सुवेंदु अधिकारी के सबसे विश्वस्त सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या, सात साल तक रहे परछाई
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल भाजपा के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के सबसे करीबी और भरोसेमंद सहयोगी चंद्रनाथ रथ की 7 मई 2026 को हत्या कर दी गई। कोलकाता में यह खबर सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया। परिवार के सदस्यों के अनुसार, चंद्रनाथ रथ छात्र जीवन से ही गहरी आध्यात्मिक प्रवृत्ति के थे और एक समय उन्होंने संन्यासी बनने की इच्छा भी जताई थी।
कौन थे चंद्रनाथ रथ
पूर्वी मिदनापुर जिले के निवासी चंद्रनाथ रथ (42) भारतीय वायुसेना के पूर्व कर्मी थे। उन्होंने करीब 18 वर्षों तक वायुसेना में देश की सेवा की। 2019 में सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने सुवेंदु अधिकारी के पूर्णकालिक निजी सहायक के रूप में कार्यभार संभाला। उस समय अधिकारी, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार में मंत्री पद पर थे।
अधिकारी परिवार से पुराना नाता
गौरतलब है कि पूर्वी मिदनापुर सुवेंदु अधिकारी का भी गृह जिला है। रथ का परिवार लंबे समय से अधिकारी परिवार के करीब रहा था। जब अधिकारी TMC में थे, तब भी यह परिवार उनके साथ खड़ा रहा। 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले जब सुवेंदु अधिकारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए, तो चंद्रनाथ रथ उनकी परछाई की तरह उनके साथ चले आए।
सात साल में बने राजनीतिक जीवन का अहम हिस्सा
2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को हराकर जीतने के बाद सुवेंदु अधिकारी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बने और उन्होंने रथ को अपना निजी सहायक नियुक्त किया। अधिकारी का व्यस्त कार्यक्रम तय करना, फाइलों की देखभाल, बैठकों की तैयारी कराना और फोन संभालना — बीते सात वर्षों में रथ इन सभी ज़िम्मेदारियों को बखूबी निभाते रहे। वह अधिकारी के राजनीतिक जीवन का अविभाज्य अंग बन गए थे।
मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुँचने की थी संभावना
इस साल के विधानसभा चुनाव से पहले मीडिया और अधिकारी के करीबी लोगों के बीच यह चर्चा थी कि यदि पश्चिम बंगाल में BJP की सरकार बनती है और सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बनते हैं, तो चंद्रनाथ रथ निश्चित रूप से मुख्यमंत्री के कार्यकारी सहायक बनाए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में BJP ने बड़ी जीत हासिल की है और सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर विधानसभा सीट से ममता बनर्जी को हराने के साथ-साथ अपनी पारंपरिक नंदीग्राम सीट से भी जीत दर्ज की।
आगे क्या होगा
चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक हिंसा को लेकर पहले से ही चिंताएँ जताई जा रही हैं। जाँच एजेंसियों की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।