मऊ में भीषण सड़क हादसा: नींद में झपकी से स्कॉर्पियो ट्रेलर से टकराई, 5 की मौत

Click to start listening
मऊ में भीषण सड़क हादसा: नींद में झपकी से स्कॉर्पियो ट्रेलर से टकराई, 5 की मौत

सारांश

मऊ के गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर शनिवार रात चालक को झपकी आने से स्कॉर्पियो डिवाइडर से टकराई और ट्रेलर से भिड़ गई। रांची से शादी कर लौट रहे गोरखपुर के परिवार के पांच सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई। ढाई घंटे की मशक्कत के बाद शव बाहर निकाले गए।

Key Takeaways

  • पांच लोगों की मौत — मऊ के गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर शनिवार रात हुए हादसे में सभी पांच यात्रियों की मृत्यु हो गई।
  • चालक को झपकी — रात करीब ढाई बजे थकान के कारण चालक को नींद आई, जिससे स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर डिवाइडर और फिर ट्रेलर से टकराई।
  • रांची से लौट रहा था परिवार — मृतक गोरखपुर निवासी थे जो झारखंड में बेटी की शादी के बाद वापस आ रहे थे।
  • ढाई घंटे का बचाव अभियान — भीषण टक्कर के कारण वाहन काटने में ढाई घंटे लगे, तब तक सभी की मौत हो चुकी थी।
  • दोहरीघाट थाना क्षेत्र के कुसुम्हा बशारतपुर के पास हुई इस दुर्घटना की जांच पुलिस कर रही है।
  • सभी शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजे गए, यातायात बहाल कर दिया गया है।

मऊ, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में शनिवार देर रात गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर एक भीषण सड़क दुर्घटना में पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। दोहरीघाट थाना क्षेत्र के कुसुम्हा बशारतपुर के निकट हुए इस हादसे में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो पहले डिवाइडर से टकराई और फिर सामने से आ रहे ट्रेलर से जा भिड़ी। वाहन में सवार सभी पांचों लोग घटनास्थल पर ही फंस गए और बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

कैसे हुआ हादसा

शनिवार रात ढाई से तीन बजे के बीच गोरखपुर निवासी एक परिवार झारखंड के रांची में बेटी की शादी संपन्न करने के बाद अपनी स्कॉर्पियो से घर वापस लौट रहा था। वाहन में कुल पांच सदस्य सवार थे। जैसे ही गाड़ी कुसुम्हा बशारतपुर के पास पहुंची, थकान के कारण चालक को झपकी आ गई।

नियंत्रण खोने पर स्कॉर्पियो पहले डिवाइडर से टकराई और फिर विपरीत लेन में जा घुसी, जहां सामने से आ रहे ट्रेलर से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तीव्र थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और सभी यात्री अंदर ही दब गए।

बचाव अभियान और पुलिस कार्रवाई

घोसी के क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि देर रात दुर्घटना की सूचना मिलते ही दोहरीघाट पुलिस की टीम तत्काल मौके पर रवाना की गई। घटनास्थल पर पहुंचने पर स्थिति अत्यंत गंभीर पाई गई।

स्थानीय नागरिकों और राहत दल की सहायता से बचाव कार्य शुरू किया गया। टक्कर की भीषणता के कारण वाहन को काटने में लगभग ढाई घंटे का समय लगा। अथक प्रयास के बाद सभी पांचों लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी।

मृतकों की पहचान और परिजनों को सूचना

जानकारी के अनुसार, सभी मृतक गोरखपुर जिले के निवासी थे और रांची में आयोजित पारिवारिक विवाह समारोह से लौट रहे थे। पुलिस ने मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों को सूचित कर दिया है। सभी पांचों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है।

हादसे के बाद मृतकों के गांव और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर फोरलेन पर यातायात बहाल करा दिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

सड़क सुरक्षा और रात्रिकालीन यात्रा का खतरा

यह हादसा एक बार फिर रात्रिकालीन लंबी दूरी की यात्रा के खतरों को उजागर करता है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में एक बड़ा हिस्सा नींद में झपकी और ओवरस्पीडिंग के कारण होता है। उत्तर प्रदेश लगातार सड़क दुर्घटना मृत्यु दर में शीर्ष राज्यों में शामिल रहता है।

गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर इससे पहले भी कई गंभीर हादसे हो चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे पर रम्बल स्ट्रिप्स, पर्याप्त रोशनी और थकान-चेतावनी संकेत जैसे उपाय इस प्रकार की दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोक सकते हैं। प्रशासन से मांग की जा रही है कि इस मार्ग पर सुरक्षा उपायों को और सुदृढ़ किया जाए।

पुलिस मामले की जांच कर रही है और ट्रेलर चालक के विरुद्ध भी कार्रवाई की संभावना है। आने वाले दिनों में मृतक परिवारों को मुआवजे और राज्य सरकार की ओर से सहायता की उम्मीद की जा रही है।

Point of View

बल्कि उत्तर प्रदेश की सड़क सुरक्षा व्यवस्था की विफलता का आईना है। खुशी के मौके से लौटता परिवार रात के अंधेरे में काल का ग्रास बन गया — यह विडंबना तब और गहरी हो जाती है जब हम देखते हैं कि NCRB के आंकड़ों में यूपी बार-बार सड़क मौतों में अव्वल रहता है, फिर भी हाईवे पर थकान-रोधी उपाय नगण्य हैं। फोरलेन बन जाने से रफ्तार बढ़ी, लेकिन सुरक्षा ढांचा उसी पुरानी लापरवाही में अटका है। सवाल यह है कि सरकार कब तक शवों की गिनती करती रहेगी और कब ठोस नीतिगत बदलाव लाएगी?
NationPress
25/04/2026

Frequently Asked Questions

मऊ सड़क हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
मऊ के गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर हुए इस हादसे में कुल पांच लोगों की मौत हुई। सभी मृतक गोरखपुर जिले के निवासी थे जो रांची से शादी समारोह के बाद घर लौट रहे थे।
मऊ का सड़क हादसा कहां और कब हुआ?
यह हादसा शनिवार रात ढाई से तीन बजे के बीच दोहरीघाट थाना क्षेत्र के कुसुम्हा बशारतपुर के पास गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर हुआ। चालक को झपकी आने से स्कॉर्पियो अनियंत्रित हो गई थी।
मऊ हादसे में मरने वाले कौन थे?
सभी पांचों मृतक गोरखपुर जिले के निवासी थे। वे झारखंड के रांची में आयोजित एक पारिवारिक विवाह समारोह से लौट रहे थे और स्कॉर्पियो में सवार थे।
मऊ सड़क दुर्घटना में बचाव कार्य कैसे हुआ?
दोहरीघाट पुलिस और स्थानीय राहत दल ने मिलकर बचाव अभियान चलाया। वाहन को काटने में लगभग ढाई घंटे लगे, जिसके बाद सभी पांचों शव बाहर निकाले गए।
उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों की स्थिति क्या है?
NCRB के आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश सड़क दुर्घटना मृत्यु दर में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है। नींद में झपकी और तेज रफ्तार इन हादसों के प्रमुख कारण हैं।
Nation Press