NEET पेपर लीक पर राहुल गांधी के प्रदर्शन पर दिलीप जायसवाल का पलटवार: 'यह देश भड़कने वाला नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता दिलीप जायसवाल ने 22 जुलाई को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए प्रदर्शन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर हुए इस प्रदर्शन को जायसवाल ने लोकतांत्रिक और संवैधानिक मर्यादाओं के विरुद्ध बताया। उनका कहना था कि राहुल गांधी जनता की वास्तविक समस्याओं को सुलझाने की बजाय युवाओं को भावनात्मक रूप से भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।
जायसवाल का सीधा हमला
जायसवाल ने कहा, 'जिस तरह का राहुल गांधी ने हरकत किया है लोकतांत्रिक नहीं है। आप सीधे पीएम के आवास के पास चले जाइएगा? आप सीधे लोकसभा के पास चले जाइएगा? यह सब गुंडागर्दी इस देश में नहीं चलेगा।' उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी देश के युवाओं को भ्रामक बातें बताकर भड़काने का काम कर रहे हैं, 'लेकिन यह देश भड़कने वाला नहीं है।'
जायसवाल ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने के लिए संवैधानिक रास्ते अपनाने चाहिए — जैसे न्यायालय, उच्च न्यायालय, सर्वोच्च न्यायालय और संसद। उनके अनुसार, जनता ने चुनाव के माध्यम से अपना फैसला सुना दिया है और जिन दलों को जनता ने नकारा है, उन्हें अपनी भूमिका पर पुनर्विचार करना चाहिए।
राहुल गांधी के आंदोलनों पर सवाल
BJP नेता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के पूर्व के कई आंदोलन इसलिए सफल नहीं हो पाए क्योंकि जनता उनके पीछे की मंशा को भाँप लेती है। उन्होंने कहा कि देश का युवा जागरूक है और किसी के बहकावे में नहीं आएगा। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब NEET परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्र आंदोलित हैं और विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।
AAP के आरोप पर तंज
आम आदमी पार्टी (AAP) के इस आरोप पर कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य आंदोलन से ध्यान हटाने के लिए राहुल गांधी को प्रदर्शन की जगह दी, जायसवाल ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'तो चलिए अच्छा है, आम आदमी पार्टी बोल रही है कि राहुल गांधी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आदमी है और नरेंद्र मोदी के कहने पर राहुल गांधी जाकर लेट गए। यह तो कमाल हो गया भाई! यह सब चट्टे-बट्टे हैं।' उन्होंने कहा कि कौन किस पर कब आरोप लगाएगा और किस तरफ चला जाएगा, यह कहना मुश्किल है।
नसीरुद्दीन शाह के बयान पर प्रतिक्रिया
जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ कथित हिंसा को लेकर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के बयान पर भी जायसवाल ने निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'इन लोगों को तो जब आग लगाना होता है, तो इनके दिल में घी होता है, गुस्सा नहीं होता है। यह लोग आग में घी डालने का प्रयास करते हैं, लेकिन इस देश का युवा, इस देश का छात्र, इस देश की जनता इस बात को जानती है।'
आगे क्या
जायसवाल ने विपक्ष को सलाह दी कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले जनता के बीच जाकर सेवा और संवाद के ज़रिए विश्वास अर्जित करना होगा, न कि इस तरह के विरोध प्रदर्शनों से। NEET पेपर लीक मामले पर सियासी तापमान फिलहाल ऊँचा बना हुआ है और आने वाले दिनों में संसद में भी इस मुद्दे पर तीखी बहस की संभावना है।