पानीहाटी में भाजपा की रत्ना देबनाथ ने TMC को 28,836 मतों से हराया, आरजी कर पीड़िता की माँ बनीं विधायक
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के 4 मई 2026 को घोषित परिणामों में पानीहाटी सीट ने सबसे अधिक ध्यान खींचा। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार रत्ना देबनाथ ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीर्थांकर घोष को 28,836 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया। रत्ना देबनाथ आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में बर्बरता की शिकार हुई महिला जूनियर डॉक्टर की माँ हैं, और उनकी यह जीत राज्य के चुनावी इतिहास में एक असाधारण अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है।
पानीहाटी सीट का राजनीतिक महत्व
उत्तर 24 परगना जिले में स्थित पानीहाटी विधानसभा सीट दमदम लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और परंपरागत रूप से TMC का अभेद्य गढ़ मानी जाती रही है। निर्मल घोष ने यहाँ से 2016 और 2021 में लगातार जीत दर्ज की थी। इस बार TMC ने तीर्थांकर घोष को मैदान में उतारा, लेकिन रत्ना देबनाथ की उम्मीदवारी ने समीकरण पूरी तरह बदल दिए।
एक माँ का राजनीति में प्रवेश
रत्ना देबनाथ ने कभी राजनीति में आने की कल्पना नहीं की थी। वह अपने परिवार के साथ एक सामान्य जीवन जी रही थीं। लेकिन आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में उनकी पुत्री के साथ हुई बर्बरता की घटना ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। इस त्रासदी ने उन्हें पहले पानीहाटी की सड़कों पर न्याय के लिए उतारा और अब विधानसभा तक पहुँचाया। उनका स्पष्ट संकल्प था कि वह सिस्टम का हिस्सा बनकर अपनी और दूसरों की बेटियों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करेंगी और किसी के साथ अन्याय नहीं होने देंगी।
महिला मतदाताओं की एकजुटता
चुनाव प्रचार के दौरान एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। अलग-अलग दलों को समर्थन देने वाली महिलाएँ एकजुट होकर रत्ना देबनाथ के साथ खड़ी हो गईं। हर वर्ग की महिलाओं ने उन्हें गले लगाकर, आँसुओं के साथ, न्याय की इस लड़ाई में साथ देने का वादा किया। पीड़िता को 'अभया' के नाम से याद करते हुए हर महिला ने उसे अपनी बेटी माना और रत्ना की जीत को अपनी जीत समझा। यह किसी पार्टी की नहीं, बल्कि एक माँ के लिए महिलाओं की लामबंदी थी, जो चुनाव प्रचार में साफ दिखती थी।
आरजी कर मुद्दा और BJP का चुनावी दाँव
भाजपा ने इस पूरे विधानसभा चुनाव प्रचार में आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में महिला जूनियर डॉक्टर के साथ हुई बर्बरता को प्रमुखता से उठाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया कि सत्ता में आते ही आरजी कर सहित महिलाओं के साथ अत्याचार और दुष्कर्म से जुड़ी तमाम फाइलों को फिर से खोला जाएगा। इस वादे का व्यापक असर मतदाताओं पर पड़ा।
व्यापक चुनावी परिदृश्य
पानीहाटी की इस जीत के साथ-साथ बड़े चुनावी परिदृश्य में भी भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाने की स्थिति में आ गई। वहीं, TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा — यह परिणाम राज्य की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत का संकेत देता है। रत्ना देबनाथ की जीत इस बात का प्रमाण है कि व्यक्तिगत पीड़ा और जनाक्रोश मिलकर किसी भी राजनीतिक किले को ढहा सकते हैं।