पेपर लीक पर AAP नेता कुलतार सिंह संधवां का केंद्र पर हमला, बोले — छात्रों पर लाठी नहीं, जवाबदेही चाहिए
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब विधानसभा के स्पीकर और आम आदमी पार्टी (AAP) नेता कुलतार सिंह संधवां ने 23 जुलाई को पेपर लीक मामलों पर केंद्र सरकार के रवैये की कड़ी आलोचना की और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हो रहे लाठीचार्ज को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्र 'भाड़े की भीड़' नहीं, बल्कि देश का भविष्य हैं।
छात्रों के समर्थन में संधवां का बयान
संधवां ने कहा, 'हम किसके लिए जीते हैं? हम अपने बच्चों के लिए जीते हैं, लेकिन जब उनको प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता है तो पेपर लीक करवा दिया जाता है।' उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ये पढ़े-लिखे छात्र हैं जिनके मन में देश की सेवा का सपना है — 'ये बच्चे अपने माँ-बाप के भविष्य तो हैं ही, देश का भविष्य भी हैं।'
यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की बात कही थी और सीजेपी (Students' Joint Protest) की ओर से देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
सरकार पर जवाबदेही की माँग
संधवां ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की न्यायसंगत माँगों के जवाब में 'बर्बरता' कर रही है। उन्होंने कहा, 'लड़कियों को बेइज्जत किया जा रहा है। छात्रों की माँग है कि सरकार देश के प्रति जवाबदेह हो।' उनके अनुसार, संबंधित विभाग के मंत्री का इस्तीफा जवाबदेही की पहली शर्त है।
उन्होंने कहा कि कुछ छात्रों ने आत्महत्या तक की है और ऐसे में फास्ट ट्रैक कोर्ट का महज आश्वासन पर्याप्त नहीं है — ठोस कार्रवाई ज़रूरी है।
केंद्र पर 500 से अधिक पेपर लीक का आरोप
संधवां ने दावा किया कि जहाँ-जहाँ केंद्र सरकार की पार्टी का शासन है, वहाँ 500 से अधिक पेपर लीक हो चुके हैं। उन्होंने कहा, 'यह सरकार तो पेपर लीक की मास्टर है।' गौरतलब है कि यह कोई पहली बार नहीं है जब परीक्षा पेपर लीक को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश देखा गया हो।
संधवां ने पंजाब के फरीदकोट में हुए पेपर लीक मामले का भी उल्लेख किया और कहा कि वहाँ किसी को नहीं बख्शा गया — सभी आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं और जाँच में राजस्थान तथा हरियाणा से तार जुड़ने के संकेत मिल रहे हैं।
पंजाब मॉडल को बताया मिसाल
AAP नेता ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में पंजाब में लागू मेरिट-आधारित व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि यही वह रास्ता है जो छात्रों को न्याय दिला सकता है। उनके अनुसार, पंजाब में पेपर लीक पर जिस तरह सख्त कार्रवाई हुई, वह केंद्र के लिए एक उदाहरण है।
आगे क्या
संधवां ने स्पष्ट किया कि सरकार चाहे जितनी भी सख्ती बरते, छात्र झुकेंगे नहीं। फरीदकोट मामले में राजस्थान और हरियाणा से जुड़े संदिग्धों को भी जल्द गिरफ्तार किए जाने की बात कही गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि पेपर लीक की यह श्रृंखला परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधार की माँग को और बल देती है।