सेंसेक्स 729 अंक उछला, निफ्टी आईटी टॉप गेनर; 29 जुलाई को बाजार हरे निशान में खुला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शेयर बाजार बुधवार, 29 जुलाई को मजबूत शुरुआत के साथ खुला। सुबह 9:21 बजे IST पर BSE सेंसेक्स 729 अंक यानी 0.95 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,495 पर और NSE निफ्टी 50 202 अंक यानी 0.84 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,187 पर कारोबार कर रहा था। आईटी क्षेत्र की अगुवाई में यह तेजी व्यापक बाजार में भी दिखी।
आईटी सेक्टर की अगुवाई
शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी इंडेक्स 1 प्रतिशत से अधिक की छलांग के साथ सभी सेक्टोरल सूचकांकों में शीर्ष पर रहा। टीसीएस, इन्फोसिस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा जैसे प्रमुख आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी देखी गई। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी बाजारों में मंगलवार को डाओ जोन्स 1 प्रतिशत से अधिक चढ़कर बंद हुआ, जिसका सकारात्मक असर भारतीय आईटी शेयरों पर पड़ा।
व्यापक बाजार का हाल
हरे निशान में रहने वाले सूचकांकों में निफ्टी मेटल, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी फार्मा शामिल रहे। वहीं निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी पीएसई लाल निशान में रहे।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी खरीदारी का रुझान रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 236 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 62,598 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 105 अंक यानी 0.55 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,185 पर था।
सेंसेक्स के प्रमुख शेयर
सेंसेक्स पैक में एलएंडटी, इन्फोसिस, एचयूएल, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, एमएंडएम, इटरनल, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक और बजाज फिनसर्व प्रमुख गेनर्स रहे। दूसरी ओर इंडिगो, पावर ग्रिड, एशियन पेंट्स, टाइटन, ट्रेंट और बीईएल लुजर्स की सूची में रहे।
एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुझान रहा। टोक्यो, शंघाई, सोल और जकार्ता के बाजार लाल निशान में थे, जबकि केवल हांगकांग का बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहा था। गौरतलब है कि दक्षिण कोरिया में चिप शेयरों में आई भारी गिरावट को बाजार विशेषज्ञों ने भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत बताया।
विशेषज्ञ और संस्थागत निवेश
बाजार जानकारों के अनुसार, निफ्टी में सही कीमत वाले शेयरों की मदद से बाजार का मौजूदा सीमित दायरे वाला रुझान ऊपर की ओर टूट सकता है, हालांकि इसमें समय लग सकता है। विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि विदेशी निवेशकों की बड़े पैमाने पर वापसी के लिए कच्चे तेल की कीमतों और मॉनसून की प्रगति पर स्पष्टता जरूरी होगी।
संस्थागत निवेश के मोर्चे पर, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने मंगलवार को इक्विटी में ₹755.33 करोड़ का निवेश किया। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹1,664.16 करोड़ की खरीदारी की, जो बाजार में घरेलू पूंजी की मजबूत उपस्थिति को दर्शाता है। आने वाले सत्रों में कच्चे तेल के रुझान और मॉनसून की स्थिति बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।