मराठा आरक्षण: ओबीसी कोटे में कटौती नहीं होगी, शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े का स्पष्ट बयान
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने 18 सितंबर 2026 को मुंबई में स्पष्ट किया कि मराठा समुदाय को दिए जाने वाले 10 प्रतिशत आरक्षण के लिए ओबीसी कोटे में कोई कटौती नहीं की जाएगी। हेगड़े ने कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार की आशंकाओं को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सरकार पहले ही इस विषय पर अपना रुख सार्वजनिक कर चुकी है।
मराठा आरक्षण पर सरकार का रुख
हेगड़े के अनुसार, मराठा समुदाय को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है और कुनबी प्रमाण पत्र को लेकर भी सरकार ने निर्णय ले लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मिलकर इस मुद्दे का समाधान निकाला है, जिस पर शिंदे के मुख्यमंत्री काल से काम चल रहा था।
मराठा नेता मनोज जरांगे पाटिल ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है और मुंबई तक प्रस्तावित लॉन्ग मार्च भी रद्द कर दिया है। हेगड़े ने दावा किया कि सरकार ने भरोसा दिलाया है कि ओबीसी या किसी अन्य समुदाय के आरक्षण को किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं किया जाएगा।
भागवत के उज्जैन दौरे पर प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के उज्जैन दौरे पर हेगड़े ने कहा कि भागवत वहाँ युवा धर्म संसद में लगभग 1,700 युवाओं से संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम में भारत की सांस्कृतिक विविधता, देश के समक्ष मौजूद चुनौतियों और युवा पीढ़ी से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा होने की संभावना है।
गौरतलब है कि भागवत इससे पहले अगस्त में मुंबई में भी युवाओं से संवाद कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन की बात कही थी और युवाओं की समस्याओं के समाधान की आवश्यकता पर बल दिया था।
सेमीकंडक्टर उत्पादन में भारत की प्रगति
हेगड़े ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सेमीकंडक्टर चिप उत्पादन को लेकर उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उनके दावे के अनुसार, अब तक 12 परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है और इनमें से तीन में उत्पादन शुरू हो चुका है।
हेगड़े ने इसे प्रधानमंत्री के 'आत्मनिर्भर भारत', 'मेक इन इंडिया' और 'मेड बाय इंडिया' अभियानों से जोड़ते हुए कहा कि सभी उत्पादन इकाइयों के शुरू होने के बाद भारत सेमीकंडक्टर आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत 2047 से पहले ही विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य हासिल कर सकता है।
UPI पर MDR विवाद में कांग्रेस घिरी
यूपीआई पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) विवाद पर हेगड़े ने कांग्रेस सांसदों गौरव गोगोई और मनीष तिवारी के उस दावे को गलत बताया, जिसमें उन्होंने कहा था कि 0.4 प्रतिशत एमडीआर को लेकर उनसे सलाह नहीं ली गई थी।
हेगड़े के अनुसार, संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष भर्तृहरि महताब ने समिति की कार्यवाही और रिकॉर्ड का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि दोनों कांग्रेस सांसदों की सहमति ली गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पहले यूपीआई पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर का समर्थन किया था और अब अपना रुख बदल रही है। हेगड़े ने कहा कि संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जा चुके हैं।
आगे क्या होगा
मराठा आरक्षण पर सरकारी आश्वासन के बाद देखना होगा कि मनोज जरांगे पाटिल और मराठा समुदाय किस हद तक संतुष्ट रहते हैं, क्योंकि यह मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में दीर्घकालिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है। यूपीआई एमडीआर और सेमीकंडक्टर जैसे नीतिगत मुद्दों पर भी सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बहस जारी रहने की संभावना है।