नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: प्रियंका चतुर्वेदी का आरोप — 'सिंडिकेट और दलालों की व्यवस्था' जिम्मेदार

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नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: प्रियंका चतुर्वेदी का आरोप — 'सिंडिकेट और दलालों की व्यवस्था' जिम्मेदार

सारांश

नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने सरकार पर सीधा हमला बोला — 'सिंडिकेट और दलालों की व्यवस्था' को जिम्मेदार ठहराते हुए 2024 के पेपर लीक के बाद गठित समिति की रिपोर्ट का हिसाब माँगा। लाखों छात्रों का भविष्य एक बार फिर दाँव पर है।

मुख्य बातें

नीट-यूजी 2026 परीक्षा NTA द्वारा कथित धांधली के कारण रद्द की गई।
प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर 'सिंडिकेट और दलालों की व्यवस्था' को पेपर लीक का जिम्मेदार बताया।
उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा 2024 के नीट लीक के बाद गठित सात सदस्यीय समिति की रिपोर्ट का जवाब माँगा।
लाखों छात्रों को परीक्षा रद्द होने के बाद दोबारा तैयारी करने पर मजबूर होना पड़ेगा।
चतुर्वेदी ने सरकार से निवारक उपाय अपनाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने की माँग की।

शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने मंगलवार, 12 मई 2026 को आरोप लगाया कि नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक के पीछे एक संगठित 'सिंडिकेट' और 'दलालों की व्यवस्था' काम कर रही है, जो कथित तौर पर सरकार के शासन में बेखौफ होकर सक्रिय है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा कथित धांधली के चलते परीक्षा रद्द किए जाने के बाद चतुर्वेदी की यह प्रतिक्रिया सामने आई है।

मुख्य आरोप और बयान

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि एक प्रश्नपत्र लीक करने वाला सिंडिकेट और दलालों की व्यवस्था बनाई गई है, जो इस सरकार के शासन में बेखौफ होकर काम कर रही है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर जवाबदेही न लेने का आरोप लगाते हुए इसे

संपादकीय दृष्टिकोण

'सिंडिकेट' के आरोप राजनीतिक बयानबाजी बनकर रह जाएंगे।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट-यूजी 2026 परीक्षा क्यों रद्द की गई?
नीट-यूजी 2026 परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा कथित धांधली और प्रश्नपत्र लीक की वजह से रद्द की गई। इससे परीक्षा में शामिल हुए लाखों छात्रों को दोबारा तैयारी करनी पड़ेगी।
प्रियंका चतुर्वेदी ने 'सिंडिकेट' से क्या आशय लिया?
शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि एक संगठित सिंडिकेट और दलालों की व्यवस्था प्रश्नपत्र लीक करने का काम कर रही है, जो कथित तौर पर सरकार के शासनकाल में बेखौफ होकर सक्रिय है। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार को जवाबदेह ठहराया।
2024 के नीट पेपर लीक के बाद क्या कदम उठाए गए थे?
2024 के नीट-यूजी पेपर लीक कांड के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NTA को मजबूत करने के लिए एक सात सदस्यीय समिति गठित करने की घोषणा की थी। प्रियंका चतुर्वेदी ने सवाल उठाया है कि उस समिति की जाँच रिपोर्ट और उसके परिणाम सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए।
नीट-यूजी 2026 रद्द होने से छात्रों पर क्या असर पड़ेगा?
परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों को घंटों की मेहनत के बावजूद दोबारा तैयारी करनी पड़ेगी। चतुर्वेदी ने उन छात्रों और उनके माता-पिता की मानसिक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है, जिन्होंने मेडिकल प्रवेश के लिए लंबे समय तक कठिन परिश्रम किया।
सरकार पर जवाबदेही का सवाल क्यों उठ रहा है?
प्रियंका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि यही सरकार और यही शिक्षा मंत्री 2024 के नीट पेपर लीक के समय भी सत्ता में थे और तब भी जवाबदेही सुनिश्चित नहीं हुई। उन्होंने पूछा कि निवारक उपाय क्यों नहीं अपनाए गए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
राष्ट्र प्रेस