दिलीप घोष का राहुल गांधी पर हमला: 'वंदे मातरम' और हिजाब विवाद पर कांग्रेस को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने 26 अगस्त 2026 को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर कई मुद्दों पर तीखा हमला बोला। घोष ने 'वंदे मातरम', चीनी की कीमतें और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हिजाब फैसले — तीनों विषयों पर कांग्रेस की आलोचना की।
वंदे मातरम विवाद पर घोष का बयान
दिलीप घोष ने 'वंदे मातरम' के विरोध को लेकर कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा, 'मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी चाहे जो भी करें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। संसद में पहले ही एक कानून पास हो चुका है। संविधान और आज़ादी के बाद 'वंदे मातरम' को मान्यता दी गई है।' उन्होंने आगे कहा, 'देश के लोग इसका सम्मान करते हैं और इसे स्वीकार करते हैं। अब पूरे देश में 'वंदे मातरम' गाया जा रहा है और इसमें कोई समस्या नहीं है। कांग्रेस को, जब देशहित में कुछ होता है, तो उससे समस्या रहती है।'
राहुल गांधी की चीनी महँगाई टिप्पणी पर पलटवार
चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी पर राहुल गांधी की संसदीय टिप्पणी का जवाब देते हुए घोष ने कहा, 'उनके समय में क्या सस्ता था? अगर आप प्रतिशत के हिसाब से तुलना करें, तो आज सब कुछ सस्ता है।' उन्होंने कांग्रेस के 10 साल के शासनकाल का हवाला देते हुए कहा, 'आपने देश को किस हालत में छोड़ा था? सोना तक बेचना पड़ा था।' घोष ने यह भी कहा कि मौजूदा सरकार का काम इतना बेहतर है कि विपक्ष के पास उठाने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है।
हिजाब और स्कूल ड्रेस कोड पर रुख
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के इस फैसले पर कि हिजाब स्कूल यूनिफॉर्म का हिस्सा नहीं है, घोष ने कोर्ट के निर्णय का समर्थन करते हुए कहा, 'सेना, पुलिस और दूसरे अर्धसैनिक बलों में ड्रेस कोड होते हैं, जहाँ महिलाएँ भी काम करती हैं। क्या वे हिजाब पहनती हैं? इसलिए स्कूल का ड्रेस कोड सबका मानना है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत या सामाजिक समारोहों में कोई भी अपनी पसंद की पोशाक पहन सकता है, लेकिन जहाँ अनुशासन और कानून-व्यवस्था का प्रश्न हो, वहाँ ऐसी छूट संभव नहीं।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच राष्ट्रीय प्रतीकों, न्यायिक फैसलों और महँगाई जैसे मुद्दों पर सियासी तनाव बढ़ा हुआ है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में BJP और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच पहले से ही तीखी प्रतिस्पर्धा है, और दिलीप घोष का यह बयान राष्ट्रीय मुद्दों पर BJP की आक्रामक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
आगे क्या
कांग्रेस की ओर से घोष के बयानों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हिजाब फैसले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस जारी रहने की संभावना है।