चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: BJP सांसद राहुल सिन्हा बोले, 'आतंकी सोच' वाली पार्टी है TMC
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद राजनीतिक तापमान तेज़ी से बढ़ रहा है। BJP नेताओं ने इस घटना को सुनियोजित राजनीतिक हिंसा बताते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
राहुल सिन्हा का TMC पर सीधा हमला
कोलकाता में BJP सांसद राहुल सिन्हा ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि तृणमूल कांग्रेस "आतंकवादी सोच" वाली पार्टी है और जनता ने उसे पूरी तरह नकार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भवानीपुर से ममता बनर्जी की हार के बाद भी उन्होंने जनता के जनादेश को स्वीकार नहीं किया और इस्तीफा देने से इनकार कर दिया।
सिन्हा ने दावा किया कि जब TMC को लगा कि उनके पास कोई राजनीतिक रास्ता शेष नहीं है, तब उन्होंने हिंसा और आतंक का सहारा लिया। उन्होंने कहा कि चंद्रनाथ रथ को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया गया और इस पूरी घटना की रणनीति TMC आलाकमान स्तर पर बनाई गई थी।
BJP सांसद ने यह भी कहा कि TMC एक हिंसावादी दल है, जिसके पीछे "गुंडा व समाज विरोधी तत्व" सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि हत्या की जाँच जारी है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा तथा इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
अन्य BJP नेताओं की प्रतिक्रिया
हैदराबाद में BJP के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की। उनके अनुसार, सुवेंदु अधिकारी के पीए पर हमला TMC की राजनीतिक असहिष्णुता का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि TMC हमेशा से हिंसा की राजनीति करती रही है और संविधान का सम्मान नहीं करती।
रामचंद्र राव ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी पहले TMC को "गुंडा पार्टी" बता चुके हैं, लेकिन अब दोनों दल BJP के खिलाफ एकजुट नज़र आ रहे हैं — जिसे उन्होंने राजनीतिक अवसरवाद करार दिया।
पटना से भी उठी आवाज़
पटना में BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि चंद्रनाथ रथ हमेशा सुवेंदु अधिकारी के साथ रहते थे और उनकी हत्या बेहद दुखद घटना है। उन्होंने चेतावनी दी कि अब पश्चिम बंगाल में BJP की सरकार बनने जा रही है और अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
सरावगी ने कहा कि चाहे आरोपी कहीं भी छिपे हों, उन्हें खोजकर कानून के दायरे में लाया जाएगा। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा की घटनाएँ लगातार चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
आगे क्या होगा
हत्याकांड की जाँच फिलहाल जारी है। BJP नेताओं ने केंद्रीय एजेंसियों से निष्पक्ष जाँच की माँग की है। यह मामला पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा के व्यापक सवाल को एक बार फिर राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ले आया है।