26 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिलीप घोष का राहुल गांधी पर हमला: 'वंदे मातरम' और हिजाब विवाद पर कांग्रेस को घेरा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिलीप घोष का राहुल गांधी पर हमला: 'वंदे मातरम' और हिजाब विवाद पर कांग्रेस को घेरा

सारांश

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने एक ही प्रेस वार्ता में कांग्रेस को तीन मोर्चों पर घेरा — 'वंदे मातरम', चीनी की कीमतें और हिजाब। राहुल गांधी के 10 साल के शासन पर तंज कसते हुए कहा, 'सोना तक बेचना पड़ा था।'

मुख्य बातें

दिलीप घोष ने 26 अगस्त 2026 को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस पर हमला बोला।
घोष ने कहा कि 'वंदे मातरम' को संसदीय कानून और संविधान से मान्यता प्राप्त है; कांग्रेस का विरोध देशहित के खिलाफ है।
चीनी महँगाई पर राहुल गांधी की टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा — कांग्रेस के 10 साल के शासन में देश को सोना बेचना पड़ा था।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हिजाब फैसले का समर्थन करते हुए कहा — अनुशासन वाले संस्थानों में ड्रेस कोड सर्वोपरि है।
कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने 26 अगस्त 2026 को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर कई मुद्दों पर तीखा हमला बोला। घोष ने 'वंदे मातरम', चीनी की कीमतें और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हिजाब फैसले — तीनों विषयों पर कांग्रेस की आलोचना की।

वंदे मातरम विवाद पर घोष का बयान

दिलीप घोष ने 'वंदे मातरम' के विरोध को लेकर कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा, 'मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी चाहे जो भी करें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। संसद में पहले ही एक कानून पास हो चुका है। संविधान और आज़ादी के बाद 'वंदे मातरम' को मान्यता दी गई है।' उन्होंने आगे कहा, 'देश के लोग इसका सम्मान करते हैं और इसे स्वीकार करते हैं। अब पूरे देश में 'वंदे मातरम' गाया जा रहा है और इसमें कोई समस्या नहीं है। कांग्रेस को, जब देशहित में कुछ होता है, तो उससे समस्या रहती है।'

राहुल गांधी की चीनी महँगाई टिप्पणी पर पलटवार

चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी पर राहुल गांधी की संसदीय टिप्पणी का जवाब देते हुए घोष ने कहा, 'उनके समय में क्या सस्ता था? अगर आप प्रतिशत के हिसाब से तुलना करें, तो आज सब कुछ सस्ता है।' उन्होंने कांग्रेस के 10 साल के शासनकाल का हवाला देते हुए कहा, 'आपने देश को किस हालत में छोड़ा था? सोना तक बेचना पड़ा था।' घोष ने यह भी कहा कि मौजूदा सरकार का काम इतना बेहतर है कि विपक्ष के पास उठाने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है।

हिजाब और स्कूल ड्रेस कोड पर रुख

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के इस फैसले पर कि हिजाब स्कूल यूनिफॉर्म का हिस्सा नहीं है, घोष ने कोर्ट के निर्णय का समर्थन करते हुए कहा, 'सेना, पुलिस और दूसरे अर्धसैनिक बलों में ड्रेस कोड होते हैं, जहाँ महिलाएँ भी काम करती हैं। क्या वे हिजाब पहनती हैं? इसलिए स्कूल का ड्रेस कोड सबका मानना है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत या सामाजिक समारोहों में कोई भी अपनी पसंद की पोशाक पहन सकता है, लेकिन जहाँ अनुशासन और कानून-व्यवस्था का प्रश्न हो, वहाँ ऐसी छूट संभव नहीं।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच राष्ट्रीय प्रतीकों, न्यायिक फैसलों और महँगाई जैसे मुद्दों पर सियासी तनाव बढ़ा हुआ है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में BJP और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच पहले से ही तीखी प्रतिस्पर्धा है, और दिलीप घोष का यह बयान राष्ट्रीय मुद्दों पर BJP की आक्रामक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

आगे क्या

कांग्रेस की ओर से घोष के बयानों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हिजाब फैसले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

चीनी की कीमतों पर उनका 'प्रतिशत तुलना' वाला तर्क बिना आँकड़ों के कमज़ोर पड़ता है — और यह विपक्ष को पलटवार का मौका देता है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हिजाब फैसले को लेकर उनका समर्थन कोर्ट की स्थिति के अनुरूप है, लेकिन इसे राजनीतिक रंग देना उस बहस को और उलझा सकता है जो मूलतः संवैधानिक है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने 'वंदे मातरम' पर कांग्रेस को क्यों घेरा?
दिलीप घोष ने कहा कि 'वंदे मातरम' को संसदीय कानून और संविधान से मान्यता मिली हुई है, और देशहित के कामों पर कांग्रेस का विरोध अनुचित है। उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के रुख को देश की भावनाओं के खिलाफ बताया।
चीनी की कीमतों पर राहुल गांधी की टिप्पणी का दिलीप घोष ने क्या जवाब दिया?
घोष ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में प्रतिशत के हिसाब से महँगाई अधिक थी और देश को सोना तक बेचना पड़ा था। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के बेहतर काम की वजह से विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हिजाब पर क्या फैसला दिया और घोष ने क्या कहा?
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने फैसला दिया कि हिजाब स्कूल यूनिफॉर्म का हिस्सा नहीं है। घोष ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि सेना और पुलिस जैसे अनुशासित संस्थानों में महिलाएँ भी ड्रेस कोड का पालन करती हैं, इसलिए स्कूल में भी यही नियम लागू होना चाहिए।
दिलीप घोष पश्चिम बंगाल में किस पद पर हैं?
दिलीप घोष पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री हैं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता हैं। वे राज्य में BJP के प्रमुख प्रवक्ताओं में से एक माने जाते हैं।
क्या कांग्रेस ने दिलीप घोष के बयानों पर प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक कांग्रेस की ओर से घोष के इन बयानों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बहस आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 4 दिन पहले
  5. 5 दिन पहले
  6. 5 दिन पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 1 सप्ताह पहले