चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: धर्मेंद्र प्रधान बोले— टीएमसी की राजनीतिक हिंसा लोकतंत्र पर सीधा हमला

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चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: धर्मेंद्र प्रधान बोले— टीएमसी की राजनीतिक हिंसा लोकतंत्र पर सीधा हमला

सारांश

भाजपा नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक हिंसा को फिर केंद्र में ला दिया है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इसे टीएमसी की सुनियोजित आतंक रणनीति बताते हुए जवाबदेही की माँग की — यह बंगाल में सत्ता और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव की नई कड़ी है।

मुख्य बातें

चंद्रनाथ रथ , भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक, की पश्चिम बंगाल में हत्या कर दी गई।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इसे टीएमसी के गुंडों द्वारा अंजाम दिया गया "निर्मम, बर्बर और कायरतापूर्ण हत्याकांड" बताया।
प्रधान ने आरोप लगाया कि यह एकाकी घटना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक विरोध को कुचलने की "सोची-समझी रणनीति" है।
उन्होंने चेतावनी दी कि हिंसा के लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति — अपराधी या संरक्षक — कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाएगा।
यह घटना पश्चिम बंगाल में भाजपा-टीएमसी राजनीतिक टकराव के गहराते संदर्भ में सामने आई है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 7 मई 2026 को पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के गुंडों द्वारा अंजाम दिया गया "निर्मम, बर्बर और कायरतापूर्ण हत्याकांड" करार दिया। प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस घटना की कड़ी निंदा की और पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

मंत्री प्रधान ने क्या कहा

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने बयान में कहा, "सुवेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की नृशंस हत्या पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और टीएमसी द्वारा फैलाई गई खूनखराबे वाली राजनीतिक संस्कृति की एक और भयावह याद दिलाती है।" उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों को बार-बार निशाना बनाया गया है, सिर्फ इसलिए क्योंकि उन्होंने "टीएमसी की डर और धमकियों वाली राजनीति के आगे झुकने से इनकार" किया।

प्रधान ने इस हिंसा को एकाकी घटना मानने से इनकार करते हुए कहा, "यह कोई इक्का-दुक्का हिंसा की घटना नहीं है, बल्कि यह आतंक का एक सोची-समझी रणनीति के तहत बनाया गया तंत्र है, जिसका मकसद लोकतांत्रिक विरोध को कुचलना है।"

टीएमसी पर सीधा हमला

केंद्रीय मंत्री ने ममता बनर्जी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल पर टीएमसी की पकड़ लगातार कमज़ोर होने के कारण उनकी हताशा "अब अपने सबसे बदसूरत रूप में सामने आ रही है।" उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी विचारधारा और जनता के भरोसे का लोकतांत्रिक तरीके से मुकाबला करने में असमर्थ होने के चलते "धमकियों, क्रूरता और राजनीतिक खूनखराबे का सहारा" ले रही है।

प्रधान ने कहा, "आज राज्य जो देख रहा है, वह खुद लोकतंत्र पर एक सीधा हमला है, जहाँ असहमति का जवाब हिंसा से दिया जाता है और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को हत्या का बहाना बना लिया जाता है।"

जवाबदेही की माँग

धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "लोकतंत्र में हिंसा और बदले की भावना के लिए कोई जगह नहीं है।" उन्होंने चेतावनी दी कि "राजनीतिक हिंसा की हर घटना और उसके लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति — चाहे वह अपराधी हो या उन्हें बचाने वाला — कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाएगा।" उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल की जनता "डर और खूनखराबे पर टिकी इस राजनीति को अब और बर्दाश्त नहीं करेगी।"

शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदनाएं

मंत्री ने चंद्रनाथ रथ और अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं के बलिदान को "न भुलाए जाने" का संकल्प लेते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में "शांति, सुरक्षा और सच्चे लोकतांत्रिक मूल्यों को बहाल करने की लड़ाई पूरे दृढ़ संकल्प के साथ जारी रहेगी।" उन्होंने पीड़ित के शोकाकुल परिवार और प्रियजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और ईश्वर से उनकी आत्मा को शांति देने की प्रार्थना की।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज़ होती जा रही है और विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में भाजपा व टीएमसी के बीच टकराव गहराता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उसी पुरानी पटकथा की पुनरावृत्ति भी है — भाजपा केंद्र से बंगाल की हिंसा को उठाती है, टीएमसी जवाबी आरोप लगाती है, और जाँच की गति कछुए जैसी रहती है। असली सवाल यह है कि क्या केंद्र सरकार इस बार महज बयानबाज़ी से आगे बढ़कर राज्य में कानून-व्यवस्था की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संवैधानिक तंत्र का उपयोग करेगी। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा का इतिहास दशकों पुराना है और इसमें सभी दलों की भूमिका रही है — इस संदर्भ को नज़रअंदाज़ करना एकपक्षीय आख्यान को बढ़ावा देना है। जब तक स्वतंत्र जाँच और त्वरित न्याय नहीं होगा, ऐसे बयान शोक से अधिक चुनावी हथियार लगते हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंद्रनाथ रथ कौन थे और उनकी हत्या कहाँ हुई?
चंद्रनाथ रथ पश्चिम बंगाल में भाजपा विधानसभा नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक थे। उनकी हत्या पश्चिम बंगाल में हुई, जिसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
धर्मेंद्र प्रधान ने इस हत्याकांड पर क्या कहा?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इसे टीएमसी के गुंडों द्वारा अंजाम दिया गया निर्मम और कायरतापूर्ण हत्याकांड बताया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक विरोध को कुचलने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा करार दिया।
क्या पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले पहले भी हुए हैं?
धर्मेंद्र प्रधान के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों को बार-बार निशाना बनाया गया है। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा का इतिहास लंबा रहा है और यह मुद्दा राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बनता रहा है।
इस हत्याकांड में जवाबदेही की माँग किसने की?
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने माँग की कि हिंसा के लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति — चाहे अपराधी हो या संरक्षक — कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाए। उन्होंने कहा कि चंद्रनाथ रथ के बलिदान को न भुलाया जाएगा और न व्यर्थ जाने दिया जाएगा।
इस घटना का पश्चिम बंगाल की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब भाजपा और टीएमसी के बीच राजनीतिक टकराव पहले से तीव्र है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की घटनाएं आगामी चुनावी माहौल में और अधिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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