मनोज जरांगे कर्मठ नेता हैं, गलतफहमी दूर होगी: भाजपा एमएलसी प्रसाद लाड
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधान परिषद सदस्य प्रसाद लाड ने 8 अगस्त 2026 को मुंबई में विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर अपना पक्ष रखा। मराठा आरक्षण आंदोलन के चेहरे मनोज जरांगे पाटिल से लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके तक — लाड ने एक के बाद एक कई संवेदनशील विषयों पर अपनी राय रखी।
मनोज जरांगे पर प्रसाद लाड का रुख
प्रसाद लाड ने मनोज जरांगे पाटिल की तारीफ करते हुए कहा कि वे एक कर्मठ और आंदोलनकारी नेता हैं। उनके अनुसार, जरांगे जिन मांगों का जिक्र करते हैं, उनमें उनका व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं होता — वे पूरी तरह समाज कल्याण को ध्यान में रखकर मुद्दे उठाते हैं। लाड ने कहा, 'मुझे लगता है कि मौजूदा समय में कुछ विषयों को लेकर उन्हें कोई गलतफहमी है। अगर हम उनके साथ अपने संबंधों को प्रगाढ़ करेंगे, तो जाहिर सी बात है कि वो सभी शंकाएं दूर होंगी।'
लक्ष्मण हाके की नाराजगी पर प्रतिक्रिया
ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके की नाराजगी पर लाड ने स्पष्ट किया कि उनके समुदाय से जुड़े कई नेता उनके संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कभी नहीं कहा कि वह ओबीसी के हिस्से में से मराठा समुदाय को या मराठा के हिस्से में से ओबीसी को कुछ देगी। 'हमारी यही कोशिश रहती है कि किसी का किसी से कोई विवाद नहीं हो — विकास हमारी प्राथमिकता है,' उन्होंने कहा। लाड ने यह भी जोड़ा कि हाके ने पहले एकनाथ शिंदे से टिकट की गुहार लगाई थी, और मौजूदा गतिविधियों से प्रेरित होकर समाज का नेतृत्व नहीं किया जा सकता।
सीजेपी आंदोलन और राहुल गांधी पर निशाना
लाड ने दावा किया कि दिल्ली में हुए सीजेपी आंदोलन में नीट का कोई भी विद्यार्थी शामिल नहीं था। उन्होंने कहा कि वहाँ लगाए गए नारे बच्चों से जुड़े मुद्दों के नहीं थे। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे देश की बजाय विदेश में अधिक समय बिताते हैं और झारखंड — जहाँ उनकी पार्टी की सरकार है — के छात्रों के मुद्दे क्यों नहीं उठाते। ई20 पेट्रोल और इथेनॉल नीति पर राहुल गांधी की आलोचना का जवाब देते हुए लाड ने कहा कि वे अपने खर्चे पर उन्हें विदेश ले जाकर दिखाने को तैयार हैं कि वहाँ इथेनॉल का कितना उपयोग होता है।
खड़गे और संघ पर टिप्पणी
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए लाड ने कहा कि खड़गे एक बड़े नेता हैं और उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का इतिहास पढ़ना चाहिए। उनके अनुसार, महात्मा गांधी ने भी स्वतंत्रता आंदोलन में संघ की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया था और उनकी मदद भी ली थी।
शरद पवार और एफसीआरए पर रुख
वरिष्ठ नेता शरद पवार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात पर लाड ने कहा कि दोनों के बीच संबंध अच्छे रहे हैं। पवार 60 वर्षों से अधिक समय से राजनीति में हैं और एक वरिष्ठ नेता के रूप में प्रधानमंत्री से मिलना उनका अधिकार है। एफसीआरए मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सुप्रिया सुले ने कुछ बिंदुओं पर आपत्ति जताई है और इन आपत्तियों को लेकर प्रधानमंत्री से मुलाकात की जाएगी। आने वाले दिनों में इन सभी मुद्दों पर भाजपा की आधिकारिक स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।