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नीट पेपर लीक: कांग्रेस की संसद में व्यापक चर्चा और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

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नीट पेपर लीक: कांग्रेस की संसद में व्यापक चर्चा और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

सारांश

नीट पेपर लीक पर कांग्रेस संसद में घेरेबंदी तेज कर रही है — 7.5 करोड़ छात्रों के भविष्य का हवाला देते हुए पार्टी ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और व्यापक चर्चा की माँग दोहराई। राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन को टकराव नहीं, सरकार की जवाबदेही का आईना बताया गया।

मुख्य बातें

कांग्रेस ने 22 जुलाई को मानसून सत्र में नीट पेपर लीक पर संसद में व्यापक चर्चा की माँग दोहराई।
सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि लगभग 7.5 करोड़ छात्रों का भविष्य इस मामले में दांव पर है।
कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान , गृह मंत्री और प्रधानमंत्री को इस घटनाक्रम का जिम्मेदार ठहराया।
नेता उदित राज ने 20 जुलाई के मार्च को पूरी तरह स्वैच्छिक बताया; कहा — करीब 50 युवाओं से बातचीत में सभी अपनी मर्जी से आए थे।
एनएसयूआई सदस्यों पर लाठीचार्ज और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति न मिलने का आरोप लगाया गया।

मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस ने 22 जुलाई को संसद में नीट पेपर लीक मामले पर व्यापक चर्चा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर अपना रुख और कड़ा कर लिया। पार्टी सांसदों ने स्पष्ट किया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन को टकराव नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही तय करने की कोशिश के रूप में देखा जाना चाहिए।

मुख्य घटनाक्रम

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा, 'जब संसद खामोश हो जाती है या जब सत्ता में खामोश हो जाती है, तो सड़कें बोलने लगती हैं। यह एक गंभीर मामला है। जब लगभग 7.5 करोड़ लोगों का भविष्य दांव पर हो और अनिश्चित लग रहा हो, तो हमने लगातार ये चिंताएं उठाई हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने बार-बार पेपर लीक के मुद्दों पर चर्चा की माँग की है और सुधारों की लगातार वकालत की है।

कांग्रेस की जवाबदेही की माँग

भगत ने जिम्मेदारी की रेखा खींचते हुए कहा, 'इस पूरे घटनाक्रम के जिम्मेदार प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और शिक्षा मंत्री हैं। प्रधानमंत्री सदन के नेता हैं और उनके संरक्षण के बिना कुछ नहीं हो सकता। जिस तरह बर्बरतापूर्ण कार्रवाई हुई, उसके लिए गृह मंत्री जिम्मेदार हैं और नीट पेपर लीक पर धर्मेंद्र प्रधान जिम्मेदार हैं।' उन्होंने राहुल गांधी पर बयान बदलने के आरोपों को भी खारिज किया।

छात्र आंदोलन का बचाव

कांग्रेस नेता उदित राज ने छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों का बचाव करते हुए कहा कि ये आंदोलन रोजगार और परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर वास्तविक चिंताओं से प्रेरित हैं, न कि किसी राजनीतिक एजेंडे से। उन्होंने कहा, '90 प्रतिशत छात्र अपने भविष्य के लिए आए हैं, वे राजनीतिक लोग नहीं हैं। पेपर लीक हो गया है और उन्हें नौकरी नहीं मिल रही है। वे अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।'

उदित राज ने यह भी आरोप लगाया कि 20 जुलाई के मार्च में सभी स्वेच्छा से शामिल हुए थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने करीब 50 युवाओं से बातचीत की और सभी अपनी मर्जी से आए थे।

प्रदर्शन पर पाबंदी का आरोप

उदित राज ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की अनुमति माँगने पर भी इनकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'एनएसयूआई सदस्यों को लाठीचार्ज का सामना करना पड़ रहा है। जब हम जंतर-मंतर पर विरोध या प्रदर्शन करने की अनुमति माँगते हैं, तो उसे नामंजूर कर दिया जाता है।' उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राहुल गांधी ने कोटा और देहरादून में हजारों युवाओं से बातचीत की है।

आगे की राह

गौरतलब है कि नीट पेपर लीक विवाद मानसून सत्र की सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौतियों में से एक बन चुका है। विपक्ष की एकजुट माँग के बीच यह देखना अहम होगा कि सरकार संसद के भीतर इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति देती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

कांग्रेस को भी यह स्पष्ट करना होगा कि वह केवल राजनीतिक दबाव बना रही है या ठोस सुधार प्रस्ताव भी सामने रखेगी — क्योंकि परीक्षा सुधार की माँग और इस्तीफे की माँग दो अलग लड़ाइयाँ हैं।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट पेपर लीक मामले में कांग्रेस की मुख्य माँगें क्या हैं?
कांग्रेस ने संसद में नीट पेपर लीक पर व्यापक चर्चा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की माँग की है। पार्टी प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को भी इस घटनाक्रम का जिम्मेदार मानती है।
राहुल गांधी का विरोध प्रदर्शन किस बात को लेकर था?
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री आवास के पास नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने इसे टकराव नहीं, बल्कि सरकार पर जवाबदेही का दबाव बनाने की कोशिश बताया।
नीट पेपर लीक से कितने छात्र प्रभावित हुए हैं?
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत के अनुसार, इस विवाद से लगभग 7.5 करोड़ छात्रों का भविष्य अनिश्चित हो गया है। यह आँकड़ा नीट परीक्षा से जुड़े उम्मीदवारों और उनके परिवारों की व्यापक संख्या को दर्शाता है।
20 जुलाई का छात्र मार्च किसने आयोजित किया था?
कांग्रेस नेता उदित राज के अनुसार, 20 जुलाई का मार्च सभी ने मिलकर निकाला था और इसमें शामिल करीब 50 युवाओं से उन्होंने बातचीत की, जो सभी अपनी मर्जी से आए थे। उन्होंने इसे किसी राजनीतिक दल द्वारा संचालित नहीं, बल्कि छात्रों की स्वतःस्फूर्त भागीदारी बताया।
एनएसयूआई पर लाठीचार्ज का आरोप क्यों लगाया गया?
कांग्रेस नेता उदित राज ने आरोप लगाया कि एनएसयूआई (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) के सदस्यों को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति माँगने पर भी इनकार किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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