पीएम मोदी ने थपथपाई पीठ: आरजीकर पीड़िता की मां बोलीं — बेटी के इंसाफ तक नहीं झुकूंगी
सारांश
Key Takeaways
- रत्ना देबनाथ, आरजीकर पीड़िता की मां, पानीहाटी से भाजपा उम्मीदवार हैं और बेटी के इंसाफ के लिए चुनाव लड़ रही हैं।
- पीएम नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल को पानीहाटी रैली में देबनाथ की हिम्मत की सराहना की और सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया।
- देबनाथ ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार ने आरजीकर मामले की जांच अधूरी छोड़ दी और असली दोषियों तक पहुंचने की कोशिश नहीं की।
- पीएम मोदी ने वादा किया कि भाजपा सरकार बनने पर आरजीकर साजिश में शामिल हर व्यक्ति को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
- देबनाथ का कहना है कि यह अपराध किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि एक बड़ी साजिश का हिस्सा है जिसमें अस्पताल के अंदरूनी लोग भी शामिल थे।
- महिला सुरक्षा इस उपचुनाव का केंद्रीय मुद्दा बन गई है और पानीहाटी का नतीजा राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम होगा।
कोलकाता, 24 अप्रैल — आरजीकर मेडिकल कॉलेज बलात्कार और हत्याकांड की पीड़िता की मां तथा पानीहाटी विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ ने शुक्रवार को खुलासा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर कहा कि वे बड़े साहस और हिम्मत के साथ यह लड़ाई लड़ रही हैं। यह मुलाकात उत्तरी 24 परगना के पानीहाटी में आयोजित विशाल चुनावी जनसभा के दौरान हुई, जो पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव के दूसरे चरण से ठीक पहले की गई।
पीएम मोदी ने रखा सिर पर हाथ, दिया भरोसा
रत्ना देबनाथ ने बताया कि पीएम मोदी ने उनसे कहा कि वे बहुत हिम्मत से लड़ रही हैं। जब उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि वे अपनी बेटी का नाम और तस्वीर दुनिया के सामने लाना चाहती हैं ताकि उसे पहचान और इंसाफ मिले, तो पीएम मोदी ने उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया।
यह भावनात्मक क्षण उस माँ के लिए बड़ा संबल बन गया जो पिछले कई महीनों से अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग करते हुए सड़कों से लेकर अदालत तक लड़ती रही है।
चुनावी मैदान में उतरने की वजह — बेटी का इंसाफ
देबनाथ ने बताया कि उन्होंने राजनीति में कदम रखने का फैसला इसलिए किया क्योंकि वे चाहती हैं कि कोई और माँ उस दर्द को न झेले जो उन्होंने झेला है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के बहुत सारे सपने थे लेकिन एक फोन कॉल ने उनकी पूरी दुनिया तहस-नहस कर दी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके लिए यह चुनाव सिर्फ एक सीट जीतने का मामला नहीं है बल्कि यह उन तमाम बेटियों की आवाज़ बनने का अवसर है जो बुरी राजनीति और व्यवस्था की विफलता का शिकार होती हैं। उन्होंने कहा कि वे तब तक लड़ती रहेंगी जब तक किसी और माता-पिता को ऐसी भयानक स्थिति का सामना न करना पड़े।
ममता सरकार पर गंभीर आरोप — जांच अधूरी छोड़ी
देबनाथ ने बताया कि घटना के चार दिन बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं उनके घर आई थीं और दावा किया था कि असली अपराधी को गिरफ्तार कर लिया गया है। लेकिन रत्ना देबनाथ ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए सवाल उठाया कि जिसे पकड़ा गया वह अस्पताल के बाहर था तो उसे कैसे पता होता कि उनकी बेटी अंदर कहां है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह अपराध किसी एक व्यक्ति का काम नहीं हो सकता और इसके पीछे एक बड़ी साजिश थी जिसमें अस्पताल के भीतर के लोग भी शामिल थे। उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी ने खुद अधिकारियों को अस्पताल के अंदरूनी लोगों की जांच का निर्देश दिया था लेकिन उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
पीएम मोदी का वादा — दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
पीएम मोदी ने पानीहाटी की रैली में साफ कहा कि आरजीकर मेडिकल कॉलेज से जुड़ी इस बड़ी साजिश में शामिल हर व्यक्ति को चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने वादा किया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद दोषियों की पहचान होगी और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।
व्यापक संदर्भ — महिला सुरक्षा बनाम राजनीतिक जवाबदेही
गौरतलब है कि आरजीकर मेडिकल कॉलेज में एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के साथ अगस्त 2023 में हुई बर्बर बलात्कार और हत्या की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच कर रही है लेकिन पीड़िता के परिजन और चिकित्सा समुदाय लगातार यह सवाल उठाते रहे हैं कि क्या सभी दोषियों तक जांच पहुंची है।
यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं बल्कि सरकारी अस्पतालों में महिलाओं की सुरक्षा, राजनीतिक संरक्षण और जांच एजेंसियों की स्वतंत्रता जैसे बड़े सवाल उठाता है। पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा उपचुनाव में यह मुद्दा केंद्रीय भूमिका निभा रहा है और आने वाले दिनों में पानीहाटी सीट का चुनाव परिणाम यह तय करेगा कि जनता ने इस दर्द को राजनीतिक आवाज़ देने के फैसले को स्वीकार किया या नहीं।