29 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पेपर लीक पर राहुल गांधी ने सबूत नहीं दिए, ध्यान भटकाया: भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पेपर लीक पर राहुल गांधी ने सबूत नहीं दिए, ध्यान भटकाया: भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह

सारांश

भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने राहुल गांधी को चुनौती दी कि वे संसद में लगाए गए आरोपों के सबूत पेश करें। पेपर लीक, छात्र आंदोलन, पंजाब की शिक्षा व्यवस्था और कंगना रनौत के बयान — हर मोर्चे पर विपक्ष को घेरते हुए BJP ने पलटवार किया।

मुख्य बातें

भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने 29 जुलाई को कहा कि राहुल गांधी ने लोकसभा में पेपर लीक पर ठोस चर्चा के बजाय निराधार आरोप लगाए।
आरपी सिंह ने माँग की कि राहुल गांधी अपने आरोपों के सबूत संसद में पेश करें, अन्यथा संसदीय नियमों के तहत कार्रवाई संभव।
पुलिस ने आंदोलन में शामिल 2,800 से 3,300 कथित 'असामाजिक तत्वों' की पहचान की है, जिनमें गंभीर अपराधों के आरोपी भी शामिल बताए गए।
पंजाब में भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में तीन बार पेपर लीक; करीब 16,000 शिक्षक पद रिक्त।
कंगना रनौत के जेन-जी बयान को आरपी सिंह ने उनका 'व्यक्तिगत बयान' बताया, पार्टी का रुख नहीं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने 29 जुलाई को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लोकसभा में पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर सार्थक चर्चा करने के बजाय उन्होंने निराधार आरोप लगाकर जनता का ध्यान भटकाने का काम किया। उन्होंने माँग की कि यदि राहुल गांधी के पास अपने आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण है, तो उसे संसद के समक्ष प्रस्तुत किया जाए, अन्यथा संसदीय नियमों के तहत उनके विरुद्ध कार्रवाई हो सकती है।

मुख्य आरोप और पलटवार

आरपी सिंह ने कहा कि संसद में पेपर लीक पर चर्चा का अवसर था, किंतु राहुल गांधी ने न तो परीक्षा प्रणाली में सुधार के कोई सुझाव दिए, न ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने का कोई रोडमैप प्रस्तुत किया। उनके अनुसार, विपक्ष ने इस गंभीर शैक्षणिक संकट को राजनीतिक हथियार बना लिया।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा छात्रों पर कथित लाठीचार्ज को लेकर सरकार से जवाब माँगे जाने पर आरपी सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि जाँच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि आंदोलन में शामिल 'असामाजिक तत्व' किन दलों से प्रेरित थे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या उनमें समाजवादी पार्टी से जुड़े लोग भी थे।

प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामले

आरपी सिंह ने दावा किया कि पुलिस ने लगभग 2,800 से 3,300 ऐसे व्यक्तियों की पहचान की है जो विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रेरणा से आंदोलन में शामिल हुए। उनके अनुसार, इनमें से कुछ लोग हत्या, हत्या के प्रयास, दुष्कर्म और पोक्सो जैसे गंभीर अपराधों के आरोपी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए समझौते में केवल निर्दोष छात्रों को संरक्षण देने की बात थी — हिंसा, पत्थरबाजी या तोड़फोड़ करने वालों को नहीं।

कंगना रनौत के बयान पर सफाई

BJP सांसद कंगना रनौत के जेन-जी (Gen-Z) संबंधी विवादित बयान पर आरपी सिंह ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत विचार है और इसे पार्टी का आधिकारिक रुख नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने इस विषय पर अधिक टिप्पणी करने से परहेज किया।

पंजाब की शिक्षा व्यवस्था पर निशाना

आरपी सिंह ने पंजाब की भगवंत मान सरकार को भी घेरा और कहा कि उनके कार्यकाल में तीन बार पेपर लीक हो चुके हैं। हालिया फार्मेसी परीक्षा पेपर लीक का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आरोपियों को पकड़ने का दावा इस तथ्य को नहीं बदलता कि पेपर पहले ही लीक हो गया था। उन्होंने बताया कि पंजाब में लगभग 55,000 शिक्षकों की आवश्यकता है, जबकि करीब 16,000 पद रिक्त हैं — जिसका सीधा असर सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता और छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।

आम आदमी पार्टी और सुप्रीम कोर्ट का संदर्भ

आरपी सिंह ने आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सौरभ भारद्वाज के एक कथित बयान का हवाला देते हुए दावा किया कि उन्होंने स्वयं लोगों को आंदोलन में भेजने की बात कही थी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी का भी समर्थन किया जिसमें कहा गया था कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को संरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की एफआईआर वापस न होने पर दोबारा आंदोलन की चेतावनी पर आरपी सिंह ने कहा कि जिसने भी कानून तोड़ा है, उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर 16,000 रिक्त शिक्षक पदों का मुद्दा केवल एक राज्य की समस्या नहीं — यह राष्ट्रीय शिक्षा संकट का हिस्सा है। 2,800-3,300 'असामाजिक तत्वों' का दावा स्वतंत्र सत्यापन के बिना एकपक्षीय आख्यान बना रहेगा।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरपी सिंह ने राहुल गांधी से क्या माँग की?
भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने माँग की कि राहुल गांधी लोकसभा में लगाए गए अपने आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत संसद के समक्ष पेश करें। उन्होंने कहा कि ऐसा न करने पर संसदीय नियमों के तहत उनके विरुद्ध कार्रवाई हो सकती है।
छात्र आंदोलन में दर्ज एफआईआर पर BJP का क्या रुख है?
आरपी सिंह के अनुसार, सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए समझौते में केवल निर्दोष छात्रों को संरक्षण देने की बात थी। जिन लोगों ने हिंसा, पत्थरबाजी या तोड़फोड़ की, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने कथित तौर पर 2,800 से 3,300 ऐसे व्यक्तियों की पहचान की है।
पंजाब में पेपर लीक की स्थिति क्या है?
आरपी सिंह के दावे के अनुसार, भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में पंजाब में तीन बार पेपर लीक की घटनाएँ हो चुकी हैं, जिनमें हालिया फार्मेसी परीक्षा लीक भी शामिल है। इसके अलावा राज्य में लगभग 16,000 शिक्षक पद रिक्त हैं।
कंगना रनौत के जेन-जी बयान पर भाजपा का क्या कहना है?
भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कंगना रनौत के विवादित जेन-जी बयान को उनका 'व्यक्तिगत बयान' करार दिया और इसे पार्टी का आधिकारिक रुख मानने से इनकार किया।
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि क्या है?
यह विवाद लोकसभा में पेपर लीक पर हुई चर्चा के दौरान उभरा, जब राहुल गांधी ने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और सरकार पर आरोप लगाए। इसके बाद भाजपा ने पलटवार करते हुए विपक्ष पर मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 घंटे पहले
  2. 5 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले