सुवेंदु अधिकारी का दावा: 'भाजपा से जुड़े होने के कारण हुई पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या', टीएमसी पर गंभीर आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने 7 मई को कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान अपने पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की हत्या को राजनीतिक कारणों से जोड़ा और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं पर पश्चिम बंगाल में हिंसा फैलाने का आरोप लगाया। अधिकारी ने दावा किया कि रथ को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वे उनके करीबी सहयोगी और एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट थे।
हत्या का कारण क्या बताया अधिकारी ने
अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "चंद्रनाथ रथ की हत्या का सिर्फ एक ही कारण है — वह भाजपा के सुवेंदु अधिकारी के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट थे और सुवेंदु अधिकारी ने बंगाल विधानसभा चुनाव में भवानीपुर में ममता बनर्जी को हराया था।" उन्होंने कहा कि हत्या की जांच संबंधित एजेंसियाँ करेंगी, लेकिन राजनीतिक मंशा स्पष्ट है।
अधिकारी ने यह भी कहा कि वे पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और परिवार की माँग है कि आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
पोस्टमॉर्टम में चार गोलियाँ मिलीं
अधिकारी के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चंद्रनाथ रथ के शरीर से चार गोलियाँ निकाले जाने की बात सामने आई है और हत्या बहुत करीब से की गई। उन्होंने इसे 'शातिर अपराधियों' का काम बताया। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि पुलिस महानिदेशक (DGP) ने जाँच में महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद होने की पुष्टि की है।
9 मई की शपथ से पहले हिंसा का आरोप
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि 9 मई को नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से पहले ममता बनर्जी अपने भतीजे के साथ बैठकें करके पूरे बंगाल में कानून-व्यवस्था तोड़ने की साजिश रच रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में राजनीतिक तनाव चरम पर है।
अधिकारी ने कहा, "9 मई के बाद गुंडों और अपराधियों को सरकार सीधा करने का काम करेगी।" उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ भी पहले ऐसी स्थिति थी, लेकिन बाद में कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ।
कानून-व्यवस्था पर भाजपा का संकल्प
अधिकारी ने संकल्प जताया कि भाजपा के सत्ता में आने पर पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था सुधारी जाएगी और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि यह कोई पहली बार नहीं है जब बंगाल में चुनाव के बाद राजनीतिक हिंसा के आरोप सामने आए हों — राज्य में यह एक दीर्घकालिक विवाद का विषय रहा है। मामले की जाँच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है।