भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन आई तेजी, सेंसेक्स में 568 अंक की बढ़त
सारांश
Key Takeaways
- सेंसेक्स में 568 अंक की वृद्धि हुई।
- निफ्टी50 भी तेजी के साथ बंद हुआ।
- कुछ सेक्टरों में तेजी और गिरावट देखी गई।
- विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में मजबूती बनी हुई है।
- सावधानी बरतते हुए निवेश करना महत्वपूर्ण है।
मुंबई, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पिछले तीन दिनों की गिरावट के बाद, मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने लगातार दूसरे दिन तेजी के साथ हरे निशान में बंद होकर निवेशकों को राहत दी।
इस दौरान, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 0.75 प्रतिशत या 568 अंक बढ़कर 76,070.84 पर बंद हुआ। दूसरी ओर, एनएसई निफ्टी50 ने भी 0.74 प्रतिशत या 172.35 अंक की बढ़त के साथ 23,581.15 पर समाप्त किया।
दिन के शुरुआती कारोबार में, सेंसेक्स 75,826.68 पर खुलकर 76,304.26 के उच्चतम स्तर पर पहुंचा, जबकि निफ्टी ने 23,493.20 पर खुलकर 23,656.80 का उच्चतम स्तर छुआ।
मंगलवार के सत्र के दौरान समग्र बाजार में तेजी का माहौल रहा। निफ्टी मिडकैप में 1.02 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.65 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।
सेक्टरवार विश्लेषण में, निफ्टी ऑटो (2.11 प्रतिशत) और निफ्टी मेटल (2.82 प्रतिशत) मुख्य रूप से उभरे, जबकि निफ्टी आईटी (0.97 प्रतिशत) और निफ्टी एफएमसीजी (0.75 प्रतिशत) में गिरावट आई।
सत्र के दौरान, इंडिया वोलेटिलिटी इंडेक्स (इंडिया वीआईएक्स) में 9.12 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 19.63 पर पहुंच गया, अंत में यह 8.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19.79 पर बंद हुआ।
निफ्टी50 इंडेक्स में इटरनल, टाटा स्टील, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी लाइफ, बीईएल, मारुति सुजुकी, एलएंडटी, भारती एयरटेल और ओएनजीसी के शेयरों में सबसे अधिक बढ़त देखी गई। वहीं, विप्रो, सिप्ला, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, इंफोसिस, आईटीसी और बजाज फाइनेंस के शेयर टॉप लूजर्स रहे।
मार्केट विशेषज्ञों के अनुसार, यदि निफ्टी 23,600 के ऊपर मजबूती से टिकता है तो यह 23,800 से 24,000 के स्तर तक जा सकता है। हालाँकि, यह रेंज आगे चलकर मजबूत रेजिस्टेंस भी बन सकती है। दूसरी ओर, यदि बाजार ऊंचे स्तर पर टिकने में असमर्थ रहता है तो यह फिर से 23,500 तक गिर सकता है और इसके नीचे 23,300-23,350 के स्तर पर मजबूत सपोर्ट मिल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद मजबूती बनी हुई है, लेकिन यह पूरी तरह से ट्रेंड में बदलाव का संकेत नहीं है। यह फिलहाल एक रिकवरी (सुधार) के दौर में है, जहां कुछ चुनिंदा सेक्टरों में ही अधिक खरीदारी हो रही है। वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते आगे भी बाजार में सावधानी के साथ हल्की तेजी का रुख बना रह सकता है।