दिल्ली हाई कोर्ट का चुनाव आयोग को निर्देश: के. कविता की पार्टी रजिस्ट्रेशन पर जल्द फैसला लें
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है।
- के. कविता की नई पार्टी का नाम 'तेलंगाना प्रजा जागृति' है।
- आवेदन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
- स्थानीय निकाय चुनावों में भागीदारी के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है।
- राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
नई दिल्ली, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) को यह आदेश दिया है कि वह पूर्व सांसद एवं भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की पूर्व नेता के. कविता द्वारा प्रस्तुत याचिका पर शीघ्र निर्णय ले। इस याचिका में उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘तेलंगाना प्रजा जागृति’ के रजिस्ट्रेशन की मांग की है।
सुनवाई के दौरान के. कविता के वकील ने अदालत को बताया कि उन्होंने काफी समय पहले चुनाव आयोग को पार्टी के रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि आयोग ने न तो उनकी याचिका को आगे बढ़ाया है और न ही देरी का कोई स्पष्ट कारण बताया है, जिसके कारण उनका आवेदन लंबित है।
कविता के वकील ने अदालत में यह भी बताया कि इस मामले में जल्द से जल्द निर्णय लेना जरूरी है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में जल्द ही स्थानीय निकाय चुनाव होने हैं, जिनमें जिला परिषद और मंडल परिषद के चुनाव शामिल हैं। यदि उनकी पार्टी का रजिस्ट्रेशन समय पर नहीं होता, तो वे इन चुनावों में भाग नहीं ले पाएंगी।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस दलील को गंभीरता से लिया और चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि वह के. कविता की याचिका पर शीघ्र विचार करे और उचित समय सीमा के भीतर फैसला सुनाए। अदालत ने यह भी कहा कि इस तरह के मामलों में अनावश्यक देरी आवेदक के लिए नुकसानदायक हो सकती है, इसलिए समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है।
अब सभी की नजर चुनाव आयोग के अगले कदम पर है। माना जा रहा है कि आयोग जल्द ही इस पर निर्णय करेगा। वहीं, के. कविता की नई पार्टी के रजिस्ट्रेशन को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा भी तेज हो गई है, खासकर तेलंगाना में होने वाले आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए।