17 अगस्त 2026
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वंदे मातरम विवाद: दिलीप घोष का कांग्रेस पर हमला — 'सोनिया-राहुल माफी माँगें'

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वंदे मातरम विवाद: दिलीप घोष का कांग्रेस पर हमला — 'सोनिया-राहुल माफी माँगें'

सारांश

वंदे मातरम विवाद ने एक बार फिर राष्ट्रीय प्रतीकों की राजनीति को केंद्र में ला दिया है। मंत्री दिलीप घोष ने सोनिया और राहुल गांधी से सीधे माफी माँगने की माँग की — और इसे कांग्रेस की 'असली मानसिकता' का प्रमाण बताया।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने 17 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
घोष ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से 15 अगस्त की घटना के लिए सार्वजनिक माफी माँगने की माँग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वंदे मातरम, राष्ट्रगान, राष्ट्रीय ध्वज और न्यायपालिका — सभी का अपमान किया है।
बंगाल में 7 दिनों की तिरंगा यात्रा में लाखों लोग शामिल हुए — घोष ने इसे जनता के राष्ट्रप्रेम का प्रमाण बताया।
पश्चिम बंगाल में BJP सरकार के 100 दिन पूरे; घोष ने इसे 'यादगार' और विकासोन्मुख बताया।

पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने 17 अगस्त 2026 को कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम' के गायन को लेकर उठे विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। घोष ने आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) ने एक बार फिर राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति अपनी वास्तविक मानसिकता उजागर कर दी है।

मुख्य आरोप और बयान

मंत्री दिलीप घोष ने कहा, 'कांग्रेस ने बार-बार राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान किया है, जिनमें वंदे मातरम, राष्ट्रगान, राष्ट्रीय ध्वज और यहाँ तक कि न्यायपालिका भी शामिल है।' उन्होंने आगे कहा, '15 अगस्त को जिस तरीके से वंदे मातरम का अपमान किया गया, उसके लिए सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी को माफी माँगनी चाहिए। अगर उन्हें इसे गाना ही था, तो सम्मान के साथ गाना चाहिए था — सिर्फ दिखावा क्यों?'

बंगाल में तिरंगा यात्रा का संदर्भ

घोष ने कहा कि बंगाल में वंदे मातरम को लेकर जनता में गहरा उत्साह है। उन्होंने बताया कि 7 दिनों तक चली तिरंगा यात्रा में लाखों लोग शामिल हुए और पूरे प्रदेश में झंडे फहराए गए। उनके अनुसार, 'ऐसे समय में भी कांग्रेस राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान करने में लगी है — यह दुर्भाग्यपूर्ण है।'

सीजेपी नेता के बांकुरा दौरे पर टिप्पणी

सीजेपी नेता आशुतोष रांका के बांकुरा दौरे पर घोष ने कहा कि कुछ लोग केवल प्रचार पाने के लिए मुद्दे तलाशते हैं। उन्होंने कहा, 'यह लोकतंत्र है और वे जो चाहें कर सकते हैं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़े या किसी को परेशानी हो।'

भाजपा सरकार के 100 दिन

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के 100 दिन पूरे होने पर घोष ने कहा कि यह अवधि 'यादगार' रही है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने विकास की राह में आने वाली रुकावटें दूर कीं और केंद्र सरकार की उन योजनाओं को लागू किया जिनसे लोग लंबे समय से वंचित थे। घोष ने कहा, 'बंगाल के लोग खुश हैं और धीरे-धीरे सबको लाभ मिलेगा।' यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक तनाव अभी भी बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ सत्तारूढ़ दल विपक्ष को 'राष्ट्र-विरोधी' फ्रेम में पेश करने की कोशिश कर रहा है। कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई विस्तृत जवाब सामने नहीं आया है, जो इस आरोप को एकतरफा बनाता है। असली सवाल यह है कि क्या यह विवाद बंगाल की नई सरकार के 100-दिन के एजेंडे को परिभाषित करेगा, या विकास के मुद्दे जल्द ही केंद्र में आएँगे।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वंदे मातरम विवाद क्या है जिस पर दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी?
कांग्रेस मुख्यालय में 15 अगस्त के कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम के गायन को लेकर एक विवाद उठा, जिसे लेकर BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राष्ट्रगीत का अपमान किया। पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने इसे कांग्रेस की 'असली मानसिकता' का उदाहरण बताया।
दिलीप घोष ने कांग्रेस से क्या माँग की?
दिलीप घोष ने माँग की कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी 15 अगस्त को वंदे मातरम के कथित अपमान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी माँगे। उन्होंने कहा कि यदि गाना था, तो सम्मान के साथ गाना चाहिए था।
बंगाल में तिरंगा यात्रा कितने दिनों तक चली और इसमें कितने लोग शामिल हुए?
दिलीप घोष के अनुसार, बंगाल में तिरंगा यात्रा 7 दिनों तक चली और इसमें लाखों लोग शामिल हुए। उन्होंने इसे जनता के राष्ट्रप्रेम का प्रमाण बताया।
पश्चिम बंगाल में BJP सरकार के 100 दिन पूरे होने पर घोष ने क्या कहा?
घोष ने कहा कि ये 100 दिन 'यादगार' रहे हैं। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने विकास में बाधा डालने वाली रुकावटें दूर कीं और केंद्र सरकार की उन योजनाओं को लागू किया जिनसे लोग लंबे समय से वंचित थे।
सीजेपी नेता आशुतोष रांका के बांकुरा दौरे पर घोष का क्या रुख रहा?
घोष ने कहा कि कुछ लोग केवल प्रचार पाने के लिए मुद्दे तलाशते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में सबको अधिकार है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़े।
राष्ट्र प्रेस
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