नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: केजरीवाल का आरोप — 'राजनीतिक संरक्षण और मिलीभगत है असली वजह'

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नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: केजरीवाल का आरोप — 'राजनीतिक संरक्षण और मिलीभगत है असली वजह'

सारांश

नीट-यूजी 2026 का पेपर लीक फिर सुर्खियों में — NTA ने 3 मई की परीक्षा रद्द की और केजरीवाल ने राजनीतिक संरक्षण का आरोप लगाया। 2017 से लेकर 2026 तक बार-बार हुए लीक यह सवाल उठाते हैं कि आखिर व्यवस्था में सुधार क्यों नहीं हो पा रहा।

मुख्य बातें

NTA ने 12 मई 2026 को 3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा अनियमितताओं के कारण रद्द की।
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण और मिलीभगत पेपर लीक की असली वजह है।
नीट पेपर लीक की घटनाएँ 2017, 2021, 2024 और 2026 में बार-बार हुई हैं।
केजरीवाल ने परीक्षा संचालन में विफल उच्च पदाधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की।
प्रभावित छात्रों से एकजुट होकर पेपर लीक माफिया के खिलाफ लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार, 12 मई 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि शीर्ष स्तर पर मिलीभगत और राजनीतिक संरक्षण ही इस तरह के पेपर लीक के मूल कारण हैं। यह बयान उस दिन आया जब राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने 3 मई को आयोजित नीट परीक्षा को अनियमितताओं की सूचना मिलने के बाद रद्द कर दिया।

NTA का परीक्षा रद्द करने का फैसला

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने 12 मई 2026 को घोषणा की कि 3 मई को हुई नीट-यूजी परीक्षा को केंद्रीय एजेंसियों को परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं की जानकारी मिलने के बाद रद्द किया जा रहा है। लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े इस फैसले ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया।

केजरीवाल के आरोप

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि नीट पेपर लीक की घटनाएँ 2017, 2021, 2024 और अब 2026 में बार-बार हुई हैं, जो दर्शाता है कि यह कोई संयोग नहीं बल्कि व्यवस्थागत विफलता है। उन्होंने केंद्र सरकार पर सवाल दागते हुए कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

2021, 2024 और 2026, हर बार जाँच होती है, हर बार आश्वासन मिलता है, लेकिन व्यवस्था नहीं बदलती। केजरीवाल का 'राजनीतिक संरक्षण' वाला आरोप राजनीतिक रूप से तीखा है, लेकिन असली सवाल यह है कि NTA जैसी संस्था को बार-बार विफल होने के बाद भी संरचनात्मक सुधार से क्यों बचाया जा रहा है। लाखों छात्रों का भविष्य दाँव पर है और सरकार की चुप्पी इस संकट को और गहरा कर रही है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट-यूजी 2026 परीक्षा क्यों रद्द की गई?
NTA को केंद्रीय एजेंसियों से परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं की सूचना मिलने के बाद 3 मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा रद्द कर दी गई। यह फैसला 12 मई 2026 को घोषित किया गया।
केजरीवाल ने नीट पेपर लीक पर क्या आरोप लगाए?
केजरीवाल ने दावा किया कि शीर्ष स्तर पर मिलीभगत और राजनीतिक संरक्षण ही पेपर लीक के मूल कारण हैं। उन्होंने परीक्षा संचालन में विफल उच्च पदाधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और दोषियों को दंडित करने की माँग की।
नीट पेपर लीक पहले कब-कब हुआ है?
केजरीवाल के अनुसार नीट परीक्षा में पेपर लीक की घटनाएँ 2017, 2021, 2024 और अब 2026 में हुई हैं। बार-बार की इन घटनाओं को उन्होंने व्यवस्थागत विफलता का प्रमाण बताया।
अब नीट-यूजी 2026 की नई परीक्षा कब होगी?
NTA द्वारा परीक्षा रद्द किए जाने के बाद नई परीक्षा तिथि की अभी घोषणा नहीं हुई है। लाखों मेडिकल अभ्यर्थी और उनके परिवार नई तिथि के ऐलान का इंतज़ार कर रहे हैं।
केजरीवाल ने प्रभावित छात्रों से क्या कहा?
केजरीवाल ने प्रभावित छात्रों से एकजुट होकर पेपर लीक माफिया के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अगर छात्र अपना गुस्सा और आक्रोश व्यक्त करने के लिए सड़कों पर उतरना चाहते हैं तो वे उनके साथ खड़े हैं।
राष्ट्र प्रेस