टीएमसी की बेचैनी: बंगाल में भाजपा की 'परिवर्तन यात्रा' पर तुहिन सिन्हा का बयान
सारांश
Key Takeaways
- टीएमसी की बेचैनी भाजपा की 'परिवर्तन यात्रा' के चलते बढ़ी है।
- प्रधानमंत्री मोदी की रैली पश्चिम बंगाल में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- गैस संकट पर भाजपा का कहना है कि सप्लाई में कोई कमी नहीं है।
- ममता बनर्जी के भविष्य पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
- राजनीतिक माहौल में दोनों पार्टियों के बीच संघर्ष जारी है।
नई दिल्ली, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के नेता तुहिन सिन्हा ने पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब से बंगाल में भाजपा की 'परिवर्तन यात्रा' शुरू हुई है, तब से टीएमसी की बेचैनी बढ़ गई है।
नई दिल्ली में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की कोलकाता में होने वाली रैली के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शनिवार को पीएम मोदी ब्रिगेड मैदान में एक भव्य रैली का आयोजन करेंगे। पिछले 10 दिनों में 'परिवर्तन यात्रा' को मिले समर्थन ने टीएमसी को चिंता में डाल दिया है, जिससे उनकी रातों की नींद उड़ गई है।
भाजपा नेता ने टीएमसी के हालिया कदमों को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि पहले राष्ट्रपति मुर्मु का अपमान किया गया, फिर ममता बनर्जी ने एक सभा में यह कहा कि अगर मैं नहीं रहूंगी तो हिंदू समाज की रक्षा कौन करेगा। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि 'जो टीएमसी को वोट नहीं देता, वह सच्चा बंगाली नहीं है।' इस प्रकार की टिप्पणियाँ उनकी बेचैनी को दर्शाती हैं। अब वे चुनाव आयुक्त को हटाने का प्रस्ताव ला रहे हैं, ममता बनर्जी इससे क्या सिद्ध करना चाहती हैं?
मुझे लगता है कि ममता बनर्जी ने चुनाव से पहले ही हार स्वीकार कर ली है। खबरें हैं कि टीएमसी के सांसद राष्ट्रपति से मिलकर यह बताने का प्रयास कर रहे हैं कि उन्होंने बंगाल में आदिवासियों के लिए क्या किया है। जिस प्रकार से ममता बनर्जी ने आदिवासी समाज से आने वाली महिला राष्ट्रपति का अपमान किया, वह सभी प्रोटोकॉल का उल्लंघन है और इससे केवल नाटक करने के लिए मजबूर होते हैं। टीएमसी की हार साफ नजर आ रही है। मुझे लगता है कि विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले ही ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
गैस संकट पर राहुल गांधी के बयान के संदर्भ में भाजपा नेता ने कहा कि केंद्रीय मंत्री हरदीप पूरी ने स्पष्ट किया है कि पिछले पांच दिनों में गैस उत्पादन में 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। भारत में ऐसा कोई राज्य नहीं है जहाँ गैस सप्लाई में कोई दिक्कत हो। उपभोक्ताओं में चिंता का कारण लंबे समय तक कतारें लगने की समस्या है, लेकिन कहीं भी सप्लाई की कमी नहीं है। सिलेंडर प्राप्त करने में थोड़ी देरी हुई है, लेकिन यह समस्या एक से दो दिनों में हल हो जाएगी। इसके बाद भी विपक्ष इस पर अड़ा हुआ है कि गैस सिलेंडर नहीं है; यह केवल एक अफवाह है। टीएमसी नेता अब्दुल रहमान के पास से 50 सिलेंडर की काली मार्केटिंग हुई है। ऐसे समय में अफवाह फैलाना और काली मार्केटिंग करना एक बड़ा अपराध है। विपक्ष को ऐसी हरकतों से बचना चाहिए।