भारतीय शेयर बाजार की हल्की तेजी: सेंसेक्स में 100 अंक की वृद्धि, आईटी शेयरों में मजबूती
सारांश
Key Takeaways
- सेंसेक्स में 143 अंक की वृद्धि हुई है।
- आईटी शेयरों में मजबूत बढ़त देखी गई।
- निवेशकों का विश्वास बना हुआ है।
- 25,250 का स्तर सहारा है, जबकि 25,650 का स्तर रेजिस्टेंस है।
- जोखिम प्रबंधन के साथ निवेश करना आवश्यक है।
मुंबई, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने हल्की बढ़त के साथ हरे निशान में शुरुआत की। सेंसेक्स 143 अंक चढ़कर 82,419 पर खुला, और फिर तेजी के साथ 82,579.16 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी ने 50 से अधिक अंक बढ़कर 25,567.60 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया।
खबर लिखे जाने तक (करीब 9.35 बजे) 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 106 अंकों यानी 0.13 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 82,382.07 पर कारोबार कर रहा था, जबकि एनएसई निफ्टी 89.30 (0.11 प्रतिशत) अंकों की बढ़त के साथ 82,365.37 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था।
आईटी शेयरों में आई कमी के बाद नए सिरे से खरीदारी के रुझान के कारण घरेलू बाजार में शुरुआती कारोबार में तेजी देखी गई, हालांकि कुछ समय बाद इसमें थोड़ी गिरावट आई। लेकिन बाद में बाजार ने फिर से मजबूती दिखाई।
व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.55 प्रतिशत की तेजी, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.24 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। बीएसई आईटी इंडेक्स में भी 1.4 प्रतिशत की बढ़त हुई।
सेक्टरवार, निफ्टी आईटी क्षेत्र में सबसे अधिक 1.34 प्रतिशत की वृद्धि हुई, इसके बाद निफ्टी बैंक में 0.32 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो में 0.26 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.20 प्रतिशत, और निफ्टी मेटल में 0.15 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में आईटी शेयरों ने सबसे अधिक बढ़त दर्ज की, जिसमें टेक महिंद्रा, इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, और टीसीएस के शेयरों में 1 से 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसके अतिरिक्त, सन फार्मा, एलएंडटी, मारुति सुजुकी, टाइटन, बीईएल, और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में भी तेजी देखी गई। वहीं, एनटीपीसी, पावरग्रिड, एक्सिस बैंक, एचयूएल, अल्ट्राटेक सीमेंट, और इटरनल टॉप लूजर्स के श्रेणी में रहे।
मार्केट विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी 25,250 से 25,650 के दायरे में समेकित हो रहा है, जिसका अर्थ है कि वर्तमान में बाजार सीमित दायरे में घूम रहा है। 25,250 का स्तर तत्काल सहारा है और इसके ऊपर टिके रहना बाजार की रिकवरी के लिए अनिवार्य है। वहीं, ऊपर की ओर 25,650 का स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस है।
बाजार के जानकार बताते हैं कि यदि संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों की बात करें तो विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का रुख हाल के सत्रों में मिला-जुला रहा है। जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार मजबूती दिखा रहे हैं और हालिया आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने 5,119 करोड़ रुपए से अधिक की शुद्ध खरीदारी की है। इससे बाजार में गिरावट का जोखिम कम हुआ है और निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। साथ ही, इंडिया वीआईएक्स में गिरावट आई है, जो यह संकेत देता है कि बाजार में निकट अवधि की घबराहट कम हुई है।
एक विशेषज्ञ का कहना है कि रेजिस्टेंस के पास जारी समेकन और बीच-बीच में हो रही मुनाफावसूली को देखते हुए सतर्कता और स्टॉक-विशिष्ट रणनीति अपनाना बेहतर रहेगा। जोखिम प्रबंधन के साथ सोच-समझकर निवेश करना ही वर्तमान में सही रणनीति मानी जाएगी।