'वंदे मातरम' विवाद: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कांग्रेस से राष्ट्रीय माफी की मांग की
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम' गाने से कथित तौर पर रोकने की घटना की कड़ी निंदा की। मल्होत्रा ने इसे 'राष्ट्र का अपमान' करार देते हुए कांग्रेस से तत्काल माफी की मांग की।
मुख्य घटनाक्रम
मल्होत्रा ने कहा, 'मैं इसकी कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह घटना संसद द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन है। उनके अनुसार, संसद ने 1950 में 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगीत का दर्जा दिया था, और इसका अपमान संविधान एवं लोकतांत्रिक संस्था दोनों का अपमान है।
भाजपा की माँग
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि गांधी परिवार को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्हें 'वंदे मातरम' से आपत्ति है या 'भारत माता' से। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी परिवार और कांग्रेस नेतृत्व ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वे न तो राष्ट्र का सम्मान करते हैं, न देश की सांस्कृतिक विरासत से प्रेम रखते हैं और न ही उन शहीदों के प्रति आदर रखते हैं जिन्होंने 'वंदे मातरम' का नारा लगाते हुए फाँसी के फंदे को चूमा।
मल्होत्रा ने यह भी कहा कि कांग्रेस तुष्टीकरण की राजनीति में इस हद तक उतर आई है कि अब उसे देशभक्ति गीत से भी भय लगने लगा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक कांग्रेस देशभक्ति को कलंक मानती रहेगी, देश उसे माफ नहीं करेगा।
स्वतंत्रता दिवस समारोह
इससे पहले, हर्ष मल्होत्रा ने दिल्ली भाजपा कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराकर स्वतंत्रता दिवस मनाया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि इस बार पहली बार लाल किले पर 'वंदे मातरम' गाया गया, जो देश के लिए गर्व का क्षण है।
मल्होत्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने पिछले 12 वर्षों की विकास उपलब्धियों, महिला आरक्षण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान और युवाओं के लिए शिक्षा एवं रोजगार के नए अवसरों पर विस्तार से चर्चा की।
जनगणना में भागीदारी का आह्वान
मल्होत्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान के अनुरूप सभी युवा भाजपा कार्यकर्ता आगामी जनगणना में सक्रिय भूमिका निभाएंगे और जनगणना प्रपत्रों को सही ढंग से भरवाने में अपने परिवारों से लेकर समाज तक मदद करेंगे।
कार्यक्रम में सांसद मनोज तिवारी, दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, प्रदेश पदाधिकारी विष्णु मित्तल, योगिता सिंह, मोहन लाल गिहारा, राजेश भाटिया, सुनील यादव, प्रवीण शंकर कपूर, विक्रम बिधूड़ी, ऋचा पांडे मिश्रा, सारिका जैन, कौशल मिश्रा, कैलाश जैन, गौरव खारी, अभिषेक टंडन, रोहित चहल, संतोष ओझा, अनीस अब्बासी, संतोष पाल, रजत चौधरी और अमित गुप्ता सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर राजनीतिक संवेदनशीलता चरम पर है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की प्रतिक्रिया और इस घटना की आधिकारिक जाँच की माँग पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।