15 अगस्त 2026
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'वंदे मातरम्' विवाद: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस मुख्यालय का वीडियो शेयर किया, फैसला देश पर छोड़ा

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'वंदे मातरम्' विवाद: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस मुख्यालय का वीडियो शेयर किया, फैसला देश पर छोड़ा

सारांश

स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम्' रोकने के कथित प्रयास का वीडियो सामने आया। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने इसे एक्स पर शेयर कर फैसला देशवासियों पर छोड़ा। दिल्ली भाजपा ने इसे 'राष्ट्र का अपमान' बताते हुए कांग्रेस से तत्काल माफी की मांग की।

मुख्य बातें

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 15 अगस्त 2026 को कांग्रेस मुख्यालय का एक वीडियो एक्स पर शेयर किया, जिसमें 'वंदे मातरम्' गाने से कथित तौर पर रोकने का प्रयास दिखाया गया।
वीडियो में राहुल गांधी , सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे नजर आ रहे हैं।
दुबे ने कैप्शन में लिखा कि 'निर्णय देश करे', बिना सीधी टिप्पणी किए मामला जनता पर छोड़ा।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने इसे 'राष्ट्र का अपमान' बताया और कांग्रेस से तत्काल माफी की मांग की।
संसद ने 1950 में 'वंदे मातरम्' को राष्ट्रगान का दर्जा दिया था; कांग्रेस ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम्' गाने से कथित तौर पर रोकने के प्रयास की कड़ी निंदा की। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर करते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर सीधा निशाना साधा और फैसले की जिम्मेदारी देशवासियों पर छोड़ दी।

वीडियो में क्या दिखा

वायरल वीडियो में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी को आपस में बातचीत करते देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि दोनों नेता 'वंदे मातरम्' गाने को रोकने की कोशिश कर रहे थे। वीडियो में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी नजर आ रहे हैं।

दुबे ने वीडियो के कैप्शन में लिखा, 'आज राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के कांग्रेस मुख्यालय पर हुए अपमान पर यह है सोनिया गांधी व राहुल गांधी के बीच हुई बातचीत का अंश। निर्णय देश करे, मेरा मुंह बंद रखना ही उचित है।'

भाजपा का आरोप

भाजपा ने इससे पहले भी सोशल मीडिया पर इसी घटना से जुड़ा एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि सोनिया गांधी को 'वंदे मातरम्' की शुरुआती पंक्तियों के बाद ही असहजता होने लगी और उन्होंने गीत रोकने का संकेत दिया। पार्टी ने यह भी कहा कि राहुल गांधी पूरे गायन के दौरान परेशान दिखे।

भाजपा ने इसे 'गांधी परिवार की पुरानी दुविधा' बताते हुए सवाल उठाया कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और सभ्यतागत विरासत से उन्हें इतनी असहजता क्यों है।

दिल्ली भाजपा की प्रतिक्रिया

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने इस कथित घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे 'राष्ट्र का अपमान' करार दिया और कांग्रेस से तत्काल माफी की मांग की। उन्होंने कहा कि यह घटना संसद द्वारा निर्धारित नियमों का भी उल्लंघन है।

मल्होत्रा ने आगे कहा, 'गांधी परिवार और कांग्रेस नेतृत्व ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे न तो राष्ट्र का सम्मान करते हैं, न देश की संस्कृति से प्रेम करते हैं और न ही उन शहीदों के प्रति आदर रखते हैं जिन्होंने 'वंदे मातरम्' का नारा लगाते हुए फांसी के फंदे को चूमा।'

कानूनी और संवैधानिक संदर्भ

उल्लेखनीय है कि संसद ने 1950 में 'वंदे मातरम्' को राष्ट्रगान का दर्जा दिया था। भाजपा नेताओं ने तर्क दिया कि इसका अपमान संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं दोनों का अपमान है। मल्होत्रा ने यह भी कहा कि गांधी परिवार को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्हें 'वंदे मातरम्' से आपत्ति है या 'भारत माता' से।

आगे क्या

कांग्रेस की ओर से इस वीडियो या भाजपा के आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब देशभर में स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय उत्सव की भावना चरम पर थी। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में संसद और सार्वजनिक बहस में और तूल पकड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और कांग्रेस की ओर से अभी कोई स्पष्टीकरण नहीं आया — यह चुप्पी भाजपा के आख्यान को और मजबूत करती है। गौरतलब है कि 'वंदे मातरम्' बनाम 'जन गण मन' की बहस दशकों पुरानी है और इसे बार-बार राजनीतिक ध्रुवीकरण के लिए इस्तेमाल किया गया है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह सवाल चूक जाती है कि क्या वीडियो का संदर्भ वही है जो दिखाया जा रहा है — स्वतंत्र तथ्य-जांच यहाँ अनिवार्य है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'वंदे मातरम्' विवाद क्या है और यह कब हुआ?
15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम्' गाने से कथित तौर पर रोकने का एक वीडियो सामने आया। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने इसे एक्स पर शेयर किया, जिसके बाद यह विवाद राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन गया।
वीडियो में कौन-कौन से कांग्रेस नेता नजर आ रहे हैं?
वीडियो में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे नजर आ रहे हैं। भाजपा का दावा है कि सोनिया गांधी ने 'वंदे मातरम्' की शुरुआती पंक्तियों के बाद गीत रोकने का संकेत दिया।
भाजपा ने इस घटना पर क्या मांग की है?
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने इस घटना को 'राष्ट्र का अपमान' बताते हुए कांग्रेस से तत्काल माफी की मांग की है। उन्होंने गांधी परिवार से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि उन्हें 'वंदे मातरम्' से आपत्ति है या 'भारत माता' से।
'वंदे मातरम्' को राष्ट्रगान का दर्जा कब मिला?
संसद ने 1950 में 'वंदे मातरम्' को राष्ट्रगान का दर्जा दिया था। यह बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित गीत स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक रहा है और इसे 'जन गण मन' के समकक्ष सम्मान दिया गया है।
कांग्रेस ने इन आरोपों पर क्या कहा?
अभी तक कांग्रेस की ओर से इस वीडियो या भाजपा के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस चुप्पी को लेकर राजनीतिक हलकों में अटकलें जारी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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