थॉमस कप 2025: भारतीय पुरुष टीम ने कनाडा को 4-1 से रौंदा, टूर्नामेंट में धमाकेदार आगाज
सारांश
Key Takeaways
- भारतीय पुरुष टीम ने थॉमस कप 2025 के ग्रुप स्टेज में कनाडा को 4-1 से हराया।
- लक्ष्य सेन कनाडा के विक्टर लाई से 21-18, 19-21, 10-21 से हारे — यह भारत के लिए एकमात्र हार रही।
- सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने 21-10, 21-11 से जीत दर्ज कर टीम को संभाला।
- आयुष शेट्टी ने विश्व के 33वें नंबर के ब्रायन यांग को 39 मिनट में 21-13, 21-17 से हराया।
- किदांबी श्रीकांत ने जोशुआ गुयेन को सिर्फ 31 मिनट में 21-17, 21-12 से हराकर जीत पक्की की।
- भारत का अगला मुकाबला 27 अप्रैल 2025 को ऑस्ट्रेलिया से होगा।
हॉर्सेंस (डेनमार्क), 24 अप्रैल 2025। थॉमस कप फाइनल्स 2025 में भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने शुक्रवार को डेनमार्क के हॉर्सेंस में अपने पहले ग्रुप स्टेज मुकाबले में कनाडा को 4-1 से पराजित करते हुए टूर्नामेंट में विजयी प्रवेश किया। साल 2022 के थॉमस कप चैंपियन भारत ने इस जीत के साथ स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वह इस बार भी खिताब की प्रबल दावेदार है।
मैच की शुरुआत: लक्ष्य सेन को झटका
भारत के स्टार शटलर लक्ष्य सेन ने पहले सिंगल्स मैच में अच्छी शुरुआत की और पहला गेम 21-18 से अपने नाम किया। हालांकि, कनाडा के विक्टर लाई ने शानदार वापसी करते हुए दूसरा गेम 21-19 और तीसरा गेम 21-10 से जीतकर मैच पलट दिया। लक्ष्य की इस हार ने भारतीय शिविर में चिंता जरूर पैदा की, लेकिन बाकी खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन कर टीम को संभाल लिया।
सात्विक-चिराग की जोड़ी ने किया कमाल
दूसरे मैच में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की विश्वस्तरीय डबल्स जोड़ी ने कनाडा के जोनाथन बिंग त्सान लाई और केविन ली को सीधे गेम में 21-10, 21-11 से धराशायी करते हुए स्कोर 1-1 से बराबर किया। इस जोड़ी का दबदबा पूरे मैच में साफ दिखा और उन्होंने एक भी गेम में प्रतिद्वंद्वी को टिकने का मौका नहीं दिया।
तीसरे मैच में एशिया चैंपियनशिप के रनर-अप आयुष शेट्टी ने दुनिया के 33वें नंबर के खिलाड़ी ब्रायन यांग को महज 39 मिनट में 21-13, 21-17 से हराकर भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी। आयुष का यह प्रदर्शन उनकी बढ़ती परिपक्वता और आत्मविश्वास का प्रमाण था।
डबल्स जोड़ी और श्रीकांत ने किया काम तमाम
चौथे मैच में हरिहरन अम्साकारुनन और एम.आर. अर्जुन की दूसरी डबल्स जोड़ी ने कनाडा के लिंडमैन और याकुरा को 21-7, 21-15 से हराकर भारत को 3-1 की अजेय बढ़त दिला दी। इसके बाद पांचवें और अंतिम मैच में किदांबी श्रीकांत ने जोशुआ गुयेन को मात्र 31 मिनट में 21-17, 21-12 से हराकर भारत की जीत को 4-1 से पक्का कर दिया।
ऐतिहासिक संदर्भ और भारत की थॉमस कप विरासत
गौरतलब है कि भारत ने 2022 में थॉमस कप पहली बार जीतकर इतिहास रचा था। उस ऐतिहासिक जीत के बाद से भारतीय बैडमिंटन में एक नया युग शुरू हुआ है। सात्विक-चिराग की जोड़ी विश्व की शीर्ष डबल्स जोड़ियों में शामिल हो चुकी है, जबकि युवा खिलाड़ियों जैसे आयुष शेट्टी का उभरना भारतीय बैडमिंटन की गहरी बेंच स्ट्रेंथ को दर्शाता है।
यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कनाडा जैसी टीम के खिलाफ भी भारत को कड़ी चुनौती मिली — लक्ष्य सेन की हार यह याद दिलाती है कि थॉमस कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में कोई भी मैच आसान नहीं होता। लेकिन टीम की सामूहिक ताकत ने व्यक्तिगत विफलता को दरकिनार कर दिया।
आगे की राह: ऑस्ट्रेलिया से होगा अगला मुकाबला
भारतीय पुरुष टीम का अगला ग्रुप स्टेज मुकाबला 27 अप्रैल 2025 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होगा। ऑस्ट्रेलिया एक प्रतिस्पर्धी टीम है और भारत को उस मैच में भी पूरी तैयारी के साथ उतरना होगा। अगर भारत ग्रुप स्टेज में अपना दबदबा बनाए रखता है, तो नॉकआउट चरण में उसकी स्थिति मजबूत होगी और 2022 के खिताब की पुनरावृत्ति की उम्मीद और बढ़ जाएगी।