नीट पेपर लीक 2026: कांग्रेस का BJP पर हमला, 22 लाख छात्रों की परीक्षा रद्द
सारांश
नीट पेपर लीक का सिलसिला 2026 में फिर दोहराया गया — 22 लाख छात्रों की परीक्षा रद्द। कांग्रेस का दावा है कि BJP सरकार में यह चौथी बार हुआ और 2024 के दोषी अभी भी बाहर हैं। छात्रों के भविष्य पर उठते सवाल अब सिर्फ शिक्षा नहीं, जवाबदेही की लड़ाई बन चुके हैं।
मुख्य बातें
12 मई 2026 को नीट पेपर लीक के कारण 22 लाख छात्रों की परीक्षा रद्द की गई।
राज्यसभा सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि BJP सरकार में यह चौथी बार ( 2016, 2021, 2024 और 2026 ) नीट पेपर लीक हुआ है।
कांग्रेस नेता गुलाम अहमद मीर ने पेपर लीक के जिम्मेदार अधिकारियों से इस्तीफे की मांग की।
गोहिल ने आरोप लगाया कि 2024 के लीक मामले में पकड़े गए आरोपी अभी भी बाहर हैं।
कांग्रेस ने एनएसयूआई के छात्र आंदोलन की सराहना की और युवाओं की आवाज़ को गंभीरता से लेने की अपील की।
नई दिल्ली में मंगलवार, 12 मई 2026 को नीट पेपर लीक का एक और मामला सामने आने के बाद 22 लाख छात्रों की परीक्षा रद्द कर दी गई, जिससे राजनीतिक घमासान तेज हो गया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के संरक्षण में पेपर लीक का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।
कांग्रेस के गंभीर आरोप
राज्यसभा सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
2021, 2024 और अब 2026 — महज़ प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि संरचनागत जवाबदेही के अभाव का प्रमाण है। हर बार सीबीआई जांच और नई परीक्षा की घोषणा होती है, लेकिन दोषियों को कठोर दंड नहीं मिलता — यही लापरवाही अगले लीक की ज़मीन तैयार करती है। 22 लाख छात्रों की परीक्षा रद्द होना केवल एक आँकड़ा नहीं है; यह लाखों परिवारों की उम्मीदों का टूटना है। जब तक परीक्षा तंत्र में पारदर्शी निगरानी और कठोर दंड व्यवस्था नहीं होगी, राजनीतिक बयानबाज़ी से आगे कुछ नहीं बदलेगा।
RashtraPress
13 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नीट पेपर लीक 2026 में क्या हुआ?
12 मई 2026 को नीट परीक्षा का पेपर लीक होने की खबर सामने आई, जिसके बाद 22 लाख छात्रों की परीक्षा रद्द कर दी गई। कांग्रेस के अनुसार BJP सरकार में यह चौथी बार नीट पेपर लीक हुआ है।
कांग्रेस ने नीट पेपर लीक पर क्या मांग की है?
कांग्रेस नेता गुलाम अहमद मीर ने मांग की कि पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। पार्टी ने सीबीआई जांच और नई परीक्षा को पर्याप्त समाधान नहीं माना।
इससे पहले नीट पेपर लीक कब-कब हुआ है?
राज्यसभा सांसद शक्ति सिंह गोहिल के अनुसार 2016, 2021, 2024 और 2026 में नीट पेपर लीक हुआ और पूरे एग्जाम को रद्द करना पड़ा। 2024 के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने भी संज्ञान लिया था।
2024 के नीट पेपर लीक मामले में क्या हुआ?
कांग्रेस के अनुसार 2024 में पकड़े गए आरोपी सत्ताधारी दल के नेताओं से जुड़े थे और वे अभी भी बाहर हैं। गोहिल ने कहा कि यदि 2024 में सही कार्रवाई हुई होती तो 2026 में यह स्थिति नहीं आती।
एनएसयूआई की इस मामले में क्या भूमिका है?
शक्ति सिंह गोहिल ने एनएसयूआई के छात्र आंदोलन की सराहना की और कहा कि छात्रों के इस मुद्दे को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। एनएसयूआई कांग्रेस का छात्र संगठन है।