पश्चिम बंगाल की बेटियों के लिए नई उम्मीद: धर्मेंद्र प्रधान का बयान

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पश्चिम बंगाल की बेटियों के लिए नई उम्मीद: धर्मेंद्र प्रधान का बयान

सारांश

धर्मेंद्र प्रधान ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की उम्मीदवार रत्ना देबनाथ के चयन पर प्रतिक्रिया दी, कहा कि अब बेटियों को चुप नहीं कराया जाएगा। यह एक बड़ा आंदोलन है जो न्याय और सम्मान की मांग कर रहा है।

Key Takeaways

  • धर्मेंद्र प्रधान ने पश्चिम बंगाल की बेटियों की आवाज को उठाने का किया वादा।
  • रत्ना देबनाथ की उम्मीदवारी एक बड़ा आंदोलन है।
  • महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर टीएमसी की नाकामियों का जिक्र।
  • सीबीआई जांच ने कोलकाता पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराया।
  • राजनीति में महिलाओं के मुद्दों की अहमियत बढ़ी।

कोलकाता, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को आरजी कर पीड़िता की मां को पानीहाटी से उम्मीदवार बनाए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि रत्ना देबनाथ का पानीहाटी से भाजपा के साथ चुनावी मैदान में उतरना केवल एक उम्मीदवारी नहीं है, बल्कि यह एक मजबूत संकेत है कि पश्चिम बंगाल की बेटियों को अब चुप नहीं कराया जाएगा।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि एक मां का दुख अब न्याय की एक अटूट कोशिश में बदल गया है। उनकी आवाज अब पूरे राज्य में न्याय, सम्मान और महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक आंदोलन बन गई है। ममता बनर्जी और टीएमसी की बार-बार की नाकामियों ने जनता का भरोसा तोड़ दिया है। उनके शासन में, अनगिनत आवाजें अनसुनी हो गईं। हर आवाज उस सिस्टम की याद दिलाती है, जिसने अपनी बेटियों को निराश किया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह केवल एक चुनाव नहीं है, यह एक नैतिक जिम्मेदारी का हिसाब-किताब है। एक मां की हिम्मत अब टूटे हुए सिस्टम के खिलाफ सीधी चुनौती बन गई है, जो बंगाल की हर बेटी के लिए न्याय, जवाबदेही और स्थायी बदलाव की सामूहिक मांग में बदल चुकी है।

दूसरी ओर, टीएमसी नेता कुणाल घोष ने एक वीडियो जारी कर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आरजी कर की पीड़िता की मां भाजपा की प्रत्याशी बन गई हैं। इसका हम पूरा सम्मान करते हैं और सहानुभूति है, लेकिन उन्होंने अपना सम्मान खो दिया है। पीड़िता के साथ हुए दुष्कर्म की हम निंदा करते हैं। कोलकाता पुलिस ने २४ घंटे के अंदर दोषी को गिरफ्तार किया। पीड़िता के माता-पिता ने सीबीआई जांच की मांग की थी। इस मामले पर सीबीआई की जांच भी हुई।

उन्होंने कहा कि सीबीआई ने कोलकाता पुलिस की जांच को सही ठहराया, और ट्रायल कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी इस जांच को मॉनिटर किया और सही ठहराया। इसके बाद माता-पिता सीबीआई जांच से भी संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने कहा कि सीबीआई किसके अधीन आती है। सीबीआई भाजपा के अधीन आती है। अब वह भाजपा की उम्मीदवार बन गई हैं।

Point of View

लेकिन इसे समाज में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय के मुद्दों से भी जोड़ा जाना चाहिए। यह एक ऐसा समय है जब महिलाओं की आवाज़ें सुनाई देनी चाहिए।
NationPress
26/03/2026

Frequently Asked Questions

आरजी कर पीड़िता कौन हैं?
आरजी कर पीड़िता वह महिला हैं जिनके साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी, जिसके बाद उनके माता-पिता ने न्याय की मांग की थी।
धर्मेंद्र प्रधान का बयान किस संदर्भ में है?
धर्मेंद्र प्रधान का बयान भाजपा द्वारा आरजी कर पीड़िता की मां को उम्मीदवार बनाए जाने के संदर्भ में है।
टीएमसी ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा की उम्मीदवार बनना उनके सम्मान को प्रभावित करता है।
सीबीआई जांच के परिणाम क्या थे?
सीबीआई ने कोलकाता पुलिस की जांच को सही ठहराया, लेकिन पीड़िता के माता-पिता इससे संतुष्ट नहीं थे।
क्या यह चुनावी राजनीति का हिस्सा है?
हाँ, यह चुनावी राजनीति का हिस्सा है जहाँ महिलाओं के मुद्दों को राजनीति के माध्यम से उठाया जा रहा है।
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