तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन रोकने के लिए TVK को समर्थन दिया: माकपा नेता पी. शन्मुगम
सारांश
मुख्य बातें
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की तमिलनाडु इकाई के सचिव पी. शन्मुगम ने शनिवार, 16 मई को स्पष्ट किया कि माकपा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) और विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) द्वारा तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सरकार को दिया गया समर्थन राज्य में राष्ट्रपति शासन की संभावना को रोकने की रणनीतिक कोशिश थी। चेन्नई में ईंधन मूल्य वृद्धि के विरोध में आयोजित एक रैली के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने यह बात कही।
समर्थन का कारण: राजनीतिक स्थिरता
शन्मुगम ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री विजय को दिया गया समर्थन सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीए) का सामूहिक निर्णय नहीं था। यह तीन दलों — माकपा, सीपीआई और वीसीके — का स्वतंत्र फैसला था, जिसका उद्देश्य राजनीतिक स्थिरता बनाए रखना और जनमत की रक्षा करना था।
उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) दोनों ही सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत हासिल करने में विफल रहीं। ऐसे में TVK सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी और उसे सरकार गठन का पहला अवसर मिला।
राष्ट्रपति शासन की आशंका
शन्मुगम ने कहा, 'अगर TVK सरकार बनाने में असफल रहती, तो तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन लागू होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता था।' उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी स्थिति में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को राज्य में अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव बढ़ाने का अवसर मिल सकता था। माकपा नेता के अनुसार, 'हमारा समर्थन जनता के फैसले के खिलाफ जाने वाली किसी भी स्थिति को टालने के लिए था।'
भविष्य का समर्थन प्रदर्शन पर निर्भर
शन्मुगम ने यह भी संकेत दिया कि TVK सरकार को आगे मिलने वाला समर्थन उसके कामकाज और चुनावी वादों को पूरा करने पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री विजय ने लोगों को सुशासन का भरोसा दिया है। अब सरकार को जनता से किए गए वादे पूरे करने होंगे। आगे का समर्थन सरकार के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।'
ईंधन मूल्य वृद्धि पर कड़ा विरोध
इससे पहले विरोध सभा को संबोधित करते हुए शन्मुगम ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में हालिया वृद्धि की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर आम नागरिकों और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ रहा है।
माकपा नेता ने विशेष रूप से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़ने का उल्लेख किया, जिससे होटल उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है — आर्थिक नुकसान, नौकरियों में कटौती और कई प्रतिष्ठानों के बंद होने जैसी स्थिति सामने आ रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से ईंधन कीमतों में की गई बढ़ोतरी तत्काल वापस लेने की माँग की।
आगे क्या
माकपा का यह बयान तमिलनाडु की नई राजनीतिक व्यवस्था में वाम दलों की भूमिका और शर्तों को स्पष्ट करता है। TVK सरकार के लिए यह एक स्पष्ट संकेत है कि सहयोगी दलों का समर्थन बिना शर्त नहीं है और सरकार के प्रदर्शन की निगरानी जारी रहेगी।