24 जुलाई 2026
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नीट पेपर लीक पर NDA सांसदों का पलटवार: 'मोदी के लिए छात्र पहले, विपक्ष के लिए सिर्फ राजनीति'

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नीट पेपर लीक पर NDA सांसदों का पलटवार: 'मोदी के लिए छात्र पहले, विपक्ष के लिए सिर्फ राजनीति'

सारांश

नीट पेपर लीक पर संसद में घमासान — NDA के मंत्रियों और सांसदों ने एकजुट होकर विपक्ष पर राजनीतिकरण का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़े कानून का भरोसा दिलाया। 22 लाख से अधिक छात्रों का भविष्य इस सियासी जंग के केंद्र में है।

मुख्य बातें

नीट पेपर लीक मामले पर 24 जुलाई को संसद और सड़क दोनों जगह राजनीतिक बयानबाजी तेज रही।
विपक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार की जवाबदेही की माँग पर अड़ा है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि 22 लाख से अधिक छात्रों ने परीक्षा दी और सरकार कड़े कानून व फास्ट ट्रैक सुनवाई पर काम कर रही है।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई को युवाओं के हित में अहम पहल बताया।
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने बिना साक्ष्य के दावा किया कि पाकिस्तान से कुछ सोशल मीडिया हैंडल इस मुद्दे को हवा दे रहे हैं।
BJP सांसद जगदंबिका पाल और तरुण चुघ समेत कई नेताओं ने कांग्रेस पर छात्रों की पीड़ा को राजनीतिक हथियार बनाने का आरोप लगाया।

नई दिल्ली में 24 जुलाई को नीट पेपर लीक विवाद को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक जारी रही। जहाँ विपक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार की जवाबदेही की माँग पर अड़ा है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने विपक्ष पर इस संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण करने का पलटवार किया। सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील हैं और पेपर लीक रोकने हेतु ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

मंत्रियों का विपक्ष पर हमला

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष नीट मामले को राजनीतिक अवसर के रूप में भुनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि 22 लाख से अधिक छात्रों ने परीक्षा दी है और अब बड़ी संख्या में विद्यार्थी प्रवेश प्रक्रिया की तैयारी में जुटे हैं।

सिंह ने यह भी दावा किया कि सरकार पेपर लीक के मामलों से निपटने के लिए कड़े कानून और फास्ट ट्रैक सुनवाई जैसी व्यवस्थाओं पर काम कर रही है।

संसद में चर्चा पर सरकार की स्थिति

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने विपक्ष के रवैये को 'गैर-जिम्मेदाराना' करार देते हुए कहा कि विपक्ष स्वयं संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की माँग कर रहा था और सरकार उसके लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी दावा किया — हालाँकि बिना विस्तृत साक्ष्य के — कि सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को हवा देने में पाकिस्तान से कुछ हैंडल भी सक्रिय हैं। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी संसद में नीट पेपर लीक पर चर्चा कराने पर सहमति जताई है।

फास्ट ट्रैक कोर्ट: सरकार की प्रमुख पहल

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराना युवाओं के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबित मामलों की नियमित सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी, जाँच समयबद्ध ढंग से पूरी होगी और दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

BJP नेताओं की प्रतिक्रिया

BJP सांसद जगदंबिका पाल ने आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा से भागना चाहता है। राजस्थान BJP के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी शुरुआत से ही छात्रों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर गंभीर रहे हैं और कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा न होने के कारण वह केवल राजनीतिक विरोध के लिए इस मामले को उठा रही है।

BJP सांसद तरुण चुघ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने छात्रों की भावनाओं को समझते हुए संवेदनशील संदेश दिया है और फास्ट ट्रैक कोर्ट का निर्णय छात्रों के हित में काम करेगा। BJP नेता निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी चुनावी हार के बाद अब इस तरह के मुद्दों पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक मामला सर्वोच्च न्यायालय में भी विचाराधीन है और 22 लाख से अधिक परीक्षार्थियों का भविष्य दाँव पर है। गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र इस मुद्दे पर हंगामे की भेंट चढ़ रहा है। सरकार और विपक्ष दोनों ही छात्रों के पक्षधर होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई की दिशा में आने वाले सप्ताह निर्णायक साबित होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि 22 लाख से अधिक युवाओं का करियर अधर में लटका है। फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा स्वागतयोग्य है, मगर असली सवाल यह है कि पेपर लीक की प्रणालीगत खामियाँ — जो बार-बार सामने आती हैं — कब दूर होंगी। ललन सिंह का 'पाकिस्तानी हैंडल' वाला दावा बिना सबूत के है और यह विमर्श को असली मुद्दे से भटका सकता है। जब तक सरकार परीक्षा-प्रणाली में पारदर्शी सुधार का रोडमैप नहीं देती, तब तक राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से छात्रों का भरोसा नहीं लौटेगा।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट पेपर लीक मामले में विपक्ष की मुख्य माँगें क्या हैं?
विपक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और केंद्र सरकार से ठोस जवाबदेही की माँग कर रहा है। साथ ही संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की भी माँग की जा रही है।
सरकार नीट पेपर लीक रोकने के लिए क्या कदम उठा रही है?
सरकार पेपर लीक मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, कड़े कानून और समयबद्ध जाँच की व्यवस्था करने की बात कह रही है। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के अनुसार दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
NDA सांसदों ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
NDA के नेताओं — जिनमें केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, ललन सिंह और BJP सांसद तरुण चुघ शामिल हैं — ने आरोप लगाया कि विपक्ष नीट मामले को राजनीतिक अवसर के रूप में इस्तेमाल कर रहा है और छात्रों की पीड़ा को अपना हथियार बना रहा है।
नीट परीक्षा 2024 में कितने छात्रों ने भाग लिया था?
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के अनुसार इस बार 22 लाख से अधिक छात्रों ने नीट परीक्षा दी थी। इनमें से बड़ी संख्या में विद्यार्थी अब प्रवेश प्रक्रिया की प्रतीक्षा में हैं।
क्या संसद में नीट पेपर लीक पर चर्चा होगी?
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद में नीट पेपर लीक मामले पर चर्चा कराने पर सहमति जताई है। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने भी कहा कि सरकार इस विषय पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।
राष्ट्र प्रेस
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