क्या मनोज जरांगे मुंबई के आजाद मैदान में प्रदर्शन कर पाएंगे? बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ा झटका
सारांश
Key Takeaways
मुंबई, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल को बॉम्बे हाईकोर्ट से एक बड़ा झटका मिला है। अदालत ने उन्हें मराठा आरक्षण के संदर्भ में मुंबई के आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन करने से रोक दिया है।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गणेश उत्सव के दौरान मुंबई में यातायात में रुकावटों से बचने के लिए यह फैसला लिया है। फिर भी, अदालत ने राज्य सरकार को मनोज जरांगे को खारघर या नवी मुंबई में कहीं और प्रदर्शन करने की अनुमति देने का निर्देश दिया है।
इस बीच, महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी और मनोज जरांगे के आंदोलन को ध्यान में रखते हुए, राज्य की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रश्मि शुक्ला ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा करने के लिए बैठक की। यह महत्वपूर्ण बैठक मंत्रालय में आयोजित की गई।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में राज्य में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदमों पर विचार-विमर्श किया गया।
मनोज जरांगे पाटिल ने सोमवार को महाराष्ट्र के जालना जिले के अंतरवाली सारथी धरना स्थल पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने सरकार को स्पष्ट संदेश दिया कि जब तक मराठा समाज को आरक्षण नहीं मिलता, तब तक वे मुंबई से वापस नहीं लौटेंगे।
उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चेतावनी दी कि मराठा समाज के साथ अन्याय का अंत होना चाहिए। मनोज ने कहा कि मुख्यमंत्री एक व्यक्ति की बात मानकर मराठा समाज के खिलाफ गलत निर्णय ले रहे हैं, जो बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।
मनोज जरांगे ने कहा कि मराठा समाज के लिए यह लड़ाई एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और वे इसे जीतकर ही लौटेंगे। लाखों मराठा समाज के सदस्य उनके साथ हैं और वे मुंबई जाकर अपनी मांगों को मजबूती से उठाएंगे।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मनोज जरांगे ने सरकार को भी इशारा दिया कि वे उनके पक्ष में निर्णय लें और मराठा समाज के अधिकारों का सम्मान करें। यदि सरकार ने उनकी मांगों को अनसुना किया, तो वे अपनी लड़ाई और तेज करेंगे।