22 जुलाई 2026
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NEET पेपर लीक पर राहुल गांधी के प्रदर्शन पर दिलीप जायसवाल का पलटवार: 'यह देश भड़कने वाला नहीं'

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NEET पेपर लीक पर राहुल गांधी के प्रदर्शन पर दिलीप जायसवाल का पलटवार: 'यह देश भड़कने वाला नहीं'

सारांश

NEET पेपर लीक पर राहुल गांधी का PM आवास के बाहर प्रदर्शन — और BJP का पलटवार। बिहार मंत्री दिलीप जायसवाल ने इसे 'गुंडागर्दी' और संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन बताया। AAP के आरोपों पर भी तंज कसा। सियासी तापमान चढ़ा हुआ है।

मुख्य बातें

दिलीप जायसवाल ने 22 जुलाई को राहुल गांधी के PM आवास के बाहर प्रदर्शन को 'लोकतांत्रिक नहीं' और 'गुंडागर्दी' करार दिया।
जायसवाल ने कहा कि NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों के लिए न्यायालय, सर्वोच्च न्यायालय और संसद जैसे संवैधानिक मंच उपलब्ध हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश के युवाओं को 'भ्रामक बातें' बताकर भड़काने का प्रयास कर रहे हैं।
AAP के आरोप — कि मोदी ने राहुल को प्रदर्शन की जगह दी — पर जायसवाल ने व्यंग्यात्मक जवाब दिया।
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के बयान पर भी जायसवाल ने कहा कि ये लोग 'आग में घी डालने' का प्रयास करते हैं।
जायसवाल ने विपक्ष को 2029 लोकसभा चुनाव से पहले जनता के बीच जाकर काम करने की सलाह दी।

बिहार सरकार के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता दिलीप जायसवाल ने 22 जुलाई को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए प्रदर्शन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर हुए इस प्रदर्शन को जायसवाल ने लोकतांत्रिक और संवैधानिक मर्यादाओं के विरुद्ध बताया। उनका कहना था कि राहुल गांधी जनता की वास्तविक समस्याओं को सुलझाने की बजाय युवाओं को भावनात्मक रूप से भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।

जायसवाल का सीधा हमला

जायसवाल ने कहा, 'जिस तरह का राहुल गांधी ने हरकत किया है लोकतांत्रिक नहीं है। आप सीधे पीएम के आवास के पास चले जाइएगा? आप सीधे लोकसभा के पास चले जाइएगा? यह सब गुंडागर्दी इस देश में नहीं चलेगा।' उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी देश के युवाओं को भ्रामक बातें बताकर भड़काने का काम कर रहे हैं, 'लेकिन यह देश भड़कने वाला नहीं है।'

जायसवाल ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने के लिए संवैधानिक रास्ते अपनाने चाहिए — जैसे न्यायालय, उच्च न्यायालय, सर्वोच्च न्यायालय और संसद। उनके अनुसार, जनता ने चुनाव के माध्यम से अपना फैसला सुना दिया है और जिन दलों को जनता ने नकारा है, उन्हें अपनी भूमिका पर पुनर्विचार करना चाहिए।

राहुल गांधी के आंदोलनों पर सवाल

BJP नेता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के पूर्व के कई आंदोलन इसलिए सफल नहीं हो पाए क्योंकि जनता उनके पीछे की मंशा को भाँप लेती है। उन्होंने कहा कि देश का युवा जागरूक है और किसी के बहकावे में नहीं आएगा। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब NEET परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्र आंदोलित हैं और विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।

AAP के आरोप पर तंज

आम आदमी पार्टी (AAP) के इस आरोप पर कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य आंदोलन से ध्यान हटाने के लिए राहुल गांधी को प्रदर्शन की जगह दी, जायसवाल ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'तो चलिए अच्छा है, आम आदमी पार्टी बोल रही है कि राहुल गांधी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आदमी है और नरेंद्र मोदी के कहने पर राहुल गांधी जाकर लेट गए। यह तो कमाल हो गया भाई! यह सब चट्टे-बट्टे हैं।' उन्होंने कहा कि कौन किस पर कब आरोप लगाएगा और किस तरफ चला जाएगा, यह कहना मुश्किल है।

नसीरुद्दीन शाह के बयान पर प्रतिक्रिया

जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ कथित हिंसा को लेकर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के बयान पर भी जायसवाल ने निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'इन लोगों को तो जब आग लगाना होता है, तो इनके दिल में घी होता है, गुस्सा नहीं होता है। यह लोग आग में घी डालने का प्रयास करते हैं, लेकिन इस देश का युवा, इस देश का छात्र, इस देश की जनता इस बात को जानती है।'

आगे क्या

जायसवाल ने विपक्ष को सलाह दी कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले जनता के बीच जाकर सेवा और संवाद के ज़रिए विश्वास अर्जित करना होगा, न कि इस तरह के विरोध प्रदर्शनों से। NEET पेपर लीक मामले पर सियासी तापमान फिलहाल ऊँचा बना हुआ है और आने वाले दिनों में संसद में भी इस मुद्दे पर तीखी बहस की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इसे केवल विपक्ष की 'भड़काऊ राजनीति' तक सीमित करना तथ्यों को सरल बनाना है। AAP और कांग्रेस दोनों पर एक साथ निशाना साधकर जायसवाल ने विपक्षी एकता की कमज़ोरी को भी उजागर किया। असली सवाल यह है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सरकार क्या ठोस कदम उठा रही है — जो इस पूरी बहस में अनुत्तरित रहा।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप जायसवाल ने राहुल गांधी के प्रदर्शन पर क्या कहा?
बिहार सरकार के मंत्री और BJP नेता दिलीप जायसवाल ने राहुल गांधी के PM आवास के बाहर प्रदर्शन को 'लोकतांत्रिक नहीं' और 'गुंडागर्दी' बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे के समाधान के लिए संवैधानिक संस्थाओं — जैसे अदालत और संसद — का रास्ता अपनाना चाहिए।
राहुल गांधी ने PM आवास के बाहर प्रदर्शन क्यों किया?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया। इसका उद्देश्य केंद्र सरकार पर परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए दबाव बनाना था।
AAP ने इस प्रदर्शन पर क्या आरोप लगाया और जायसवाल ने क्या जवाब दिया?
आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि PM मोदी ने मुख्य आंदोलन से ध्यान हटाने के लिए राहुल गांधी को प्रदर्शन की जगह दी। जायसवाल ने इस पर व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि AAP खुद कह रही है कि 'राहुल गांधी मोदी के आदमी हैं' — और इसे 'चट्टे-बट्टे' की राजनीति करार दिया।
नसीरुद्दीन शाह के बयान पर जायसवाल की क्या प्रतिक्रिया थी?
जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ कथित हिंसा को लेकर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के बयान पर जायसवाल ने कहा कि ये लोग 'आग में घी डालने' का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता और युवा इस बात को भली-भाँति समझते हैं।
NEET पेपर लीक विवाद में विपक्ष की क्या भूमिका है?
NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल सड़क और संसद दोनों जगह सरकार को घेर रहे हैं। BJP का कहना है कि विपक्ष इस मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रहा है, जबकि मामला अदालतों में विचाराधीन है।
राष्ट्र प्रेस
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