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सेंसेक्स 236 अंक उछला, 77,892 पर खुला; बैंकिंग-रियल्टी शेयरों में जोरदार खरीदारी

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सेंसेक्स 236 अंक उछला, 77,892 पर खुला; बैंकिंग-रियल्टी शेयरों में जोरदार खरीदारी

सारांश

ब्रेंट क्रूड 86.3 डॉलर पर लुढ़का और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी आई — इन दो वैश्विक संकेतों ने बुधवार को भारतीय बाज़ार को हरे निशान में खोला। सेंसेक्स 236 अंक चढ़ा, बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर अगुआ बने, जबकि आईटी और मेटल शेयर दबाव में रहे।

मुख्य बातें

सेंसेक्स 26 अगस्त को 236.01 अंक (0.30%) की बढ़त के साथ 77,892.10 पर खुला।
निफ्टी 7.40 अंक की तेजी के साथ 24,341.95 पर था।
निफ्टी पीएसयू बैंक , निफ्टी रियल्टी और निफ्टी प्राइवेट बैंक शीर्ष गेनर सूचकांक रहे।
ब्रेंट क्रूड गिरकर 86.3 डॉलर प्रति बैरल पर आया — अमेरिका-ईरान युद्धविराम संकेतों के बाद।
अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 4.64 प्रतिशत पर; डाओ जोन्स 0.30% और नैस्डैक 0.66% की बढ़त के साथ बंद।
निफ्टी आईटी , निफ्टी मेटल और निफ्टी ऑटो लाल निशान में रहे।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स बुधवार, 26 अगस्त को शुरुआती कारोबार में 236.01 अंक यानी 0.30 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,892.10 पर खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 7.40 अंक की मामूली तेजी के साथ 24,341.95 पर था। वैश्विक बाज़ारों में मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी — इन तीन कारकों ने मिलकर घरेलू बाज़ार को हरे निशान में धकेला।

बाज़ार में किसने की अगुआई

शुरुआती सत्र में निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी प्राइवेट बैंक सबसे अधिक बढ़त में रहे। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी मीडिया, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी पीएसई और निफ्टी एनर्जी भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।

दूसरी तरफ, निफ्टी मेटल, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी आईटी, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी इन्फ्रा और निफ्टी ऑटो लाल निशान में थे, जो दर्शाता है कि तेजी व्यापक नहीं, बल्कि चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित रही।

प्रमुख शेयरों का हाल

सेंसेक्स के गेनर्स में इटरनल, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट, अदाणी पोर्ट्स, इंडिगो, एसबीआई, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, ट्रेंट, एक्सिस बैंक, टीसीएस, एचयूएल, एचसीएल टेक, कोटक महिंद्रा बैंक और मारुति सुजुकी शामिल रहे।

वहीं, इन्फोसिस, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, एलएंडटी, बीईएल, एमएंडएम, एचडीएफसी बैंक और टाइटन दबाव में रहे।

बाज़ार को मिले दो बड़े सकारात्मक संकेत

बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, बुधवार के सत्र में दो प्रमुख कारकों ने धारणा को बेहतर किया। पहला — अमेरिका और ईरान के बीच संभावित युद्धविराम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से शिपिंग बहाल होने की खबरों के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर 86.3 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। विशेषज्ञों का कहना है कि ऊँची कच्चे तेल की कीमतें भारतीय बाज़ार की रैली में सबसे बड़ी रुकावट रही थीं, इसलिए यह गिरावट राहत की खबर है।

दूसरा — अमेरिका में 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड घटकर 4.64 प्रतिशत पर आई, जो वैश्विक इक्विटी बाज़ारों के लिए अनुकूल संकेत माना जाता है क्योंकि इससे उभरते बाज़ारों में पूंजी प्रवाह बढ़ने की संभावना रहती है।

वैश्विक बाज़ारों का मिज़ाज

एशियाई बाज़ारों में व्यापक मजबूती देखी गई — टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, सोल, बैंकॉक और जकार्ता सभी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। पिछले सत्र में अमेरिकी बाज़ार भी बढ़त के साथ बंद हुए थे — डाओ जोन्स 0.30 प्रतिशत और नैस्डैक 0.66 प्रतिशत की मजबूती के साथ।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक निवेशक भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी मौद्रिक नीति के संकेतों को एक साथ तौल रहे हैं। भारतीय बाज़ार की दिशा आगे काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों और फेडरल रिज़र्व के अगले कदम पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

मेटल और ऑटो जैसे बड़े सेक्टर अभी भी लाल निशान में हैं, जो दर्शाता है कि बाज़ार में पूर्ण विश्वास अभी नहीं लौटा। ब्रेंट क्रूड की गिरावट राहत देती है, लेकिन अमेरिका-ईरान युद्धविराम की खबरें अभी कथित और अनिश्चित हैं — यदि स्थिति पलटी तो कच्चे तेल की कीमतें फिर उछल सकती हैं। असली सवाल यह है कि फेडरल रिज़र्व की अगली बैठक से पहले यह तेजी टिकाऊ है या महज एक राहत-रैली।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

26 अगस्त को सेंसेक्स कितना बढ़ा?
26 अगस्त को सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 236.01 अंक यानी 0.30 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,892.10 पर खुला। निफ्टी 7.40 अंक की मामूली तेजी के साथ 24,341.95 पर था।
आज बाज़ार में तेजी के क्या कारण रहे?
दो प्रमुख कारण रहे — पहला, अमेरिका-ईरान युद्धविराम संकेतों के बाद ब्रेंट क्रूड 86.3 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। दूसरा, अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 4.64 प्रतिशत पर नरम हुई, जिससे वैश्विक इक्विटी बाज़ारों में धारणा सुधरी।
आज कौन से सेक्टर सबसे ज़्यादा चढ़े और कौन से गिरे?
निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी प्राइवेट बैंक शीर्ष गेनर रहे। वहीं निफ्टी आईटी, निफ्टी मेटल, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी इन्फ्रा और निफ्टी ऑटो लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
एशियाई बाज़ारों का क्या हाल रहा?
टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, सोल, बैंकॉक और जकार्ता सभी हरे निशान में थे। अमेरिकी बाज़ार भी पिछले सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए — डाओ जोन्स 0.30% और नैस्डैक 0.66% ऊपर रहा।
क्रूड की कीमतों का भारतीय शेयर बाज़ार पर क्या असर होता है?
भारत अपनी कच्चे तेल की ज़रूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए क्रूड की ऊँची कीमतें चालू खाते के घाटे और मुद्रास्फीति को बढ़ाती हैं, जो बाज़ार की धारणा को कमज़ोर करती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड का 86.3 डॉलर पर आना बाज़ार के लिए सकारात्मक संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
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