22 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या के कविता 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या के कविता 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं?

सारांश

तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता ने सोमवार को 2029 के लोकसभा चुनाव में भाग लेने के संकेत दिए। उन्होंने समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाने और समान रूप से विकसित तेलंगाना के लिए काम करने की बात भी की। क्या वे अपनी नई पार्टी के साथ सफलता हासिल कर पाएंगी?

मुख्य बातें

कविता 2029 के लोकसभा चुनाव लड़ने की योजना बना रही हैं।
तेलंगाना जागृति का सदस्यता अभियान शुरू होगा।
वे समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाने की बात कर रही हैं।
किसानों की आत्महत्या पर चिंता व्यक्त की है।
मुफ्त शिक्षा को राज्य के विकास का मुख्य आधार मानती हैं।

हैदराबाद, 15 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता ने सोमवार को स्पष्ट संकेत दिए कि वे 2029 के लोकसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाएंगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक उपयोगकर्ता के प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा, “हाँ।”

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) की बेटी कविता ने यह भी बताया कि तेलंगाना जागृति का सदस्यता अभियान शुरू करने की योजना है। इसके लिए तारीखों की घोषणा उनकी चल रही ‘जागृति जनम बाटा’ यात्रा के बाद की जाएगी।

तेलंगाना जागृति की संस्थापक कविता वर्तमान में चार महीने की पदयात्रा पर हैं। बीआरएस छोड़ने के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक जनसंपर्क कार्यक्रम है। उन्हें सितंबर में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में बीआरएस से निलंबित किया गया था, जिसके बाद उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और तेलंगाना विधान परिषद की सदस्यता भी छोड़ दी थी।

उन्होंने पिछले महीने कहा था कि वे जनता से जुड़े मुद्दों पर काम जारी रखेंगी और सक्रिय राजनीति में बाद में लौटेंगी। जब उनसे उनकी नई पार्टी के नाम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “क्या होना चाहिए?” तेलंगाना में कई राजनीतिक दलों के बीच खुद को स्थापित करने के सवाल पर उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा, “मैं कर लूंगी।”

तेलंगाना जागृति की गतिविधियां केवल हैदराबाद तक सीमित नहीं रहेंगी। कविता ने कहा कि संगठन पूरे राज्य में काम कर रहा है और धीरे-धीरे लेकिन मजबूती के साथ हर गांव में समितियां बनाई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि समान रूप से विकसित तेलंगाना या ‘सामाजिक तेलंगाना’ उनका लक्ष्य है। तेलंगाना के युवाओं और महिलाओं को अपनी पसंद के क्षेत्र में अवसर मिलें, इसके लिए मैं काम करना चाहती हूं।

एससी, एसटी और एमबीसी समुदायों को राजनीतिक अवसर देने के सवाल पर उन्होंने कहा, “बिल्कुल! हमें समावेशी होना होगा और समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाना होगा। यह हमारी जागृति समितियों में झलकता है।”

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सरकार पर टिप्पणी करते हुए कविता ने कहा, “टूटे वादे, अधूरी प्रतिबद्धताएं। लोग सरकार से पूरी तरह निराश हैं।”

अगर वे मुख्यमंत्री बनीं तो क्या बदलाव करेंगी, इस सवाल पर उन्होंने लिखा, “मैं ऐसा राज्य बनाना चाहती हूं जहां तेलंगाना के माता-पिता को शिक्षा पर एक भी पैसा खर्च न करना पड़े। मुफ्त शिक्षा ही तेलंगाना और भारत के भविष्य को सशक्त बनाने का एकमात्र रास्ता है।”

पूर्व बीआरएस नेता ने कहा कि राज्य में किसान आत्महत्याओं का जारी रहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, “मैंने आदिलाबाद में एक कपास किसान के परिवार से मुलाकात की, जिन्होंने फसल नुकसान से हुए कर्ज और भीषण गर्मी के कारण जान गंवाई। किसान आत्महत्याएं सरकार की उपेक्षा और उदासीनता का सीधा परिणाम हैं।”

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कि तेलंगाना में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक व्यक्ति हैं। उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे न केवल राज्य के लिए बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रासंगिक हैं। उनके विचारों में समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाने का संदेश है, जो सकारात्मकता की दिशा में एक कदम है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले