नीट पेपर लीक 2026: आप नेता सौरभ भारद्वाज बोले — '25 लाख बच्चों के भविष्य से खिलवाड़'
सारांश
नीट पेपर लीक एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में है। आप नेता सौरभ भारद्वाज ने 25 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने 23 लाख परीक्षार्थियों की अनिश्चितता पर सवाल उठाए — यह विवाद भारत की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गहरा सवाल खड़ा करता है।
मुख्य बातें
आप नेता सौरभ भारद्वाज ने 12 मई 2026 को नीट पेपर लीक को 'शर्मनाक' बताया।
कथित तौर पर करीब 25 लाख छात्र नीट परीक्षा में बैठते हैं, जिनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि पेपर लीक का फायदा उठाकर अयोग्य उम्मीदवार डॉक्टर बन रहे हैं।
कांग्रेस नेता संतोष सिंह सलूजा ने कहा कि 2026 की नीट परीक्षा रद्द करनी पड़ी, जिससे 23 लाख छात्र अनिश्चितता में हैं।
भारद्वाज ने न्यायपालिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद परीक्षा रद्द नहीं की गई।
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सौरभ भारद्वाज ने 12 मई 2026 को नीट पेपर लीक विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे 'शर्मनाक' करार दिया और कहा कि बार-बार हो रही पेपर लीक की घटनाएँ करीब 25 लाख छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार को बच्चों की शिक्षा और एक शिक्षित समाज के निर्माण से कोई सरोकार नहीं है।
सौरभ भारद्वाज के मुख्य आरोप
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पिछले कई वर्षों से मेडिकल प्रवेश परीक्षा का पेपर बार-बार लीक हो रहा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो मामले सामने आए हैं, वे तो केवल वही हैं जिनकी जानकारी उजागर हो सकी — कई बार लीक होने के बावजूद इसका पता ही नहीं चलता।
भारद्वाज ने कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
बल्कि एक दोहराई जाने वाली विफलता है जो भारत की चिकित्सा शिक्षा प्रणाली की संरचनात्मक कमज़ोरियों को उजागर करती है। राजनीतिक दलों की आलोचना स्वाभाविक है, लेकिन असली सवाल यह है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के जवाबदेही ढाँचे में सुधार के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए। जब पेपर लीक का फायदा उठाने वाले डॉक्टर बनकर मरीजों का इलाज कर रहे हों, तो यह केवल शैक्षणिक अन्याय नहीं — यह सार्वजनिक स्वास्थ्य का संकट भी है। विपक्ष की आवाज़ें तब तक अधूरी हैं जब तक वे केवल आरोप लगाने से आगे बढ़कर व्यापक परीक्षा सुधार का ठोस खाका पेश न करें।
RashtraPress
13 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नीट पेपर लीक 2026 क्या है?
2026 की नीट परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक होने के आरोपों के चलते परीक्षा रद्द करनी पड़ी। इससे कथित तौर पर करीब 23 लाख छात्र प्रभावित हुए हैं जो अब अनिश्चित भविष्य का सामना कर रहे हैं।
सौरभ भारद्वाज ने नीट लीक पर क्या कहा?
आप नेता सौरभ भारद्वाज ने नीट पेपर लीक को 'शर्मनाक' बताया और कहा कि यह 25 लाख बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लीक का फायदा उठाने वाले उम्मीदवार अब डॉक्टर बनकर इलाज कर रहे हैं।
नीट पेपर लीक से कितने छात्र प्रभावित हुए?
कांग्रेस नेता संतोष सिंह सलूजा के अनुसार 2026 की नीट परीक्षा में लगभग 23 लाख छात्रों ने भाग लिया था, जो अब परीक्षा रद्द होने के बाद अनिश्चितता में हैं। आप नेता सौरभ भारद्वाज ने नीट में करीब 25 लाख परीक्षार्थियों का उल्लेख किया।
क्या सुप्रीम कोर्ट ने नीट परीक्षा रद्द करने का आदेश दिया था?
सौरभ भारद्वाज के अनुसार, कई बार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद नीट परीक्षा रद्द नहीं की गई, जिसे उन्होंने न्यायपालिका का 'ढीला रवैया' बताया। हालाँकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
नीट पेपर लीक पर कांग्रेस का क्या रुख है?
भुवनेश्वर में कांग्रेस नेता संतोष सिंह सलूजा ने कहा कि पिछले साल भी इसी तरह के आरोप लगे थे और इस बार भी परीक्षा रद्द करनी पड़ी। उन्होंने चेताया कि इससे प्रतिभाशाली छात्रों का भविष्य और समय दोनों बर्बाद हो रहे हैं।