नीट पेपर लीक: राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग की, PM मोदी पर भी साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार, 16 मई को नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाने की माँग की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घोटाले में 22 लाख से अधिक नीट उम्मीदवारों के साथ धोखा हुआ है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं।
मुख्य आरोप और माँग
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, '22 लाख नीट छात्रों के साथ धोखा हुआ है। लेकिन पीएम मोदी एक शब्द भी नहीं बोल रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत हटाएं या खुद इसकी जिम्मेदारी लें। पीएम मोदी धर्मेंद्र प्रधान को अभी बर्खास्त करें।' उन्होंने यह भी कहा कि प्रश्न पत्र परीक्षा से दो दिन पहले ही लीक हो गया था।
एक वीडियो बयान में कांग्रेस नेता ने शिक्षा मंत्री पर सीधा हमला करते हुए कहा, 'पूरा देश जानता है कि परीक्षा से दो दिन पहले ही पेपर बांट दिया गया था। भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कहते हैं कि उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है। आपने भारत के मूल विचार को ही नुकसान पहुंचाया है।'
शिक्षा व्यवस्था पर व्यापक आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आरएसएस, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिक्षण संस्थानों में नियुक्त लोगों के बीच एक सांठगांठ है, जिसने भारत की शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुँचाया है। उनका दावा है कि इस गठजोड़ का इस्तेमाल छात्रों के भविष्य की कीमत पर मुनाफा कमाने के लिए किया जा रहा है।
विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्ति की प्रक्रिया पर भी उन्होंने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि 'अगर कोई वाइस-चांसलर बनना चाहता है, तो अब ज्ञान या अनुभव मायने नहीं रखता। अगर कोई व्यक्ति आरएसएस से जुड़ा है, तो वह वाइस-चांसलर बन सकता है।' यह आरोप उन्होंने अकादमिक योग्यता की जगह वैचारिक जुड़ाव को तरजीह दिए जाने के संदर्भ में लगाए।
पेपर लीक का व्यापक संदर्भ
राहुल गांधी ने दावा किया कि देश भर में परीक्षा पेपर लीक की घटनाएँ कम से कम 80 बार हो चुकी हैं, जिससे करीब 2 करोड़ युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब नीट-यूजी परीक्षा की विश्वसनीयता पर पहले से ही गंभीर सवाल उठ रहे हैं और कई राज्यों में छात्र आंदोलन कर रहे हैं।
गौरतलब है कि नीट पेपर लीक का मामला राष्ट्रीय स्तर पर बड़े विवाद का रूप ले चुका है, जिसमें लाखों मेडिकल उम्मीदवारों की परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जवाबदेही की माँग
कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी को तुरंत शिक्षा मंत्री को पद से हटाना चाहिए और पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा दिलवाना सुनिश्चित करना चाहिए। यह माँग ऐसे समय में आई है जब विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।