पेपर लीक पर राहुल गांधी ने सबूत नहीं दिए, ध्यान भटकाया: भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने 29 जुलाई को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लोकसभा में पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर सार्थक चर्चा करने के बजाय उन्होंने निराधार आरोप लगाकर जनता का ध्यान भटकाने का काम किया। उन्होंने माँग की कि यदि राहुल गांधी के पास अपने आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण है, तो उसे संसद के समक्ष प्रस्तुत किया जाए, अन्यथा संसदीय नियमों के तहत उनके विरुद्ध कार्रवाई हो सकती है।
मुख्य आरोप और पलटवार
आरपी सिंह ने कहा कि संसद में पेपर लीक पर चर्चा का अवसर था, किंतु राहुल गांधी ने न तो परीक्षा प्रणाली में सुधार के कोई सुझाव दिए, न ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने का कोई रोडमैप प्रस्तुत किया। उनके अनुसार, विपक्ष ने इस गंभीर शैक्षणिक संकट को राजनीतिक हथियार बना लिया।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा छात्रों पर कथित लाठीचार्ज को लेकर सरकार से जवाब माँगे जाने पर आरपी सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि जाँच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि आंदोलन में शामिल 'असामाजिक तत्व' किन दलों से प्रेरित थे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या उनमें समाजवादी पार्टी से जुड़े लोग भी थे।
प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामले
आरपी सिंह ने दावा किया कि पुलिस ने लगभग 2,800 से 3,300 ऐसे व्यक्तियों की पहचान की है जो विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रेरणा से आंदोलन में शामिल हुए। उनके अनुसार, इनमें से कुछ लोग हत्या, हत्या के प्रयास, दुष्कर्म और पोक्सो जैसे गंभीर अपराधों के आरोपी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए समझौते में केवल निर्दोष छात्रों को संरक्षण देने की बात थी — हिंसा, पत्थरबाजी या तोड़फोड़ करने वालों को नहीं।
कंगना रनौत के बयान पर सफाई
BJP सांसद कंगना रनौत के जेन-जी (Gen-Z) संबंधी विवादित बयान पर आरपी सिंह ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत विचार है और इसे पार्टी का आधिकारिक रुख नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने इस विषय पर अधिक टिप्पणी करने से परहेज किया।
पंजाब की शिक्षा व्यवस्था पर निशाना
आरपी सिंह ने पंजाब की भगवंत मान सरकार को भी घेरा और कहा कि उनके कार्यकाल में तीन बार पेपर लीक हो चुके हैं। हालिया फार्मेसी परीक्षा पेपर लीक का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आरोपियों को पकड़ने का दावा इस तथ्य को नहीं बदलता कि पेपर पहले ही लीक हो गया था। उन्होंने बताया कि पंजाब में लगभग 55,000 शिक्षकों की आवश्यकता है, जबकि करीब 16,000 पद रिक्त हैं — जिसका सीधा असर सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता और छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
आम आदमी पार्टी और सुप्रीम कोर्ट का संदर्भ
आरपी सिंह ने आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सौरभ भारद्वाज के एक कथित बयान का हवाला देते हुए दावा किया कि उन्होंने स्वयं लोगों को आंदोलन में भेजने की बात कही थी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी का भी समर्थन किया जिसमें कहा गया था कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को संरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की एफआईआर वापस न होने पर दोबारा आंदोलन की चेतावनी पर आरपी सिंह ने कहा कि जिसने भी कानून तोड़ा है, उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।