चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: फर्जी नंबर प्लेट वाली गाड़ी से सुनियोजित हमला, बंगाल डीजीपी ने की पुष्टि

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चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: फर्जी नंबर प्लेट वाली गाड़ी से सुनियोजित हमला, बंगाल डीजीपी ने की पुष्टि

सारांश

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के ठीक बाद विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की सुनियोजित हत्या ने राज्य में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। फर्जी नंबर प्लेट, पेशेवर शूटर और मोटरसाइकिल से चुपचाप पीछा — जाँच जितनी आगे बढ़ रही है, सवाल उतने गहरे होते जा रहे हैं।

मुख्य बातें

चंद्रनाथ रथ , विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के PA, की बुधवार देर रात मध्यग्राम के दोहरिया मोड़ पर गोली मारकर हत्या की गई।
बंगाल डीजीपी गुप्ता ने पुष्टि की कि हत्या में इस्तेमाल वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट थी; घटनास्थल से कारतूसों के खोखे बरामद।
पुलिस के अनुसार वारदात पूर्व-नियोजित थी और इसमें पेशेवर शूटर शामिल थे।
BJP नेता समीक भट्टाचार्य ने TMC नेतृत्व पर साजिश का आरोप लगाया; TMC की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक जाँच के ज़रिए आरोपियों की पहचान में जुटी है।

पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की बुधवार देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने पुष्टि की है कि इस वारदात में इस्तेमाल वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। यह हत्या पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के ठीक बाद हुई, जिससे राज्य में राजनीतिक तनाव और गहरा गया है।

घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मध्यग्राम के दोहरिया मोड़ पर चंद्रनाथ रथ की कार को पहले एक चारपहिया वाहन ने रास्ता रोका। इसके साथ ही एक मोटरसाइकिल सवार ने उन पर गोलियाँ चला दीं। बाद की जाँच में सामने आया कि उनकी कार का चुपचाप एक मोटरसाइकिल से पीछा किया जा रहा था, जबकि शुरुआती चश्मदीद बयानों में चारपहिया वाहन द्वारा पीछा किए जाने की बात कही गई थी।

डीजीपी का बयान और जाँच की स्थिति

गुरुवार रात करीब 1:30 बजे राज्य के डीजीपी गुप्ता अस्पताल पहुँचे, जहाँ चंद्रनाथ रथ को गोली लगने के बाद विवासिटी हॉस्पिटल लाया गया था और मृत घोषित किया गया था। डीजीपी ने कहा, ''हत्या में इस्तेमाल की गई गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट थी। घटनास्थल से इस्तेमाल किए गए कारतूसों के खोखे और कुछ कारतूस भी बरामद किए गए हैं। मामले की विस्तृत जाँच जारी है। फिलहाल मैं इससे ज़्यादा जानकारी नहीं दे सकता।'' पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वारदात की सटीक योजना और क्रियान्वयन से स्पष्ट है कि यह पूर्व-नियोजित हत्या थी और इसमें पेशेवर शूटर शामिल थे।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और आरोप-प्रत्यारोप

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता समीक भट्टाचार्य ने इस हत्या के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने दावा किया कि हाल के विधानसभा चुनाव में भारी हार से परेशान होकर यह साजिश रची गई। भट्टाचार्य ने कहा, ''तृणमूल कांग्रेस समर्थित गुंडों ने राज्य के कई इलाकों में भाजपा कार्यकर्ता का भेष धरकर हिंसा शुरू कर दी है। अब उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के निजी सहायक की हत्या कर संदेश देने की कोशिश की है।'' उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव परिणाम और नई कैबिनेट गठन के बीच के अंतरिम काल में कानून-व्यवस्था बनाए रखना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। गौरतलब है कि TMC की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

व्यापक संदर्भ: चुनाव बाद हिंसा का पैटर्न

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से राज्य के कई हिस्सों में तनाव की खबरें आ रही हैं। बंगाल में चुनाव बाद राजनीतिक हिंसा का इतिहास रहा है — 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद भी इसी तरह की घटनाओं ने राष्ट्रीय ध्यान खींचा था। विपक्षी दलों ने राज्यपाल और केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की माँग की है।

आगे क्या होगा

पुलिस फर्जी नंबर प्लेट वाले वाहन और मोटरसाइकिल सवार की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खँगाल रही है। बरामद कारतूसों के खोखों की फोरेंसिक जाँच से हथियार की पहचान हो सकती है। राजनीतिक दबाव और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, जाँच की दिशा और गति आने वाले दिनों में राज्य की कानून-व्यवस्था की परीक्षा लेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बंगाल की चुनाव बाद राजनीति का वह काला अध्याय है जो हर चुनावी चक्र के बाद खुलता है। फर्जी नंबर प्लेट, पेशेवर शूटर और सुनियोजित रणनीति — ये संकेत देते हैं कि यह हत्या किसी सुसंगठित तंत्र का हिस्सा हो सकती है, जिसकी जाँच राज्य पुलिस पर ही छोड़ना पर्याप्त नहीं लगता। 2021 के बाद से बंगाल में चुनाव बाद हिंसा की जो शिकायतें आती रही हैं, उनमें जवाबदेही का घोर अभाव रहा है। असली परीक्षा यह है कि क्या इस बार जाँच राजनीतिक दबाव से परे जाकर दोषियों तक पहुँचती है — या यह मामला भी फाइलों में दफन हो जाता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंद्रनाथ रथ कौन थे और उनकी हत्या कहाँ हुई?
चंद्रनाथ रथ पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) थे। उनकी हत्या बुधवार देर रात मध्यग्राम के दोहरिया मोड़ पर गोली मारकर की गई, जिसके बाद उन्हें विवासिटी हॉस्पिटल ले जाया गया जहाँ उन्हें मृत घोषित किया गया।
हत्या में फर्जी नंबर प्लेट का क्या महत्व है?
बंगाल के डीजीपी गुप्ता ने पुष्टि की कि हत्या में इस्तेमाल वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी, जिससे आरोपियों की पहचान और पकड़ मुश्किल हो जाती है। यह इस बात का संकेत है कि वारदात पूर्व-नियोजित थी और इसे पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया।
पुलिस के अनुसार हत्या कैसे की गई?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, चंद्रनाथ रथ की कार का चुपचाप एक मोटरसाइकिल से पीछा किया जा रहा था। दोहरिया मोड़ पर एक चारपहिया वाहन ने रास्ता रोका और मोटरसाइकिल सवार ने गोलियाँ चला दीं। पुलिस ने इसे पेशेवर शूटरों द्वारा अंजाम दी गई सुनियोजित हत्या करार दिया है।
BJP ने इस हत्या के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया है?
BJP नेता समीक भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेतृत्व पर साजिश का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हाल के विधानसभा चुनाव में भारी हार के बाद TMC समर्थित तत्वों ने यह वारदात की। TMC की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इस मामले की जाँच अब किस दिशा में जा रही है?
पुलिस घटनास्थल से बरामद कारतूसों के खोखों की फोरेंसिक जाँच और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के ज़रिए आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। डीजीपी ने कहा कि विस्तृत जाँच जारी है और अभी अधिक जानकारी साझा करना संभव नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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