22 जुलाई 2026
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सेंसेक्स 85 अंक फिसला, निफ्टी 24,150 पर; ऑटो-डिफेंस शेयरों में खरीदारी, IT-बैंकिंग दबाव में

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सेंसेक्स 85 अंक फिसला, निफ्टी 24,150 पर; ऑटो-डिफेंस शेयरों में खरीदारी, IT-बैंकिंग दबाव में

सारांश

बुधवार को भारतीय बाज़ार सपाट खुला — सेंसेक्स 85 अंक फिसला, निफ्टी 24,150 पर। ऑटो और डिफेंस सेक्टर में खरीदारी ने राहत दी, लेकिन IT, बैंकिंग और फार्मा पर दबाव रहा। अमेरिका-ईरान तनाव और चढ़ते क्रूड ने बाज़ार की धारणा को कमज़ोर रखा।

मुख्य बातें

BSE सेंसेक्स 85.16 अंक (0.11%) गिरकर 77,384.95 पर खुला; NSE निफ्टी 37.25 अंक (0.15%) की गिरावट के साथ 24,150.45 पर।
निफ्टी ऑटो , डिफेंस , एनर्जी , मेटल और एफएमसीजी हरे निशान में; IT , बैंकिंग , फार्मा और ऑयल एंड गैस लाल निशान में।
निफ्टी मिडकैप 100 71 अंक (0.11%) गिरकर 62,915 पर; स्मॉलकैप 100 70 अंक (0.37%) टूटकर 19,361 पर।
मारुति सुजुकी , टाइटन और HUL टॉप गेनर्स; HDFC बैंक , TCS और इन्फोसिस टॉप लूजर्स में।
FCNR डिपॉजिट से डॉलर इनफ्लो 20 अरब डॉलर पार; रुपये के स्थिर रहने की उम्मीद।
अमेरिका-ईरान तनाव और ब्रेंट क्रूड की ऊँची कीमतें बाज़ार पर दबाव का प्रमुख कारण।

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 22 जुलाई को कारोबार की शुरुआत लगभग सपाट रही। BSE सेंसेक्स 85.16 अंक यानी 0.11 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 77,384.95 पर और NSE निफ्टी 50 37.25 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 24,150.45 पर खुला। अमेरिका-ईरान तनाव और ब्रेंट क्रूड की चढ़ती कीमतों ने बाज़ार की धारणा पर दबाव बनाए रखा, जबकि ऑटोमोबाइल और डिफेंस क्षेत्रों में खरीदारी ने कुछ राहत दी।

सेक्टोरल प्रदर्शन: हरे और लाल निशान में कौन

शुरुआती कारोबार में सेक्टोरल सूचकांकों में मिला-जुला रुझान रहा। निफ्टी ऑटो, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी मेटल, निफ्टी कंजम्पशन और निफ्टी एफएमसीजी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी आईटी, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी सर्विसेज और निफ्टी मीडिया लाल निशान में थे।

मिडकैप और स्मॉलकैप में भी दबाव

लार्जकैप की तरह मिड और स्मॉलकैप शेयरों में भी शुरुआती दबाव रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 71 अंक यानी 0.11 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 62,915 पर था। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में गिरावट कुछ अधिक रही — यह 70 अंक यानी 0.37 प्रतिशत टूटकर 19,361 पर आ गया।

टॉप गेनर्स और लूजर्स

सेंसेक्स पैक में मारुति सुजुकी, इटरनल, टाइटन, HUL और ट्रेंट प्रमुख बढ़त वाले शेयर रहे। वहीं इंडिगो, एक्सिस बैंक, टेक महिंद्रा, SBI, सनफार्मा, इन्फोसिस, कोटक महिंद्रा बैंक, HDFC बैंक, ICICI बैंक, बजाज फिनसर्व, TCS, NTPC, BEL, HCL टेक और अल्ट्राटेक सीमेंट गिरावट में रहे।

विशेषज्ञों की राय: बाज़ार में कहाँ है मौका

बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका-ईरान तनाव और ब्रेंट क्रूड की बढ़ती कीमतें बाज़ार पर दबाव बनाए हुए हैं, भले ही अन्य मोर्चों पर स्थिति बेहतर हो। ऑटोमोबाइल क्षेत्र की पहली तिमाही के शुरुआती नतीजे उत्साहजनक रहे हैं और प्रबंधन की टिप्पणियाँ भी सकारात्मक रही हैं। निर्यात के आँकड़े भी अनुकूल रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रमुख बैंकिंग शेयरों में गिरावट का दौर समाप्त होता दिख रहा है और इस सेक्टर में वैल्यू नज़र आ रही है।

FCNR डिपॉजिट के ज़रिये डॉलर इनफ्लो 20 अरब डॉलर के पार पहुँच गया है, जिससे रुपये के स्थिर रहने की उम्मीद है। आगे चलकर यह इनफ्लो और तेज़ होने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि बाज़ार में गिरावट के दौरान मज़बूत फंडामेंटल वाले शेयरों में निवेश का अवसर मिलेगा।

एशियाई बाज़ारों का हाल

वैश्विक संकेत मिले-जुले रहे। टोक्यो, शंघाई, सोल और जकार्ता के बाज़ार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि बैंकॉक और हांगकांग लाल निशान में थे। अमेरिकी शेयर बाज़ार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे। आने वाले सत्रों में क्रूड की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर निवेशकों की नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ भू-राजनीतिक अनिश्चितता और क्रूड का दबाव। यह ऐसे समय में आया है जब बैंकिंग शेयरों में लंबे समय से चली आ रही गिरावट थमने के संकेत मिल रहे हैं, जो बाज़ार के अगले चरण के लिए निर्णायक हो सकता है। FCNR इनफ्लो का 20 अरब डॉलर पार करना रुपये की स्थिरता के लिए शुभ संकेत है, लेकिन क्रूड की कीमतें यदि मौजूदा स्तर पर बनी रहीं तो आयात बिल और चालू खाते के घाटे पर असर अनिवार्य है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

22 जुलाई को सेंसेक्स और निफ्टी कितने अंक गिरे?
बुधवार, 22 जुलाई को BSE सेंसेक्स 85.16 अंक (0.11%) गिरकर 77,384.95 पर और NSE निफ्टी 37.25 अंक (0.15%) की गिरावट के साथ 24,150.45 पर खुला। कारोबार की शुरुआत लगभग सपाट रही।
आज किन सेक्टरों में तेज़ी और किनमें गिरावट रही?
निफ्टी ऑटो, इंडिया डिफेंस, एनर्जी, मेटल, कंजम्पशन और एफएमसीजी हरे निशान में रहे। वहीं निफ्टी आईटी, पीएसयू बैंक, प्राइवेट बैंक, फार्मा, हेल्थकेयर, ऑयल एंड गैस और मीडिया लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
बाज़ार पर दबाव के क्या कारण हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव और ब्रेंट क्रूड की बढ़ती कीमतें बाज़ार पर दबाव का प्रमुख कारण हैं। इसके बावजूद ऑटो सेक्टर के अच्छे तिमाही नतीजों और FCNR इनफ्लो की सकारात्मक खबरों ने बाज़ार को पूरी तरह टूटने से बचाए रखा।
FCNR डिपॉजिट और रुपये पर इसका क्या असर होगा?
FCNR डिपॉजिट के ज़रिये डॉलर इनफ्लो 20 अरब डॉलर के पार पहुँच गया है, जिससे रुपये के स्थिर रहने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक आगे यह इनफ्लो और तेज़ हो सकता है।
क्या मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट रही?
हाँ, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 71 अंक (0.11%) गिरकर 62,915 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 70 अंक (0.37%) टूटकर 19,361 पर था। स्मॉलकैप में गिरावट लार्जकैप और मिडकैप से अपेक्षाकृत अधिक रही।
राष्ट्र प्रेस
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