28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पेपर लीक बिल पर सुरजेवाला का तंज: 'कानून बनाने से नहीं, माफिया का संरक्षण खत्म करने से रुकेगा लीक'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पेपर लीक बिल पर सुरजेवाला का तंज: 'कानून बनाने से नहीं, माफिया का संरक्षण खत्म करने से रुकेगा लीक'

सारांश

पेपर लीक रोधी विधेयक पर संसद में बहस के बीच कांग्रेस ने सीधा हमला बोला — सुरजेवाला ने कहा असली मुद्दा कानून नहीं, माफिया और सत्ता के रिश्ते हैं। महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब में लगातार हो रही लीक और 20 जुलाई की छात्र हिंसा ने विपक्ष को एकजुट कर दिया है।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने 28 जुलाई को पेपर लीक बिल को अपर्याप्त बताते हुए माफिया और सत्ता के गठजोड़ को असली समस्या करार दिया।
महाराष्ट्र, गुजरात और पंजाब में हाल ही में पेपर लीक की घटनाएँ सामने आई हैं; सुरजेवाला ने कहा देश में लगभग हर दिन ऐसी घटनाएँ हो रही हैं।
नगीना सांसद चंद्रशेखर ने 20 जुलाई को छात्रों पर हुई कथित हिंसा और उन पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की माँग की।
कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने केंद्रीय गृह मंत्री से सार्वजनिक माफी और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की माँग की।
विपक्ष ने स्पष्ट किया कि वह बिल पर चर्चा के साथ-साथ छात्र आंदोलन पर सरकार की जवाबदेही भी सुनिश्चित करेगा।

कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने 28 जुलाई को पेपर लीक रोधी विधेयक पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केवल कानून बनाने से परीक्षा पेपर लीक की घटनाएँ नहीं रुकेंगी, जब तक सत्ता में बैठे लोगों और लीक माफिया के बीच के रिश्ते नहीं तोड़े जाते। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र, गुजरात और पंजाब में लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाएँ इस बात का प्रमाण हैं कि मौजूदा व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है।

मुख्य घटनाक्रम

सुरजेवाला ने कहा, 'सच्चाई यह है कि सत्ता में बैठे मठाधीश माफिया को संरक्षण दे रहे हैं। गुजरात हो या पंजाब या फिर महाराष्ट्र, मंडी में बच्चों के भविष्य की बोली लगाकर बेचा जा रहा है। यह लड़ाई कानून बनाने की नहीं, कमेटी बनाने की नहीं, बल्कि सत्ताधीश मठाधीशों से उनका रिश्ता खत्म करने की है।' उन्होंने कहा कि देश में लगभग हर दिन पेपर लीक की घटनाएँ हो रही हैं और कोई भी नई समिति या कानून तब तक कारगर नहीं होगा जब तक राजनीतिक इच्छाशक्ति न हो।

विपक्ष की अन्य माँगें

नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर ने कहा कि विपक्ष पेपर लीक विरोधी बिल पर सार्थक चर्चा चाहता है, लेकिन साथ ही 20 जुलाई को छात्रों पर हुई कथित हिंसा और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों पर भी सरकार को जवाब देना होगा। उन्होंने माँग की कि छात्रों पर दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएँ और कहा कि 'जैसे अभी सरकार को पीछे हटना पड़ा, वैसे ही आगे भी पड़ेगा।'

कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने केंद्रीय गृह मंत्री से छात्रों के साथ हुई 'क्रूरता' के लिए सार्वजनिक माफी माँगने की माँग की। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी इस घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार हैं, उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और देश के युवाओं को न्याय मिलना सुनिश्चित किया जाए।

सरकार पर जवाबदेही का दबाव

सुरजेवाला ने यह भी कहा कि राहुल गांधी के साथ देश का युवा खड़ा है और सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। आलोचकों का कहना है कि पेपर लीक माफिया को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है, इसीलिए बार-बार कानून बनने के बावजूद स्थिति नहीं बदली। यह ऐसे समय में आया है जब संसद में पेपर लीक रोधी विधेयक पर चर्चा जारी है और विपक्ष इसे महज दिखावा बता रहा है।

क्या होगा आगे

गौरतलब है कि पेपर लीक की घटनाएँ पिछले कई वर्षों से राष्ट्रीय चिंता का विषय बनी हुई हैं और इस पर कई राज्यों में जाँच समितियाँ गठित हो चुकी हैं। विपक्ष का रुख स्पष्ट है — वह विधेयक के साथ-साथ छात्रों पर हुई कार्रवाई और माफिया के राजनीतिक संरक्षण पर भी जवाब चाहता है। संसद में इस मुद्दे पर तीखी बहस की संभावना बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विपक्ष की विश्वसनीयता भी तब बढ़ेगी जब वह उन राज्यों में ठोस जवाबदेही दिखाए जहाँ उसकी सहयोगी सरकारें हैं। छात्रों की माँग सरल है — निष्पक्ष परीक्षा और न्याय; राजनीतिक दलों को इसे मंच बनाने से बचना चाहिए।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रणदीप सुरजेवाला ने पेपर लीक बिल पर क्या कहा?
सुरजेवाला ने कहा कि केवल कानून बनाने से पेपर लीक नहीं रुकेगा; असली लड़ाई सत्ता में बैठे लोगों और लीक माफिया के बीच के संरक्षण संबंध को तोड़ने की है। उन्होंने महाराष्ट्र, गुजरात और पंजाब में हाल की घटनाओं का हवाला दिया।
20 जुलाई को छात्रों के साथ क्या हुआ था?
नगीना सांसद चंद्रशेखर के अनुसार, 20 जुलाई को छात्रों के साथ हिंसा की गई और उन्हें नुकसान पहुँचाया गया। विपक्ष ने माँग की है कि उन छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएँ।
कांग्रेस ने गृह मंत्री से माफी क्यों माँगी?
कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने कहा कि छात्रों के साथ जो 'क्रूरता' हुई, उसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री को सार्वजनिक माफी माँगनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
पेपर लीक की घटनाएँ किन राज्यों में सामने आई हैं?
सुरजेवाला ने महाराष्ट्र, गुजरात और पंजाब में हाल ही में पेपर लीक की घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में लगभग हर दिन ऐसी घटनाएँ हो रही हैं।
विपक्ष पेपर लीक बिल पर क्या चाहता है?
विपक्ष बिल पर संसद में सार्थक चर्चा चाहता है, लेकिन साथ ही छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, 20 जुलाई की हिंसा पर जवाबदेही और माफिया के राजनीतिक संरक्षण को समाप्त करने की माँग भी कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 घंटे पहले
  2. 7 घंटे पहले
  3. कल
  4. 3 दिन पहले
  5. 4 दिन पहले
  6. 4 दिन पहले
  7. 5 दिन पहले
  8. 5 दिन पहले