18 सितंबर 2026
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'वंदे मातरम्' विवाद पर मनोज मुंतशिर का तीखा प्रहार: 'पूरा गाया जाएगा और पूरा गाना पड़ेगा'

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'वंदे मातरम्' विवाद पर मनोज मुंतशिर का तीखा प्रहार: 'पूरा गाया जाएगा और पूरा गाना पड़ेगा'

सारांश

'वंदे मातरम्' को दो छंदों तक सीमित करने की बात पर गीतकार मनोज मुंतशिर ने मुंबई में युवा धर्म संसद के मंच से सीधा प्रहार किया — 'पूरा गाया जाएगा और पूरा गाना पड़ेगा।' राष्ट्रगीत और सांस्कृतिक पहचान की इस बहस ने एक बार फिर राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।

मुख्य बातें

गीतकार मनोज मुंतशिर शुक्ला ने 18 सितंबर 2026 को मुंबई की युवा धर्म संसद में 'वंदे मातरम्' विवाद पर कड़ा रुख अपनाया।
उन्होंने कहा — 'प्रतिपक्ष के नेता इस तरह की हरकतों से बाज आएं; वंदे मातरम् पूरा गाया जाएगा और पूरा गाना पड़ेगा।' PM मोदी के जीवन पर आधारित लाइव म्यूजिकल शो 'मेरा देश पहले: नरेंद्र मोदी की अनकही कहानी' के बारे में मुंतशिर ने कहा कि PM की जिंदगी का सार एक शब्द 'सेवा' में है।
मुंतशिर ने भारतीय युवाओं में धर्म और संस्कृति के प्रति आस्था को देश की दीर्घकालीन शक्ति बताया।
उनकी काव्य-पंक्तियाँ — 'हमारे बाप का हिंदुस्तान था और है' — सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुईं।

गीतकार और कवि मनोज मुंतशिर शुक्ला ने 18 सितंबर 2026 को मुंबई में आयोजित युवा धर्म संसद के दौरान 'वंदे मातरम्' को केवल दो छंदों तक सीमित करने के विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रतिपक्ष के नेताओं को इस तरह की हरकतों से बाज आना चाहिए और यह राष्ट्रगान की भावना के साथ अन्याय है।

मुख्य बयान और विवाद की पृष्ठभूमि

मुंतशिर ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'प्रतिपक्ष के नेता को इस तरह की हरकतों से बाज आना चाहिए। 'वंदे मातरम्' पूरा गाया जाएगा और पूरा गाना पड़ेगा।' यह विवाद उस समय उठा जब 'वंदे मातरम्' को सार्वजनिक कार्यक्रमों में दो छंदों तक सीमित रखने की बात आलोचना के घेरे में आई। गौरतलब है कि यह गीत भारत का राष्ट्रगीत है और इसे लेकर देश में समय-समय पर राजनीतिक विवाद उठते रहे हैं।

PM मोदी के जीवन पर आधारित शो पर बोले मुंतशिर

युवा धर्म संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित लाइव म्यूजिकल शो 'मेरा देश पहले: नरेंद्र मोदी की अनकही कहानी' के संदर्भ में मुंतशिर ने कहा, 'प्रधानमंत्री के जीवन के कई पहलुओं में से मुझे सबसे ज़्यादा 'सेवा' ने प्रभावित किया है। पीएम मोदी लोगों को लगातार मोटिवेट करते हैं और नि:स्वार्थ भावना से सेवा करने की बात को अपने जीवन में उतारते हैं।' उन्होंने जोड़ा कि 'अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जिंदगी को सिर्फ एक शब्द में समेटना हो तो वह शब्द 'सेवा' होगा।'

युवाओं और भारतीय संस्कृति पर संदेश

मुंतशिर ने भारतीय युवाओं के प्रति अपना विश्वास जताते हुए कहा कि आज उन्हें इस बात का भरोसा हुआ है कि देश के युवाओं में धर्म और भारतीय संस्कृति को लेकर इसी तरह की आस्था और समझ बनी रही तो हजारों साल बाद भी भारत की संस्कृति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता। यह ऐसे समय में आया है जब देश में सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रवाद को लेकर बहस तेज हो रही है।

काव्य-पंक्तियों से दिया संदेश

कार्यक्रम में मुंतशिर ने अपने अंदाज में पंक्तियाँ भी सुनाईं — 'नसों में सूर्यवंशी स्वाभिमान था और है, सनातन से ही भगवा आसमान था और है, शिवाजी और नानक को पिता कहते हैं हम अपना, हमारे बाप का हिंदुस्तान था और है।' ये पंक्तियाँ सभागार में तालियों से गूँजीं और सोशल मीडिया पर भी तेज़ी से वायरल हो रही हैं।

मनोज मुंतशिर: बहुआयामी रचनात्मकता

उल्लेखनीय है कि मनोज मुंतशिर शुक्ला का नाम बॉलीवुड में केवल देशभक्ति या धार्मिक गीतों तक सीमित नहीं है। उन्होंने 'गलियां', 'तेरे संग यारा', 'कौन तुझे', 'मैं फिर भी तुमको चाहूंगा', 'दिल मेरी ना सुने', 'कैसे हुआ', 'तेरी मिट्टी' और 'मेरे रश्के कमर' जैसे कालजयी गाने लिखे हैं जो रोमांस, भावनाओं और रिश्तों की गहराई को छूते हैं। आगे भी उनकी यह मुखरता सांस्कृतिक विमर्श को नई दिशा देती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हर बार इसे नए सियासी संदर्भ में उठाया जाता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर बयानबाज़ी पर रुक जाती है — यह नहीं पूछती कि विवाद की असली जड़ क्या है और क्या संसद या न्यायपालिका में इसका कोई स्थायी समाधान संभव है। एक ऐसे समय में जब सांस्कृतिक राष्ट्रवाद चुनावी विमर्श का केंद्र बन चुका है, बड़े कलाकारों की सार्वजनिक राजनीतिक मुखरता — चाहे वह किसी भी दिशा में हो — की जवाबदेही भी उतनी ही ज़रूरी है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'वंदे मातरम्' विवाद क्या है जिस पर मनोज मुंतशिर ने प्रतिक्रिया दी?
यह विवाद 'वंदे मातरम्' को सार्वजनिक कार्यक्रमों में केवल दो छंदों तक सीमित करने की बात से जुड़ा है, जिसे राष्ट्रीय भावना के साथ समझौता मानते हुए मनोज मुंतशिर ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि प्रतिपक्ष के नेताओं को ऐसी हरकतों से बाज आना चाहिए।
मनोज मुंतशिर ने युवा धर्म संसद में क्या कहा?
मुंतशिर ने 18 सितंबर 2026 को मुंबई में कहा कि देश के युवाओं में धर्म और भारतीय संस्कृति के प्रति आस्था बनी रही तो हजारों साल बाद भी भारत की संस्कृति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता। उन्होंने PM मोदी के जीवन का सार 'सेवा' शब्द में बताया।
लाइव म्यूजिकल शो 'मेरा देश पहले: नरेंद्र मोदी की अनकही कहानी' क्या है?
यह PM नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित एक लाइव म्यूजिकल प्रस्तुति है जिसका आयोजन युवा धर्म संसद के दौरान हुआ। मनोज मुंतशिर इस शो से जुड़े हैं और उन्होंने PM के जीवन के 'सेवा' पहलू को सबसे प्रेरणादायक बताया।
मनोज मुंतशिर शुक्ला की पहचान क्या है?
मनोज मुंतशिर शुक्ला बॉलीवुड के जाने-माने गीतकार, स्क्रीनराइटर और कवि हैं। उन्होंने 'तेरी मिट्टी', 'कौन तुझे', 'गलियां', 'कैसे हुआ' और 'मेरे रश्के कमर' जैसे अनेक लोकप्रिय गाने लिखे हैं।
मुंतशिर की काव्य-पंक्तियाँ किस संदर्भ में वायरल हुईं?
युवा धर्म संसद में उन्होंने 'नसों में सूर्यवंशी स्वाभिमान था और है... हमारे बाप का हिंदुस्तान था और है' जैसी पंक्तियाँ सुनाईं, जो सोशल मीडिया पर 18 सितंबर को तेज़ी से वायरल हो गईं।
राष्ट्र प्रेस
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