है। इससे यह स्पष्ट होता है कि राजनीतिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने की आवश्यकता है, विशेषकर चुनावों के निकटता के मद्देनजर।
NationPress
20/03/2026

Frequently Asked Questions

के. कविता कौन हैं?
के. कविता, पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी हैं और उन्होंने हाल ही में अपनी नई पार्टी ‘तेलंगाना प्रजा जागृति’ की स्थापना की है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग को क्या निर्देश दिया?
दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया है कि वह के. कविता की पार्टी के पंजीकरण आवेदन पर जल्द से जल्द निर्णय ले।
क्या के. कविता की पार्टी चुनाव में भाग ले सकेगी?
यदि निर्वाचन आयोग जल्दी से निर्णय लेता है, तो उनकी पार्टी आगामी चुनावों में भाग ले सकेगी।
तेलंगाना प्रजा जागृति की स्थापना कब हुई?
तेलंगाना प्रजा जागृति की स्थापना 19 जनवरी 2026 को हुई थी।
इस मामले का क्या महत्व है?
इस मामले का महत्व इसलिए है क्योंकि यह तेलंगाना की राजनीति में बदलाव ला सकता है और स्थानीय निकाय चुनावों पर प्रभाव डाल सकता है।
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