सत्ता के लिए ममता बनर्जी किसी भी सीमा तक जा सकती हैं: जगन्नाथ सरकार
सारांश
Key Takeaways
- ममता बनर्जी सत्ता के लिए कुछ भी कर सकती हैं।
- टीएमसी में कोई सुसंगत विचारधारा नहीं है।
- बंगाल की जनता बदलाव चाहती है।
- पीएम मोदी की नीतियों पर जनता का विश्वास।
- ममता बनर्जी संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ बोलती हैं।
नई दिल्ली, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद, टीएमसी ने सभी सीटों पर अपने प्रत्याशियों का नामांकन कर दिया है। भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार ने टीएमसी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ममता बनर्जी सत्ता में बने रहने के लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं।
भाजपा सांसद ने नई दिल्ली में राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कहा कि टीएमसी एक ऐसी पार्टी है, जिसमें कोई सुसंगत विचारधारा नहीं है। यह स्पष्ट है कि टीएमसी में कोई वैचारिक दृष्टिकोण नहीं है। उनका एकमात्र उद्देश्य है: लूटपाट करना और अपनी संपत्ति बनाना।
उन्होंने आगे कहा कि बंगाल की जनता ममता बनर्जी की नीति से ऊब चुकी है। लोग बदलाव की मांग कर रहे हैं और इस बार वे निश्चित रूप से बदलाव के लिए वोट करेंगे।
जगन्नाथ सरकार ने कहा कि हाल ही में पीएम मोदी द्वारा कोलकाता में आयोजित रैली में बंगाल की जनता ने अपार समर्थन दिखाया है, जो उनकी नीतियों पर विश्वास करती है। इसके विपरीत, ममता बनर्जी के धरने में कोई भी नहीं आया और अंततः उन्हें धरना समाप्त करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी द्वारा चुनाव से पूर्व की गई घोषणाएं केवल जनता को गुमराह करने के लिए हैं और जनता इसे अच्छे से समझती है।
जगन्नाथ सरकार ने यह भी कहा कि सीएम ममता बनर्जी ने केवल आईपैक के पक्ष में आंदोलन नहीं किया है, बल्कि वह लगातार संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ बोलती रहती हैं। पहले उन्होंने एसआईआर के खिलाफ लड़ाई की और जो भी काम लोकतंत्र के पक्ष में होता है, वह उसके खिलाफ बोलती हैं। सत्ता में बने रहने के लिए वह बांग्लादेशी मुसलमानों को भी काम पर लगा रही हैं। उनका उद्देश्य है कि कोई भी संवैधानिक संस्था उनके लिए समस्या न बने।
ममता बनर्जी को केवल सत्ता चाहिए और वे इसके लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं।