कोलकाता के गरिया में भाजपा कार्यकर्ता पर दिनदहाड़े चाकू से हमला, उंगली का हिस्सा कटा
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके गरिया में शनिवार, 16 मई को दिनदहाड़े एक भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ता पर कथित तौर पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिसमें उसकी एक उंगली का हिस्सा कट गया। घटना सेरामपुर रोड स्थित वैली पार्क के पास एक किराने की दुकान के सामने हुई और इसके बाद इलाके में तनाव फैल गया।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, एक ही मोहल्ले के दो निवासियों — एक बुजुर्ग व्यक्ति और पिंटू नामक एक स्थानीय युवक — के बीच किराने की दुकान पर कहासुनी हो गई। पिंटू को BJP से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, जबकि बुजुर्ग व्यक्ति को कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) का समर्थक बताया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बुजुर्ग व्यक्ति पहले मौके से चला गया और कुछ देर बाद एक अन्य साथी के साथ लौटा। इसके बाद दोनों ने मिलकर पिंटू पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमलावरों ने पहले उसके सीने और पीठ पर वार किए।
घायल की स्थिति
जब पिंटू भागने की कोशिश कर रहा था, तो आरोपियों ने उसका पीछा किया और दोबारा हमला करने की कोशिश की। अपने हाथों से खुद को बचाने की कोशिश में उसकी एक उंगली का कुछ हिस्सा कट गया। खून बहता देख वह पास के एक घर में घुस गया, जहाँ घर की महिलाओं ने उसके घायल हाथ पर कपड़ा लपेटकर खून रोकने की कोशिश की। इसके बाद उसे इलाज के लिए नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस की प्रतिक्रिया
घटना की शिकायत स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज कराई गई है। कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया गया है। अधिकारी ने कहा, 'शिकायत प्राप्त हुई है। हम आरोपियों की तलाश कर रहे हैं। जाँच जारी है।' हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
इलाके में तनाव
इस घटना के बाद गरिया के वैली पार्क इलाके में तनाव और दहशत का माहौल बन गया। एक स्थानीय निवासी ने बताया, 'दोनों एक ही मोहल्ले के रहने वाले हैं। किसी बात पर उनका झगड़ा हुआ। फिर अचानक उस पर चाकू से हमला कर दिया गया। हम उसे तुरंत अस्पताल ले गए, जहाँ उसका इलाज चल रहा है।' यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही बना हुआ है।
आगे क्या
पुलिस का तलाशी अभियान जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। मामले की राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पर स्थिति को नियंत्रण में रखने का दबाव है।