पानीहाटी में भाजपा कार्यकर्ताओं पर बम हमला, पाँच गंभीर घायल; सुवेंदु के सहायक की हत्या के बाद तनाव
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी इलाके में 7 मई की आधी रात के बाद बाइक सवार बदमाशों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं पर देसी बम फेंके, जिसमें पाँच कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, यह हमला पानीहाटी नगरपालिका के वार्ड नंबर-2 स्थित दत्ता रोड पर हुआ, और यह घटना विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के कुछ घंटों बाद सामने आई।
घटना का विवरण
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ भाजपा कार्यकर्ता उस समय स्थानीय निवासियों से बातचीत कर रहे थे, जब बाइक पर सवार चार बदमाश वहाँ आए और उन पर तीन देसी बम फेंके। हमलावर बम फेंकने के बाद मौके से फरार हो गए। घायलों को गंभीर हालत में आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है।
पुलिस की प्रतिक्रिया और तैनाती
सूचना मिलते ही खड़दहा थाने की पुलिस मौके पर पहुँची। इलाके में तनाव को देखते हुए केंद्रीय बलों को भी तैनात किया गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेकर गश्त शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
भाजपा नेता और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ''राज्य में पिछले 15 साल से बदले की राजनीति चल रही है। यह 15 साल के महा जंगलराज का नतीजा है। बीती रात खड़दहा में बमबारी हुई और बसीरहाट में भाजपा कार्यकर्ताओं को गोली मारी गई। हिंसा के जिम्मेदार लोगों को छोड़ा नहीं जाएगा।'' भाजपा ने आरोप लगाया है कि इस हमले के पीछे तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े बदमाशों का हाथ है। हालाँकि, तृणमूल कांग्रेस ने अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
चुनाव बाद हिंसा का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि 4 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से राज्य के अलग-अलग हिस्सों से चुनाव बाद हिंसा की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। कुछ स्थानों पर तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट, पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ और पोस्टर फाड़ने की घटनाएँ हुई हैं, वहीं कई जगह भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि पानीहाटी, मध्यग्राम से करीब 7 किलोमीटर दूर है — वही मध्यग्राम जहाँ सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की घर लौटते समय गोली मारकर हत्या की गई थी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों तक पहुँच पाती है या नहीं, और क्या राजनीतिक हिंसा का यह सिलसिला थमता है।